PFS ने एमडीआई गुड़गांव के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 26, 2019   19:01
PFS ने एमडीआई गुड़गांव के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

एमओयू के अनुसार, पीएफएस और एमडीआई निम्नलिखित मुख्य उद्देश्यो पर ध्यान केंद्रित करते हुए मिलकर काम करेगें। शिक्षा और बुनियादी ढांचे के मूल्यांकन और वित्त, जलवायु वित्तपोषण, स्वच्छ विकास तंत्र, सर्वात्तम प्रथाओ और दुनिया के बुनियादी ढांचे से जुड़े पर्यावरण संबंधी मद्दुो को लेकर तालमले बनाने के लिए।

नई दिल्ली। भारत की प्रमुख ढांचा वित्त कंपनी − पीएफएस और शीर्ष बिजनेस स्कूल − एमडीआई गुड़गांव ने बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से स्थायी बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के क्षेत्र म क्षमता विकास की अपनी षक्ति का लाभ उठाने के लिए आपस में सहयोग करने का फैसला किया है। इस उद्देष्य के लिए दोनो के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर मंगलवार को श्री नवीन कमुार, निदेशक (संचालन), पीएफएस और प्रोफेसर (डॉ) आत्मानंद, निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) एमडीआई गुड़गांव ने डॉ पवन Çसह − एमडी और सीईओ − पीएफएस और श्री आषीश निगम, उपाध्यक्ष, पीएफएस तथा एमडीएफ गुड़गांव के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यो की उपस्थित में इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।  

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एमओयू के अनुसार, पीएफएस और एमडीआई निम्नलिखित मुख्य उद्देश्यो पर ध्यान केंद्रित करते हुए मिलकर काम करेगें। शिक्षा और बुनियादी ढांचे के मूल्यांकन और वित्त, जलवायु वित्तपोषण, स्वच्छ विकास तंत्र, सर्वात्तम प्रथाओ और दुनिया के बुनियादी ढांचे से जुड़े पर्यावरण संबंधी मद्दुो को लेकर तालमले बनाने के लिए। अवसंरचना वित्तपोषण और परियोजना प्रबंधन के क्षेत्रो में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण मॉड्यूल / कार्यक्रम विकसित करने के लिए। परियोजना वित्त, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्रो में दोनो संस्थाओं की क्षमता के संदर्भ में प्रासंगिक सलाहकार सेवाएं शुरू करने के लिए।  

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सहयोग के लिए जिन क्षेत्रो की पहचान हुई है वे हैं − नवीकरणीय ऊर्जा, ट रांसमिशन / उत्पादन / वितरण, ऊर्जा दक्षता, जलवायु संरक्षण वित्तपोषण, सड़क, पानी, अपशिष्ट से ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, ई−गतिशीलता और संबद्ध बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक निजी भागीदारी, जोखिम प्रबंधन, पर्यावरण उन्नयन आदि। पीएफएस के प्रबंध निदेशक और सीईओ डॉ पवन सह ने कहा, "आज का युग हरित विकास का युग है और हमारे माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेद्रं मोदी ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा पर जोर दिया है और उनके आह्वान देने के अनुसार, इस समझौता ज्ञापन के तहत स्वच्छ और टिकाऊ पर्यावरण के निर्माण में शामिल विभिन्न कारको की क्षमताओ में विकास करने का लक्षय निर्धािरत किया गया है।" उन्होनें  कहा, "विश्व स्तर पर सौर ऊर्जा एक बड़ा क्षेत्र है और भारत में भी हम इस पर विशेष ध्यान देगें। 

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गैर−पारंपरिक क्षेत्रो से प्राप्त विद्युत हमारा भविष्य है और हम उस क्षेत्र मे एक मजबूत स्थान हासिल करना चाहते हैं और एमडीआई के साथ यह समझौता ज्ञापन उस प्रयास में हमारी बहुत मदद करेगा। हम भारतीय उद्यमियो के साथ−साथ पड़ोसी सार्क देशो के लिए क्षमता निर्माण को संस्थागत बनाने में मदद करेगें और विकासात्मक वित्तीय संस्थानो (डीएफआर्इ) के साथ हमारे कार्यक्रमों का विकास और तालमले करेगें और उनकी क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करेगें। यह तंत्र देश मे स्थायी बुनियादी ढांचे के विकास में अध्ययन और क्षमता निर्माण के लिए एक एकल चैनेलाइजग एजेंसी के रूप में एक एकीकृत निकाय उपलब्ध कराएगा।''  

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प्रो. (डॉ) आत्मानंद, निदेशक (अतिरिक्त प्रभार), एमडीआई गुड़गांव ने कहा, "पीएफएस और प्रबंधन विकास संस्थान (एमडीआई) गुड़गांव के बीच का यह समझौता ज्ञापन बुनियादी ढांचे के मुल्यांकन और वित्त, जलवायु वित्त पोषण, स्वच्छ विकास के लिए शिक्षाविदो और वित्तपोषण संस्थान के बीच तालमेल बनाएगा। हमारा फोकस हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर अधिक होगा। यह परियोजना मुल्यांकन के लिए वित्तीय संस्थानो द्वारा उपयोग किए जाने वाले वित्तीय मॉडल को विकसित करने और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की व्यवहार्यता का विश्लेषण करने और समग्र रूप से जोखिमो पर ध्यान केन्द्रति करने मदद करेगा





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