उद्योग मंत्री रावत ने नयी एमएसएमई नीति जारी की

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रावत ने कहा कि राज्‍य की पहली हस्तशिल्प नीति और राजस्थान एमएसएमई नीति-2022 के जारी होने से न केवल प्रदेश में औद्योगिक वृद्धि होगी, बल्कि शिल्पकार, दस्तकार और कारीगरों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

राजस्थान की उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने उद्योगों व निवेशकों के अनुकूल कारोबारी माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से शनिवार को राज्‍य की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) नीति- 2022 और हस्तशिल्प नीति जारी की। एमएसएमई नीति में कुल 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से 20,000 नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित करने और एक लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।

रावत ने कहा कि राज्‍य की पहली हस्तशिल्प नीति और राजस्थान एमएसएमई नीति-2022 के जारी होने से न केवल प्रदेश में औद्योगिक वृद्धि होगी, बल्कि शिल्पकार, दस्तकार और कारीगरों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों नीति राज्‍य के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत को इस कार्यक्रम में भाग लेना था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अन्‍य व्‍यस्‍तताओं के चलते, वे नहीं आ सके।

इस अवसर पर 29 निर्यातकों को निर्यात प्रोत्साहन पुरस्कार और विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए 13 उद्यमियों को उद्योग रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा इंवेस्ट राजस्थान समिट में बाकी रहे 29 उद्यमियों के साथ सहमति पत्र (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ। एक आधिकारिक बयान के अनुसार रावत कहा कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के साथ ही निर्यात में एमएसएमई के योगदान को बढ़ाने के लिए राजस्थान एमएसएमई नीति-2022 जारी की गई। इस नीति में 10 हजार करोड़ के संचयी निवेश और एक लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन के साथ 20,000 नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।

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