लॉकडाउन में टूरिज्म, एंटरटेनमेंट और होटल सेक्टर को करोड़ों का नुकसान, लाखों जॉब्स दांव पर

लॉकडाउन में टूरिज्म, एंटरटेनमेंट और होटल सेक्टर को करोड़ों का नुकसान, लाखों जॉब्स दांव पर

कोरोना लॉकडाउन के कारण कई शादियां बीच में ही रूक गई है जिसके कारण इंवेट हॉल का कामकाज भी बिल्कुल तरीके से ठप पड़ चुका है। सारे काम बंद हो जाने के कारण इस सेक्टर में लोगों की बड़ी संख्या में नौकरियां जाने का खतरा बन गया है।

नई दिल्ली। कोरोना की मार अगर किसी सेक्टर ने सबसे ज्यादा झेला है तो वो ट्रैवल ऐंड टूरिज्म, रेस्ट्रॉन्ट और होटल और एंटरटेनमेंट सेक्टर है। इस महमारी से सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं सेक्टरों को हुआ है। बता दें कि सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में इन सेक्टरों को थोड़ी सी भी राहत नहीं मिली है जिसकी वजह से अब ये सेक्टर सरकार से एक साल का टैक्स हॉलिडे और सॉफ्ट लोन की सुविधा देने की मांग कर रहे है। अगर इन सेक्टरों को थोड़ी सी भी राहत नहीं मिली तो बड़ी संख्या में नौकरियां जा सकती है। साथ ही कोरोना महमारी और लॉकडाउन से पहले ही देश में बेरोजगारी बढ़ने की आशंका बन चुकी है। 

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बता दें कि सरकार ने देश में चौथे लॉकडाउन के साथ कई उघोग सेक्टरों को खोलने की छूट दी है लेकिन कई कारोबार अभी भी 4.0 में भी नहीं खुल पाए हैं। इनमें से टूरिज्म इंडस्ट्री पूरी तरीके से बंद हो रखी है। वहीं बात करे रेस्टोरेंट के खुलने की तो उसमें भी सरकार ने सिर्फ होम डिलिवरी की छूट दी है। इस कोरोना लॉकडाउन में सिनेमा हॉल भी पूरे बंद कर दिए गए है। सैलून से लेकर ब्यूटी पार्लर तक बंद हो रखे है। कोरोना लॉकडाउन के कारण कई शादियां बीच में ही रूक गई है जिसके कारण इंवेट हॉल का कामकाज भी बिल्कुल तरीके से ठप पड़ चुका है। सारे काम बंद हो जाने के कारण इस सेक्टर में लोगों की बड़ी संख्या में नौकरियां जाने का खतरा बन गया है।

ट्रैवल एजेंट्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट ज्योति मायल के मुताबिक अगर सरकार ने राहत पैकेज में इन सेक्टरों को लेकर कुछ नहीं किया तो काफी दिक्कत हो सकती है। साथ ही इस समय टूर और ट्रैवल्स से जुड़ी कंपनियों की हालत काफी खास्ताहाल बनी हुई है। वहीं कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) बताते है कि अगर इन सेक्टरों के लिए सरकार ने कोई भी राहत पैकेज की घोषणा नहीं की तो केवल ट्रैवल ऐंड टूरिज्म सेक्टर से ही लाखों लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। 

कोरोना की  ट्रैवल ऐंड टूरिज्म इंडस्ट्री पर मार

 CII की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना का झटका अगर किसी सेक्टर को सबसे ज्यादा लगा है तो वो ट्रैवल ऐंड टूरिज्म इंडस्ट्री है। कोरोना महमारी से पहले इस सेक्टर में 5.5 करोड़ कर्मचारी थे। इस महामारी से करोड़ों लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। देश में कोरोना से पहले रेस्ट्रॉन्ट सेक्टर में 73 लाख कर्मचारी थे, जिनमें से 20 लाख नौकरियां जाने का अनुमान है। वहीं  बात करे ऑनलाइन फूड डिलिवरी सेक्टर की तो इस वक्त अभी 5 लाख कर्मचारी है जो वर्तमान समय को देखते हुए इस कारोबार से भी 20 फीसदी इनकम की गिरावट होने की आशंका है। दूसरी और देश में सिनेमा सेक्टर की तो इसका साइज  1.82 करोड़ रुपये है और इस सेक्टर में कुल कर्मचारी 70 से 80 लाख हैं। इसी तरह से सैलून, ब्यूटी, वेलनेस इंडस्ट्री और इवेंट इंडस्ट्री में भी करोड़ो लोगों को रोजगार मिलता है जो कि कोरोना महामारी के कारण बेरोजगार हो सकते है। इसके कारण इस सेक्टर में 90 फीसदी का कारोबार खत्म हो गया है। 

 इन सेक्टरों की सरकार से मांग

कोरोना महामारी के कारण अब ये तीनों सेक्टर सरकार से सभी तरह के टैक्स पर 1 साल का टैक्स हॉलिडे की मांग कर रही है। साथ ही इन सेक्टर ने सरकार से  इनकम टैक्स रिफंड और 10 साल के लिए सॉफ्ट लोन मिलने की मांग की है।