दिल्ली में पेट्रोल पहली बार 85 रु के पार, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   17:16
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दिल्ली में पेट्रोल पहली बार 85 रु के पार, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

दिल्ली में पहली बार पेट्रोल की कीमत 85 रुपये के पार हो गई है। ताजा बदलावों के बाद डीजल की कीमत दिल्ली में 75.38 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 82.13 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल और डीजल की कीमत में सोमवार को भी 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।

नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने लगातार दूसरे दिन कीमतों में बढ़ोतरी की। इससे राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को पेट्रोल की कीमत पहली बार 85 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई, जबकि डीजल रिकॉर्ड ऊंचाई के नजदीक पहुंच गया। तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 25 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 85.20 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 91.80 रुपये प्रति लीटर हो गई। ताजा बदलावों के बाद डीजल की कीमत दिल्ली में 75.38 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 82.13 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल और डीजल की कीमत में सोमवार को भी 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।

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मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, जबकि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत पहली बार 85 रुपये प्रति लीटर के पार हुई है। दिल्ली में डीजल चार अक्टूबर 2018 को 75.45 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर था। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने छह जनवरी को लगभग एक महीने बाद कीमतों की दैनिक समीक्षा शुरू की थी। तब से पेट्रोल के दाम में 1.49 रुपये और डीजल में 1.51 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।





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लचीलापन, अनुसंधान, से भारत को कोविड-19 से लड़ाई की अगुवाई करने में मदद मिली: नायडू

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   18:12
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लचीलापन, अनुसंधान, से भारत को कोविड-19 से लड़ाई की अगुवाई करने में मदद मिली: नायडू

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू महामारी की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजने के लिये भारतीय शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के प्रयासों की भी सराहना की। उपराष्ट्रपति यहां आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज (फरीदाबाद) के पहले स्नातक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि लचीलापन, अनुसंधान और पुनर्खोज ने भारत को कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का अगुवा बनने में मदद की है। उन्होंने महामारी की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजने के लिये भारतीय शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के प्रयासों की भी सराहना की। उपराष्ट्रपति यहां आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज (फरीदाबाद) के पहले स्नातक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिये डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं डॉक्टरों से लेकर नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ और गांवों में सैनिटरी वर्कर्स, तकनीकी लोगों और आशा कार्यकर्ताओं की पूरी मेडिकल बिरादरी को सलाम करता हूं, जो टीम इंडिया के साथ मिलकर महामारी से लड़ने के लिये आगे आये।’’

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नायडू ने पीपीई किट, सर्जिकल दस्ताने, फेस मास्क, वेंटिलेटर और टीके जैसी आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन के लिये भारतीय उद्योग की सराहना की। उन्होंने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में भूमिका के लिये ईएसआईसी द्वारा चलाये जा रहे चिकित्सा और पैरामेडिकल संस्थानों की भी सराहना की। समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति यह देखकर खुश हुए कि सभी पदक विजेता लड़कियां थीं। उन्होंने उन्हें बधाई दी और हर क्षेत्र में महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा माना है कि यदि आप नि:स्वार्थ समर्पण की भावना के साथ मानवता की सेवा करते हैं, तो आप असीम संतुष्टि प्राप्त करेंगे।’’ भारत में जारी दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का जिक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि महामारी का सबसे बुरा दौर खत्म होता दिख रहा है। हालांकि, उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और सभी आवश्यक सावधानी बरतने की आदतों को तब तक बनाये रखने के लिये कहा, जब तक कि देश निर्णायक तौर पर महामारी को हरा नहीं देता है।





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बैंकिंग प्रणाली में अत्यधिक तरलता, कई बैंकों की आवास ऋण दर एक दशक के निचले स्तर पर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   17:14
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बैंकिंग प्रणाली में अत्यधिक तरलता, कई बैंकों की आवास ऋण दर एक दशक के निचले स्तर पर

केयर रेटिंग्स के अनुसार पिछले सप्ताह तक बैंकों के पास 6.5 लाख करोड़ रुपये की नकदी थी। अत्यधिक नकदी से बैंकों का मुनाफा प्रभावित होता है, क्योंकि उन्हें जमाकर्ताओं को इसके लिए ब्याज देना होता है।

मुंबई। अत्यधिक तरलता के बीच सामान्य कर्ज की मांग वांछित स्तर से नीचे रहने के बीच देश के प्रमुख बैंकों ने अपनी आवास ऋण दरों को घटाकर एक दशक के निचले स्तर पर ला दिया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं। इससे ग्राहकों के पास अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए कर्ज के कई विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। अत्यधिक तरलता की स्थिति के बीच बैंकों में ब्याज दर युद्ध छिड़ा हुआ है। केयर रेटिंग्स के अनुसार पिछले सप्ताह तक बैंकों के पास 6.5 लाख करोड़ रुपये की नकदी थी। अत्यधिक नकदी से बैंकों का मुनाफा प्रभावित होता है, क्योंकि उन्हें जमाकर्ताओं को इसके लिए ब्याज देना होता है। हालांकि, इसकी ब्याज दर अभी 2.5 प्रतिशत के निचले स्तर पर है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक भी बैंकों से ब्याज दरों में नीतिगत दरों में आई कमी के अनुरूप कटौती के लिए दबाव बना रहा है। मार्च, 2020 से रिजर्व बैंक ने रेपो दर को दो प्रतिशत घटाकर चार प्रतिशत कर दिया है। हालांकि, इसके बावजूद ऋण की मांग छह प्रतिशत से कम है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष में महामारी की वजह से आवास ऋण की वृद्धि घटी है। इसकी शुरुआत मार्च, 2020 से हो गई थी। जनवरी, 2020 में आवास ऋण की वृद्धि 17.5 प्रतिशत थी, जो जनवरी, 2021 में घटकर 7.7 प्रतिशत रह गई है। मौजूदा परिदृश्य में आवास ऋण बैंकों के लिए सबसे सुरक्षित दांव है। इसमें गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) कम होती हैं। एसबीआई का आवास ऋण एनपीए सिर्फ 0.67 प्रतिशत है। आवास ऋण के मामले में महामारी की वजह से ग्राहक भी लाभ की स्थिति में हैं। संपत्ति के दाम घटे हैं। वहीं कई राज्यों ने स्टाम्प शुल्क भी घटाया है। हालांकि, इसके बावजूद बैंक ऋण के लिए दरों में भिन्नता रख रहे हैं। ग्राहकों को कर्ज देने से पहले उनका ‘क्रेडिट स्कोर’ देखा जाता है। एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने आवास ऋण की दर घटाकर क्रमश- 6.7 प्रतिशत ओर 6.65 प्रतिशत कर दी है। 

