भारत को वृहद-आर्थिक स्थिरता के साथ संतुलित वृद्धि की जरूरत: कोटक

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कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक उदय कोटक ने बुधवार को यह बात कही। कोटक ने शेयरधारकों को एक संदेश में कहा कि भारत की वृद्धि गाथा बुनियादी रूप से मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी रणनीति का मूल उसके क्रियान्वयन में निहित है, और एक कच्ची सड़क पर चलते समय, सतर्कता की भावना के साथ उत्साह को काबू में रखने की जरूरत होती है।’’
नयी दिल्ली, 27 जुलाई। वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष आने वाली चुनौतियों के बीच भारत को वृहद-आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए संतुलित वृद्धि की आकांक्षा करनी चाहिए। कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक उदय कोटक ने बुधवार को यह बात कही। कोटक ने शेयरधारकों को एक संदेश में कहा कि भारत की वृद्धि गाथा बुनियादी रूप से मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी रणनीति का मूल उसके क्रियान्वयन में निहित है, और एक कच्ची सड़क पर चलते समय, सतर्कता की भावना के साथ उत्साह को काबू में रखने की जरूरत होती है।’’ उन्होंने वार्षिक रिपोर्ट में कहा, ‘‘वैश्विक अर्थव्यवस्था में नकदी, भू-राजनीतिक परिदृश्य और मुद्रास्फीति की स्थिति को देखते हुए आने वाले कुछ महीनों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।’’ कोटक ने कहा कि भारत को वृहद-आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के साथ संतुलित वृद्धि की आकांक्षा रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे, चालू खाते और मौद्रिक नीति पर विवेकपूर्ण निर्णय जरूरी हैं।

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