पंजाब के डेयरी किसानों ने दुग्ध-वसा की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी की मांग की

Punjab
Google Creative Commons.
प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) के बैनर तले राज्य के कई हिस्सों से किसान मोहाली में स्थित वर्मा दूध संयंत्र के बाहर जमा हो गए। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में चंडीगढ़ की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के एक किनारे को अवरुद्ध कर दिया। विरोध के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

चंडीगढ़|  पंजाब के डेयरी किसानों ने शनिवार को दुग्ध-वसा खरीद की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर मोहाली में एक सरकारी दूध संयंत्र के सामने विरोध प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने शनिवार को दुग्ध-वसा का भाव 20 रुपये प्रति किलो बढ़ाने की घोषणा की, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि वह कम-से-कम 100 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी चाहते हैं।

प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) के बैनर तले राज्य के कई हिस्सों से किसान मोहाली में स्थित वर्मा दूध संयंत्र के बाहर जमा हो गए। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में चंडीगढ़ की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के एक किनारे को अवरुद्ध कर दिया। विरोध के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारी किसानों ने वेरका दूध संयंत्र के प्रवेश द्वार भी बंद कर दिए जिससे संयंत्र से दूध और दूध उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित रही। पीडीएफए के अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में दूध की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है जबकि दुग्ध उत्पादन की लागत लगभग दोगुनी हो गई है।

सदरपुरा ने कहा ‘‘सोयाबीन की कीमत एक साल पहले 3,200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 7,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। इसी तरह अन्य वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ गई हैं, जिससे डेयरी क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि समुचित रिटर्न नहीं मिलने से परेशान होकर कई डेयरी किसानों ने अपने मवेशियों को बेचना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने डेयरी क्षेत्र को भी बुरी तरह प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को वसा-युक्त दूध की कीमतों में कम-से-कम 100 रुपये प्रति किलो की वृद्धि करनी चाहिए।

सदरपुरा ने कहा कि वर्तमान में पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड (मिल्कफेड) डेयरी किसानों को 730 रुपये प्रति किलो वसा बेच रहा है। इस बीच, मिल्कफेड ने किसानों को भुगतान किए जा रहे दूध खरीद मूल्य में 21 मई से 20 रुपये प्रति किलो वसा की वृद्धि करने की घोषणा की।

इस साल मार्च में मिल्कफेड पहले ही 50 रुपये प्रति किलो की वृद्धि कर चुका है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पंजाब के सहकारिता मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किसानों को आश्वासन दिया कि भविष्य में भी दूध उत्पादकों के लाभ के लिए और ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक कमलदीप सिंह संघा ने कहा कि दूध उत्पादकों को बेहतर कीमत देकर उनकी आर्थिक स्थिति को कृषि के बाद ग्रामीण आबादी का मुख्य व्यवसाय दूध उत्पादन है। उन्होंने दावा किया कि मिल्कफेड पहले से ही अपने दूध उत्पादकों को अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक दूध खरीद मूल्य चुका रहा है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़