PM मोदी के निजी क्षेत्र पर जोर से उद्यमियों लिए अवसरों की सुनामी की स्थिति बनी: मुकेश अंबानी

mukesh ambani
ईवाई उद्यमी पुरस्कार कार्यक्रम में मुकेश अंबानी ने कहा, ‘‘मैं जब आज और कल के भारत को देखता हूं, मुझे उद्यमियों के लिये अवसरों के लिहाज से सुनामी नजर आती है।’’

मुंबई। उद्योगपति मुकेश अंबानी ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी क्षेत्र पर जोर से देश के उद्यमियों के लिये विभिन्न क्षेत्रों में ‘अवसरों की सुनामी’ की स्थिति बनी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अंबानी ने यह भी कहा कि भारत एक आर्थिक, लोकतांत्रिक, कूटनीतिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। ईवाई उद्यमी पुरस्कार कार्यक्रम में अंबानी ने कहा, ‘‘मैं जब आज और कल के भारत को देखता हूं, मुझे उद्यमियों के लिये अवसरों के लिहाज से सुनामी नजर आती है।’’ 

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उन्होंने कहा,‘‘मेरे इस भरोसे के दो कारण हैं। पहला, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के भविष्य के विकास में निजी क्षेत्र की बड़ी भूमिका की वकालत करते हैं। दूसरा कारण, प्रौद्योगिकी की उपलब्धता है। इस प्रौद्योगिकी का उपयोग 1.3 अरब भारतीयों की आंकाक्षाओं को पूरा करने में किया जा सकता है।’’ पिछले महीने, प्रधानमंत्री ने देश के विकास में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को बुरा-भला कहने की संस्कृति स्वीकार्य नहीं है।

अंबानी ने कहा, ‘‘हमारे पास आने वाले दशक में दुनिया की तीन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की क्षमता है। स्वच्छ ऊर्जा, शिक्ष, स्वास्थ्य, जीव विज्ञान और जैव-प्रौद्योगिकी जैसे नये क्षेत्रों तथा कृषि, उद्योग और सेवा जैसे क्षेत्रों में बदलाव को लेकर काफी अवसर हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारतीय उद्यमी अब प्रतिस्पर्धी लागत पर बाजार की जरूरतों के अनुसार वैश्विक स्तर की गुणवत्ता उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। यह भारतीय उद्यमियों के लिये पूरा वैश्विक बाजार खोलता है। 

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नये उद्यम शुरू करने की दहलीज पर खड़े युवा उद्यमियों को संदेश देते हुए अंबानी ने कहा कि उन्हें विफलता से घबराना नहीं चाहिए और यह साफ किया कि झटकों के बाद ही सफलता मिलती है। उन्होंने कहा, ‘‘आप मेरी पीढ़ी की तुलना में भारत के लिए बेहतर सफलता की कहानियां लिखेंगे।’’ कोटक महिंद्रा बैंक के उदय कोटक ने कहा कि कारोबार को तिमाही दर तिमाही आगे बढ़ना है और निवेशकों को यह विश्वास दिलाना है कि कंपनी कुछ ऐसा निर्माण कर रही है जो भविष्य में एक बड़ी सफलता होगी।

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