• AC, टीवी समेत कई प्रोडक्ट के बढ़ सकते हैं दाम, सब्जियों की कीमतों में भी भारी इजाफा

जनवरी 2021 से टीवी, फ्रिज, एसी, लैपटॉप इत्यादि प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ रही हैं। अगले महीने से कंपनियां फिर 10 फीसदी तक कीमतों में इजाफा करने का विचार कर रही है।

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण और तेल की बढ़ी हुईं कीमतों से हर कोई परेशान था ही कि सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। बता दें कि कच्चे माल की शॉर्टेज और सप्लाई चेन की रुकावट के चलते भी महंगाई बढ़ रही है। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि टीवी, फ्रिज, एसी या लैपटॉप की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आ सकता है। 

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जनवरी 2021 से टीवी, फ्रिज, एसी, लैपटॉप इत्यादि प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ रही हैं। अगले महीने से कंपनियां फिर 10 फीसदी तक कीमतों में इजाफा करने का विचार कर रही है। इसके पीछे कंपनियों का तर्क है कि उन्हें कच्चा माल महंगा मिल रहा है और कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से सप्लाई चेन भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। ऐसे में प्रोडक्ट्स की कीमत जुलाई में बढ़ाई जरूरी और मजबूरी दोनों ही है।

आसमान छू रहे सब्जियों के दाम

पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों और कई राज्यों में हो रही बारिश के चलते सब्जियों के दाम में इजाफा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंडियों में 25 रुपए प्रतिकिलो बिकने वाला प्याज अब 40 रुपए प्रतिकिलो पर बिक रहा है। जबकि मटर 60 से 70 रुपए और बीन्स 80 से 100 रुपए प्रतिकिलो पर मिल रही है। कारोबारियों ने बताया कि अभी सब्जियों के दामों में और भी ज्यादा इजाफा हो सकता है। क्योंकि मॉनसून आ चुका है। बारिश की वजह सब्जी की फसल खराब हो सकती है। ऐसे में सब्जियों के दाम बढ़ना स्वभाविक है। 

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एक हिन्दी समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी मानी जाने वाली आजादपुर मंडी के लोगों का कहना है कि सब्जियां दूसरे राज्यों से आती हैं और डीजल की बढ़े हुए दामों का असर सब्जियों में पड़ने लगा है। वहीं एक व्यक्ति ने बताया कि बारिश के चलते प्याज की फसल प्रभावित हुई है। जिसकी वजह से प्याज कम आ रही है।

पेट्रोल-डीजल 100 के पार

पेट्रोल-डीजल के दाम थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी तक दोनों ने ही शतक जड़ दिया है और नॉटआउट क्रीज पर खड़े हुए हैं। तेल के बढ़े हुए दामों की वजह से ट्रांसपोटर्स के लिए गाड़ी चलाना महंगा हो रहा है। जिसके चलते माल के भाड़े में एक बार फिर से इजाफा हो सकता है और भाड़ा बढ़ने का असर दूसरी चीजों में दिखाई देने लगेगा।