जीएसटी से देश कर अनुपालन वाला समाज बनेगाः जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली का मानना है कि वस्तु एवं सेवा कर के क्रियान्वयन से न केवल कर चोरी पर अंकुश लगेगा, बल्कि देश को एक अधिक कर अनुपालन वाला समाज बनाने में भी मदद मिलेगी।

बेंगलुरु। वित्त मंत्री अरुण जेटली का मानना है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन से न केवल कर चोरी पर अंकुश लगेगा, बल्कि देश को एक अधिक कर अनुपालन वाला समाज बनाने में भी मदद मिलेगी। जेटली ने आज यहां राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नॉर्कोटिक्स (नासिन) अकादमी के नए परिसर का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से अधिक दक्ष कर होगा। यह एक जो महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा कि इससे न केवल कर अपवंचना पर अंकुश लगेगा, बल्कि देश को अधिक कर अनुपालन वाला समाज बनाने में भी मदद मिलेगी।’’

उन्होंने कहा कि नासिन जैसी प्रशिक्षण अकादमियां केंद्र और राज्यों के कराधान अधिकारियों के बीच उचित संयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जेटली ने कहा कि नया अप्रत्यक्ष कर संघीय भारत का उत्पाद है। ऐसे में राज्यों और केंद्र के कराधान अधिकारियों के बीच संयोजन महत्वपूर्ण है। ऐसे में नासिन जैसी अकादमियों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका हो जाती है। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी के तहत विभिन्न अप्रत्यक्ष करों के समाहित होने के मद्देनजर यह जरूरी हो जाता है कि लोगों के कौशल और ज्ञान को अद्यतन किया जाए। जेटली ने कहा कि कर अधिकारी और करदाता के बीच आमने सामने की बातचीत खत्म होने से उनकी (करदाता) की दिक्कतें कम होंगी और प्रणाली अधिक जवाबदेह बन सकेगी।

जीएसटी परिषद ने पिछले दिनों विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए चार कर स्लैब 5, 12, 18, 28 प्रतिशत को अंतिम रूप दिया है। हालांकि, अभी सोने और कुछ अन्य वस्तुओं की दरों को अंतिम रूप दिया जाना है। सरकार का जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने का इरादा है।

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