अब 'रंग' को कहिए Lovely और 'फेयर' को किजिए Bye! जानिए HUL ने क्यों किया नाम में बदलाव

अब 'रंग' को कहिए Lovely और 'फेयर' को किजिए Bye!  जानिए HUL ने क्यों किया नाम में बदलाव

जिस क्रीम को आप अपने चेहरे पर इस्तेमाल करते है उसका इतिहास काफी पुराना है। बता दें कि कंपनी ने सबसे पहले साल 1975 में फेयर एंड लवली क्रीम को मार्केट में लॉन्च किया था। उस वक्त ये क्रीम इतनी ज्यादा लोकप्रिय हुई कि इस दौरान इस क्रीम का इकलौता हिस्सा 50-70 फीसदी है।

तेल, साबुन, सर्फ जैसे रोजमर्रा की जरूरत का सामान बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह त्वचा की देखभाल से जुड़े अपने लोकप्रिय बांड ‘फेयर एंड लवली’ से ‘फेयर’ शब्द हटाएगी। कंपनी ने कहा कि त्वचा देखभाल से जुड़े उसके दूसरे उत्पादों के मामले में भी नया समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाएगा जिसमें हर रंग-रूप का ख्याल रखा जाएगा। हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. (एचयूएल) ने एक बयान में कहा, ‘‘कंपनीब्रांड को आगे सुदंरता के दृष्टिकोण से और समावेशी बनाने के लिये कदम उठा रही है। इसके तहत कंपनी अपने ब्रांड ‘फेयर एंड लवली’ से ‘फेयर’ शब्द हटाएगी। नये नाम के लिये नियामकीय मंजूरी की प्रतीक्षा है। हम अगले कुछ महीनों में नाम में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।’’ 

क्यों लिया ऐसा फैसला?

जब से अमेरिका में पुलिस अधिकारी द्वारा अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हुई है तब से ही प्रदशर्नकारियों ने अमेरिका में नस्लवाद और रंगभेद पर कड़ा विरोध जताया। न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया रंगभेद के खिलाफ एकजुट होकर प्रदशर्न कर रही है। कई देशों में अश्वेत लोगों से भेदभाव को लेकर काफी चर्चा भी हो रही है। इसी को देखते हुए हिंदुस्तान ने अपने फेयर एंड लवली ब्रांड से फेयर शब्द को हटाने का फैसला किया। बता दें कि कपंनी को कई सालों से विपरीतता पैदा करने के भी आरोप लग रहे हैं जिसके कारण कंपनी को ऐसा करना पड़ा। 

क्या इससे कंपनी को होगा नुकसान

फेयर एंड लवली क्रीम में फेयर शब्द को हटाने से क्या बदलाव आएंगे और इससे कंपनी को कितना नुकसान होगा इसको लेकर हिंदुस्तान यूनीलीवर के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव मेहता ने कहा कि कंपनी ने साल 2019 में इस क्रीम में दो चेहरे यानि की एक ब्लैक और फिर व्हाइट वाले कैमियो को हटा दिया था। इस क्रीम के साथ एक शेड गाइड बी आया करती थी जिसे हटा दिया गया। इनको हटाने से कपंनी को कोई नुकसान नहीं हुआ बल्कि इसको हटाने से कंपनी को ग्राहकों की तरफ से एक पॉजिटिव रिस्पॉन्स देखने को मिला।

जानिए फेयर एंड लवली का इतिहास

जिस क्रीम को आप अपने चेहरे पर इस्तेमाल करते है उसका इतिहास काफी पुराना है। बता दें कि कंपनी ने सबसे पहले साल 1975 में फेयर एंड लवली क्रीम को मार्केट में लॉन्च किया था। उस वक्त ये क्रीम इतनी ज्यादा लोकप्रिय हुई कि इस दौरान इस क्रीम का इकलौता हिस्सा 50-70 फीसदी है। साल 2016 में फेयर एंड लवली ने 2000 करोड़ क्लब में भी प्रवेश कर लिया था।

फेयर की जगर ग्लो शब्द का होगा इस्तेमाल

हिंदुस्तान यूनीलीवर के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव मेहता ने बताया कि अब इस क्रीम में फेयर शब्द की जगह ‘ग्लो’ का इस्तेमाल किया जाएगा। मेहता के मुताबिक साल 2019 में जिस तरह ग्राहकों को इस क्रीम में किए बदलाव पंसद आए थे उसी तरह अब भी पंसद आएंगे। उन्होंने कहा कि नये नाम को लेकर नियामकी मंजूरी की प्रतीक्षा है। अगले कुछ महीनों में संशोधित नाम के साथ उत्पाद बाजार में उपलब्ध होगा।