भारत और श्रीलंका के बीच नहीं हुआ है तेल टैंक सौदा समाप्त, भारतीय उच्चायोग ने दिया बयान

Indian mission in Sri Lanka
श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने तेल टैंक सौदा समाप्त होने की बात से इनकार किया है।मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि टैंकों का परिचालन श्रीलंका सरकार की इकाई द्वारा भारतीय भागीदार के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा।

कोलंबो। भारतीय उच्चायोग ने श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री के उस बयान को खारिज किया है कि त्रिंकोमाली (श्रीलंका) मेंतेल टैंकों को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को पट्टे पर देने का द्विपक्षीय करार समाप्त कर दिया गया है। ये तेल टैंक दूसरे विश्व युद्ध के जमाने के हैं। एक बयान में उच्चायोग ने कहा, ‘‘कुछ मीडिया में आयी खबरों में कोई सचाई नहीं है कि भारत और श्रीलंका के बीच संयुक्त रूप से त्रिंकोमाली में ‘अपर टैंक फार्म’ को विकसित करने और चलाने के समझौते को खत्म कर दिया गया है।’’

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श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री उदय गम्मनपिला ने बुधवार को घोषणा की थी कि श्रीलंका पूर्वी बंदरगाह जिला त्रिंकोमाली में आईओसी (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन) को पट्टे पर दिए गए दूसरेविश्व युद्ध के दौर के तेल भंडारण के 99टैंकों को वापस लेगा। उन्होंने कहा था कि भारती उच्चायोग के साथ इस संदर्भ में बातचीत रविवार को हुई। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि मीडिया रिपार्ट में 17 फरवरी, 2021 के कार्यक्रम में दिये गये मंत्री के बयान को सही तरीके से नहीं दिया गया। मंत्री ने बृहस्पतिवार को स्वयं इस मामल में चीजों को साफ कर दिया है। मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि टैंकों का परिचालन श्रीलंका सरकार की इकाई द्वारा भारतीय भागीदार के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा।

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