इंडियाबुल्स हाउसिंग ने अपने खिलाफ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने की न्यायालय से मांग की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 12 2019 6:10PM
इंडियाबुल्स हाउसिंग ने अपने खिलाफ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने की न्यायालय से मांग की
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कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की अवकाश पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुये इसे सुनवाई के लिये तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।

नयी दिल्ली। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने अपने खिलाफ 98,000 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप लगाने वाली याचिका तत्काल सूचीबद्ध करने का बुधवार को उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया। 

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 कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की अवकाश पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुये इसे सुनवाई के लिये तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। 
सिंघवी ने पीठ से कहा कि याचिका में कंपनी के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए गए हैं और इसे मीडिया में लीक किया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ याचिका दायर करने के संबंध में मीडिया में प्रकाशित खबरों के कारण आईएचएफएल को शेयर बाजार में करीब 7,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पीठ ने कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने के बारे में आज ही फैसला लेगी।
 

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