भारत में हरित हाइड्रोजन का सबसे सस्ता उत्पादक हो सकता है: कांत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 26, 2022   20:13
भारत में  हरित हाइड्रोजन का सबसे सस्ता उत्पादक हो सकता है: कांत
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कांत के अनुसार, जलवायु के मोर्चे पर दुनिया के लिये दीर्घकालीन समाधान बैटरी नहीं है। ‘‘दुनिया लिथियम, कोबाल्ट और निकेल पर निर्भर नहीं हो सकती ... दुनिया में संसाधनों का प्रबंधन एक देश कर रहा है।’’

नयी दिल्ली| नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने मंगलवार को कहा कि अनुकूल जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत विश्व में हरित हाइड्रोजन का सबसे सस्ता उत्पादक हो सकता है। ‘रायसीना डायलॉग’ कार्यक्रम के एक सत्र में कांत ने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा की लागत कम की है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में आकार और पैमाना है।

भारत दुनिया में हरित हाइड्रोजन का सबसे सस्ता उत्पादक हो सकता है ...देश में इसके लिये अनुकूल जलवायु है और वह इसे करने की स्थिति में है।’’ कांत ने कहा कि चीन में उस तरह की अनुकूल जलवायु नहीं है जिससे वह हरित हाइड्रोजन का सस्ता उत्पादन कर सके।

भारत को पश्चिम एशियाई देशों से जरूर प्रतिस्पर्धा करनी होगी। उन्होंने कहा कि देश हरित हाइड्रोजन का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के मामले में दुनिया का केंद्र बनेगा।

कांत के अनुसार, जलवायु के मोर्चे पर दुनिया के लिये दीर्घकालीन समाधान बैटरी नहीं है। ‘‘दुनिया लिथियम, कोबाल्ट और निकेल पर निर्भर नहीं हो सकती ... दुनिया में संसाधनों का प्रबंधन एक देश कर रहा है।’’

उन्होंने कहा कि दूसरा, इससे भविष्य के लिये एक स्वच्छ दुनिया बनाने को लेकर अपनी जटिलताएं पैदा होंगी।





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