बुनियादी संरचना विकास, नकदी और महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान देगी सरकार: अनुराग ठाकुर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 25, 2020   21:01
बुनियादी संरचना विकास, नकदी और महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान देगी सरकार: अनुराग ठाकुर

ठाकुर ने यह भी कहा कि इससे बड़ी संख्या में टिकाऊ माध्यमों और आजीविका का सृजन होगा तथा उच्च उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

नयी दिल्ली।  वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान देगी, क्योंकि इसका अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत को एक आत्मनिर्भर देश बनाने के प्रमुख स्तंभों में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण भी एक स्तंभ है, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महीने की शुरुआत में अपने संबोधन में कहा था। पिछले महीने एक सरकारी कार्य बल ने देश में बुनियादी संरचना को बेहतर बनाने और देश में रोजगार पैदा करने के लिये अगले पांच साल में 111 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश की जरूरत का अनुमान लगाया था।

ठाकुर ने कहा कि अर्थव्यवस्था के पहिये को चालू रखने के लिये सरकार यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है इस मुश्किल समय में व्यवसायों के हाथों में पर्याप्त नकदी रहे। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, सरकार का प्रयास अपने खर्च को युक्तिसंगत बनाने औरकोविड-19 महामारी के प्रकोप से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिये चालू वित्त वर्ष में जरूरी चीजों के लिये आवंटन में तेजी लाने का होगा।’’ उन्होंने उदाहरण के लिये कहा कि सरकार ने हाल ही में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के लिये आवंटन बढ़ाकर चालू वित्त वर्ष में 1.01 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचा दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित 20.97 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के तहत कई उपाय किये गये। इन उपायों में मनरेगा के तहत आवंटन बढ़ाना और कृषि क्षेत्र में बुनियादी संरचना के विकास के लिये एक लाख करोड़ रुपये आवंटित करना भी शामिल है। 

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ठाकुर ने कहा, हम अपने खर्च में कटौती नहीं कर रहे हैं ... हम इसे तर्कसंगत बनाएंगे। हमने पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य में ही रखने के लिये मनरेगा के तहत 1.01 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन किया है।’’ उन्होंने कहा, मैं उन्हें प्रवासी श्रमिक नहीं कहता, मैं अतिथि श्रमिक कहूंगा। जब वे अपने गृह राज्य वापस चले गये हैं, तो हम उन्हें वहीं रास्ते उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि वे वहीं फिर से काम शुरू कर सकें। ठाकुर ने यह भी कहा कि इससे बड़ी संख्या में टिकाऊ माध्यमों और आजीविका का सृजन होगा तथा उच्च उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।





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