हालांकि, इस दर पर सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को कर्ज मिलेगा, जिनका क्रेडिट स्कोर 800 या अधिक होगा। इसके अलावा एचडीएफसी को छोड़कर अन्य बैंकों की नयी दरें सिर्फ 31 मार्च तक हैं। ब्याज दर युद्ध की शुरुआत देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने की थी। एसबीआई का आवास ऋण पांच लाख करोड़ रुपये है। कुल 14.17 लाख करोड़ रुपये के ऋण बाजार में एसबीआई की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत है। एसबीआई ने अपनी आवास ऋण दर को 0.10 प्रतिशत घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही उसने प्रोसेसिंग शुल्क में भी छूट दी है। एसबीआई की उप प्रबंध निदेशक (खुदरा कारोबार) सलोनी नारायण ने कहा कि बैंक 31 मार्च तक 75 लाख रुपये का ऋण 6.7 प्रतिशत तथा इससे ऊपर का कर्ज 6.75 प्रतिशत ब्याज पर देगा। साथ ही इसपर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा यदि महिलाएं मोबाइल ऐप योनो के जरिये आवेदन करेंगी तो उन्हें अतिरिक्त 0.05 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। कोटक महिंद्रा बैंक ने भी अपनी आवास ऋण दर को 0.10 प्रतिशत घटाकर 6.65 प्रतिशत कर दिया है। कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा ऋण दर को घटाने के दो दिन बाद एचडीएफसी ने भी अपने नए और मौजूदा ग्राहकों के लिए आवास ऋण दर को असीमित अवधि के लिए 0.05 प्रतिशत घटाकर 6.75 प्रतिशत कर दिया था। बाद में एचडीएफसी ने आवास ऋण दर में 0.05 प्रतिशत की और कटौती की। साथ ही प्रोसेसिंग शुल्क को 3,000 रुपये निश्चित कर दिया। इन बैंकों के बाद आईसीआईसीआई बैंक ने भी पांच मार्च को 75 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर ब्याज दर को घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया। 75 लाख रुपये से अधिक के कर्ज के लिए ब्याज दर 6.75 प्रतिशत होगी।





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मुथूट फाइनेंस के चेयरमैन एमजी जॉर्ज का 71 वर्ष की उम्र में निधन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   11:32
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मुथूट फाइनेंस के चेयरमैन एमजी जॉर्ज का 71 वर्ष की उम्र में निधन

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार को 9.21 बजे पुलिस को घर की चौथी मंजिल से गिरने के बाद एक अस्पताल में एम जी जॉर्ज मुथूट को भर्ती कराये जाने के बारे में सूचना मिली, जहां बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्वी दिल्ली) आरपी मीणा ने कहा, ‘‘मामले की जांच की गयी और बयान दर्ज किये गये।

नयी दिल्ली। मुथूट फाइनेंस का कारोबार देश भर में फैलाने तथा सबसे बड़ी स्वर्ण ऋण प्रदाता गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) बनाने का श्रेय रखने वाले एमजी जॉर्ज मुथूट की शुक्रवार की शाम घर की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गयी। उन्होंने कंपनी के चेयरमैन के रूप में मुथूट फाइनेंस को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्होंने कंपनी के कारोबार का देश भर में और यहां तक ​​कि विशेष रूप से मध्य पूर्व तक विस्तार किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार को 9.21 बजे पुलिस को घर की चौथी मंजिल से गिरने के बाद एक अस्पताल में एम जी जॉर्ज मुथूट को भर्ती कराये जाने के बारे में सूचना मिली, जहां बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्वी दिल्ली) आरपी मीणा ने कहा, ‘‘मामले की जांच की गयी और बयान दर्ज किये गये। सीसीटीवी कैमरे भी चेक किये गये। उन्हें फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।

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शनिवार को एम्स में उनका पोस्टमार्टम किया गया। किसी भी तरह की साजिश का संदेह नहीं है। पूछताछ की जा रही है।’’ मुथूट (71) की कंपनी का मुख्यालय भले ही कोच्चि में है, लेकिन वह लंबे समय से राष्ट्रीय राजधानी में ही रह रहे थे। कंपनी ने मौत के कारण का जिक्र किये बिना शनिवार को शेयर बाजारों को बताया, ‘‘एम जी जॉर्ज मुथूट का अचानक व अप्रत्याशित निधन कंपनी, कर्मचारियों, सभी हितधारकों, परिवार और दोस्तों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। कंपनी के सभी निदेशकों और कर्मचारियों ने उनके परिवार के प्रति गहरी सहानुभूति, दुःख और संवेदना व्यक्त की है।





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