होटल- वाहन उद्योग को जीएसटी में राहत, कैफीन युक्त पेय पदार्थों होंगे महंगे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 21, 2019   12:38
होटल- वाहन उद्योग को जीएसटी में राहत, कैफीन युक्त पेय पदार्थों होंगे महंगे

परिषद ने इसी आकार-प्रकार लेकिन 10 से 13 सीटों वाले वाहनों के लिए भी उपकर की दरें घटाकर इसी स्तर पर लाने की सिफारिश की है। अभी इन पर 15 दर की दर से उपकर लगता है।

पणजी। जीएसटी परिषद ने आर्थिक नरमी के बीच विभिन्न उद्योगों को राहत देते हुए होटल और वाहन उद्योग जैसे कुछ क्षेत्रों को कर या उपकर में राहत देने का फैसला किया है। इसके विपरीत, कैफीन वाले पेय पदार्थों तथा रेल गाड़ी के सवारी डिब्बे एवं वैगन पर जीएसटी का बोझ बढ़ाया गया है। नई दरें एक अक्टूबर से लागू होंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में यहां जीएसटी परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में बिस्कुट जैसे उत्पादों पर कर में कटौती की मांग नहीं मानी गई है। जिनमें सुस्त उपभोग और मांग के कारण बिक्री में कमी देखने को मिली थी। वहीं, समुद्री नौकाओं का ईंधन, ग्राइंडर, इमली और कुछ विशेष किस्म के रक्षा उत्पादों पर जीएसटी में छूट दी गई। बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि 1,001 से 7500 रुपये तक के होटल कमरों पर जीएसटी की दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है। वहीं,7,500 रुपये से अधिक के होटल कमरों पर 28 प्रतिशत की जगह पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। एक हजार रुपये से कम के होटल कमरों पर कोई जीएसटी नहीं है। 

इसे भी पढ़ें: ‘इकनॉमिक मैनेजमेंट’ नहीं, ‘इवेंट मैनेजमेंट’ कर रही है मोदी सरकार: कांग्रेस

उन्होंने कहा, जीएसटी दर में कमी की पेशकश की जा रही है, होटल सेवाओं पर जीएसटी में कमी का उद्देश्य होटल कारोबार को बढ़ावा देना है... नतीजतन, होटल सेवाएं अब केवल जीएसटी की तीन श्रेणी के तहत रह गई हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटी परिषद ने 1,500 सीसी के डीजल वाहनों और 1200 सीसी तक के पेट्रोल इंजन वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ लगने वाले उपकर की दर को घटाकर क्रमश: एक और तीन प्रतिशत किया है। इसके साथ शर्त यह है कि इन वाहनों की लंबाई चार मीटर से अधिक न हो और इनमें 9 व्यक्तियों की बैठने की जगह हो। 

इसे भी पढ़ें: कॉरपोरेट कर में कटौती भारतीय बाजार को अधिक आकर्षक बनायेंगे: अमित शाह

परिषद ने इसी आकार-प्रकार लेकिन 10 से 13 सीटों वाले वाहनों के लिए भी उपकर की दरें घटाकर इसी स्तर पर लाने की सिफारिश की है। अभी इन पर 15 दर की दर से उपकर लगता है। जीएसटी परिषद ने 20 वस्तुओं और 12 सेवाओं पर कर की दरों में बदलाव किया है। परिषद ने स्लाइड फास्टनर्स (जिप) पर जीएसटी को 18 से घटाकर 12 प्रतिशत, समुद्री नौकाओं के ईंधन पर 18 प्रतिशत से पांच प्रतिशत, पत्थर की चाक लगे वेट ग्राइंडर पर 12 की जगह पांच प्रतिशत, सूखी इमली और दोने-पत्तल पर जीएसटी को पांच से शून्य किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि हीरा, रूबी, पन्ना या नीलम को छोड़कर अन्य तराशे और पॉलिश किए गए अर्ध मूल्यवान रत्नों पर कर को तीन से घटाकर 0.25 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही भारत में नहीं बनने वाले कुछ विशेष किस्म के रक्षा उत्पादों को भी जीएसटी से छूट दी गई है। 

परिषद ने रेल गाड़ी के सवारी डिब्बे और वैगन पर जीएसटी की दर को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया है। कैफीन वाले पेय पदार्थों पर जीएसटी की वर्तमान 18 प्रतिशत की दर की जगह 28 प्रतिशत की दर से कर और 12 प्रतिशत का अतिरिक्त उपकर लगाया गया है। सीतारमण ने कहा कि बुने/बिना बुने पॉलीएथिलीन थैलियों पर एकसमान 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने इससे पहले शुक्रवार को सुबह पणजी में ही अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए चौथे प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। इसमें घरेलू कंपनियों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और विनिर्माण क्षेत्र में नई इकाइयां स्थापित करने वाले निवेशकों के लिए कर में बड़ी रियायत दी गई है। कॉरपोरेट कर की दर को बिना किसी छूट के घटाकर 22 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है जबकि विनिर्माण क्षेत्र में एक अक्टूबर 2019 से स्थापित इकाइयों पर कर की दर को 15 प्रतिशत किया गया है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कठिन वैश्विक और स्थानीय परिस्थितियों के बीच देश की आर्थिक वृद्धि दर गिरकर पांच प्रतिशत रह गई है। यह छह साल का निचला स्तर है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।