पारदर्शिता से प्रौद्योगिकी पर भरोसा बढ़ाने में मिल सकती है मदद: फेसबुक

facebook
इंफोसिस के सह संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन और ओमिदयार नेटवर्क इंडिया की प्रबंध निदेशक रूपा कुडवा ने भी कहा कि भारत में स्थानीय भाषाओं व सहायक लेनदेन जैसी सुविधाओं को एकीकृत करके बड़े मूल्यवान व्यवसाय बनाये जा सकते हैं।

नयी दिल्ली। कंपनियों के अपनी रूपरेखा के बारे में अधिक पारदर्शी होने तथा लोगों को संवाद पर उन्हें अधिक नियंत्रण देने से जनता व कंपनियों के बीच तथा और साथ ही पारिस्थितिकी पर भरोसा तैयार करने में मदद मिलेगी। फेसबुक इंडिया के प्रबंध निदेशक अजीत मोहन ने शुक्रवार को यह कहा। इंफोसिस के सह संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन और ओमिदयार नेटवर्क इंडिया की प्रबंध निदेशक रूपा कुडवा ने भी कहा कि भारत में स्थानीय भाषाओं व सहायक लेनदेन जैसी सुविधाओं को एकीकृत करके बड़े मूल्यवान व्यवसाय बनाये जा सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने स्कॉट मॉरिसन ने फेसबुक से खबरों पर रोक हटाने को कहा, PM मोदी से की बात 

नासकॉम के 29वें प्रौद्योगिकी व नेतृत्व फोरम (एनटीएलएफ) के अवसर पर ‘प्रौद्योगिकी में भरोसे को कैसे बनाये रखें’ विषय पर मोहन ने कहा कि कोई भी ऐसी रुपरेखा नहीं चाहता, जो नवाचार को अवरुद्ध करता हो।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़