अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 13 पैसे बढ़कर 74.29 प्रति डॉलर पर हुआ बंद

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परमार ने कहा कि स्थानीय मुद्रा ने लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की और पिछले चार महीनों में पहला मासिक लाभ दर्ज किया। यह सब प्राथमिक बाजारों में विदेशी निवेश के आने और निर्यातकों की ओर से सरकारी बैंकों की डॉलर बिकवाली के कारण हुआ।

मुंबई, वर्ष 2021 के आखिरी कारोबारी सत्र में अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 13 पैसे बढ़कर 74.29 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। वर्ष के अंत में बैंकों और निर्यातकों की डॉलर बिकवाली के बीच घरेलू शेयर बाजार में तेजी से रुपये को समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावानों के बीच अमेरिकी बांड प्रतिफल में मजबूती के कारण रुपया, वर्ष 2021 में 122 पैसे या 1.67 प्रतिशत के कुल नुकसान के साथ बंद हुआ।

31 दिसंबर, 2020 को रुपया 73.07 पर बंद हुआ था। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया साल के आखिरी कारोबारी सत्र में 74.35 रुपये प्रति डॉलर पर मजबूत खुला। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 74.10 और नीचे में 74.38 तक गया। अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 13 पैसे की तेजी के साथ 74.29 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में यह 29 पैसे की तेजी के साथ करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 74.42 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

हालांकि, साप्ताहिक आधार पर रुपये ने 74 पैसे की बढ़त दर्ज की है। रुपये में तेजी आने का यह लगातार दूसरा सप्ताह है। रुपये ने भी चार महीने में पहला मासिक लाभ दर्ज किया है। विदेशी मुद्रा व्यापारी, पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन और उसके सहयोगियों के संकेतों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसके जनवरी 2022 के पहले सप्ताह में ओपेक प्लस बैठक के परिणाम के रूप में आने की उम्मीद है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, डॉलर सूचकांक में कमजोरी और जोखिम उठाने की धारणा में सुधार आने के बाद इस हफ्ते एशियाई मुद्राओं के मुकाबले रुपये का बेहतर प्रदर्शन हुआ।

परमार ने कहा कि स्थानीय मुद्रा ने लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की और पिछले चार महीनों में पहला मासिक लाभ दर्ज किया। यह सब प्राथमिक बाजारों में विदेशी निवेश के आने और निर्यातकों की ओर से सरकारी बैंकों की डॉलर बिकवाली के कारण हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 459.50 अंक की तेजी के साथ 58,253.82 अंक पर बंद हुआ। इस बीच, छह मुद्राओं की तुलना में डॉलर का रुख दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत घटकर 95.92 रह गया। वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमत 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.94 डॉलर प्रति बैरल रह गयी।

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