राजग सरकार की नीतियां किसानोन्मुखी हैं: भाजपा
भाजपा ने ‘समृद्ध किसान, उन्नत किसान’ की अवधारणा के अनुरूप ‘मेरा देश बदल रहा है’ शीर्षक के तहत सरकार की किसानोन्मुखी पहल का जिक्र किया है।
मोदी सरकार में गांव, गरीब और किसान को तवज्जो दिये जाने को रेखांकित करते हुए भाजपा ने ‘समृद्ध किसान, उन्नत किसान’ की अवधारणा के अनुरूप ‘मेरा देश बदल रहा है’ शीर्षक के तहत सरकार की किसानोन्मुखी पहल का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि केंद्र सरकार की योजनाओं एवं नीतियों के कारण कम मानसून कृषि को अधिक हानि नहीं पहुंचा सका और किसानों को निराश करने में विफल रहा।
भाजपा ने सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर जारी पुस्तिका में कहा है कि कुल खाद्यान्न उत्पादन 2014.15 के 25.20 करोड़ टन की तुलना में 2015.16 में 25.23 करोड़ टन हो गया। खाद्यान्न उत्पादन अधिक बना हुआ है और थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति कम है। अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सरकार और पार्टी दोनों ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था में किसान सर्वप्रथम है। कृषि और किसानों के कल्याण के लिए आवंटित राशि में काफी वृद्धि की गई है और 35984 करोड़ रूपये दिये गए हैं। कृषि मंत्रालय को परिवर्तित करते हुए कृषि एवं किसान मंत्रालय बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि मिट्टी की उर्वरता का आकलन करने के लिए एक स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की गई है। मिट्टी की उर्वरता की स्थिति एवं अन्य महत्वपूर्ण मापदंड फसलों की उत्पादकता को प्रभावित करते हैं और ऐसे में एक क्षेत्र आधारित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और मिट्टी परीक्षण पर परामर्श की पहल की गई है। इसके तहत मार्च 2017 तक सभी 14 करोड़ खेत कवर करने का लक्ष्य है। सरकार की किसान हितकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा ने कहा कि सिंचाई सुविधा में सुधार के तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सूक्ष्म सिंचाई पहल को आगे बढ़ाया गया है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को मिशन की तरह लागू कर 28.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के तहत लाया जायेगा जिसका लक्ष्य ‘हर खेत को पानी’ सुनिश्चित करना है। पार्टी ने अपनी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए जारी पुस्तिका में बताया है कि त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के तहत लंबे समय से बंद 89 सिंचाई परियोजनाओं का कार्यान्वयन तेजी से किया जायेगा। सिंचाई के लिए 20 हजार करोड़ रूपये की प्रारंभिक पूंजी वाला एक समर्पित दीर्घकालीन कोष नाबार्ड में बनाया जायेगा।
इसमें कहा गया है कि मनरेगा के तहत बारिश सिंचित क्षेत्रों में 5 लाख खेतों में तालाब, कुएं के निर्माण के साथ जैविक खाद बनाने के लिए 10 लाख गड्ढे खोदे जाने की योजना है। उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने की दिशा में नीम लेपित यूरिया देश में उपलब्ध है और इससे उर्वरक उपयोग क्षमता में 10 से 15 प्रतिशत वृद्धि होगी। पार्टी ने कहा कि किसानों की मदद करने के लिए देश भर में एकीकृत बाजार स्थापित करने की पहल की गई है। राष्ट्रीय कृषि बाजार के लिए ई प्लेटफार्म से किसानों को उनकी उपज की अच्छी कीमत मिलेगी ।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा प्रदान करने वाली पहल है जिसमें किसानों के लिए सबसे कम प्रीमियम दर और पूर्ण सुरक्षा का प्रावधान है।
भाजपा ने दावा किया कि आजादी के बाद से केवल 20 प्रतिशत किसानों को अब तक बीमा के तहत कवर किया गया है और अगले 3 साल में 50 प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें कहा गया है कि मत्स्य, डेयरी, पशुपालन जैसी कृषि संबंधित गतिविधियों के लिए समर्थन बढ़ाने की बहुआयामी दृष्टि पेश की गई है। सक्षम किसान, समृद्ध भारत की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय गोकुल मिशन पेश किया गया है जिसमें स्वदेशी नस्लों के विकास एवं संरक्षण की पहल की गई है।
पूर्व की कांग्रेस नीत संप्रग सरकार की तुलना करते हुए भाजपा ने कहा कि सरकार द्वारा जरूरत के समय में किसानों को राहत में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। 2010 से 2015 के दौरान राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए 33,580 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था जबकि 2015 .2020 की अवधि के लिए इसे बढ़ाकर 61,220 करोड़ रूपये किया गया है। इसके अलावा सूखा और ओलावृष्टि से प्रभावित राज्यों में राहत को मंजूरी दी गई है।
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