प्राकृतिक गैस उत्पादन मुनाफे का सौदा नहीं रहाः ONGC

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने कहा है कि प्राकृतिक गैस का उत्पादन करना अब फायदे का व्यवसाय नहीं रह गया है।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने कहा है कि प्राकृतिक गैस का उत्पादन करना अब फायदे का व्यवसाय नहीं रह गया है क्योंकि सरकार ने गैस मूल्य का जो फार्मूला तय किया है वह गैस की उत्पादन लागत से काफी कम है। कंपनी ने सरकार से गैस मूल्य फार्मूले में बदलाव किये जाने का आग्रह किया है। ओएनजीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक दिनेश के. सर्राफ ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को प्राकृतिक गैस व्यावसाय से उसकी कुल कमाई में 5,010 करोड़ रुपये और मुनाफे में 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार ने देश में उत्पादित प्राकृतिक गैस के दाम तय करने के जिस नये फार्मूले को मंजूरी दी है उससे पिछले दो साल से गैस के दाम लगातार गिर रहे हैं।

केन्द्र की भाजपा सरकार ने अक्तूबर 2014 में घरेलू गैस के लिये नया फार्मूला तय किया। यह फार्मूला अमेरिका, कनाडा और रूस जैसे गैस की अधिकता वाले देशों से होने वाले निवल आयात मूल्य के हिसाब से तय किया जाता है। इस फार्मूले के अमल में आने के बाद से अब तक प्राकृतिक गैस के दाम आधे रहकर 2.48 डालर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट रह गये हैं। ओएनजीसी के शुक्रवार शाम यहां आयोजित सालाना संवाददाता सम्मेलन में सर्राफ ने कहा, ‘‘प्राकृतिक गैस अब मुनाफे का कारोबार नहीं रह गया है, क्योंकि इसकी उत्पादन लागत मौजूदा गैस मूल्य के हिसाब से काफी ज्यादा है।’’ उन्होंने कहा कि देश में गैस का उत्पादन करने वालों को जो दाम दिया जा रहा है वह आयातित गैस के मूल्य का आधे से भी कम है।

ओएनजीसी ने सरकार से गैस मूल्य फार्मूले की समीक्षा का आग्रह किया है। फार्मूले में बदलाव की उम्मीद व्यक्त करते हुये सर्राफ ने कहा, ‘‘यह मानने कि हमें कोई वजह नहीं लगती कि गैस मूल्य बढ़ाये नहीं जायेंगे।’’ ओएनजीसी ने गैस का न्यूनतम मूल्य 4.2 डालर प्रति एमएमबीटीयू रखे जाने की मांग सरकार के समक्ष रखी है। सरकार ने जब नये गैस मूल्य फार्मूले को मंजूरी दी थी तब गैस का मूल्य 4.2 डालर से बढ़कर 5.05 डालर प्रति एमएमबीटीयू हो गया था लेकिन उसके बाद हर छह माह में जैसे जैसे इसमें संशोधन होता चला गया इस अप्रैल में यह घटकर 2.48 डालर प्रति एमएमबीटीयू रह गया।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने 20 मार्च को लोकसभा में एक साल के लिखित उत्तर में बताया कि कृष्णा गोदावरी बेसिन से प्राकृतिक गैस उत्पादन की लागत 4.99 डालर से 7.30 डालर प्रति एमएमबीटीयू पड़ती है। ओएनजीसी देश की सबसे बड़ी गैस उत्पादक कंपनी है। देश में इस समय होने वाले कुल गैस उत्पादन सात करोड़ घनमीटर प्रतिदिन में 80 प्रतिशत उत्पादन ओएनजीसी करती है।

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