Trel पर सामग्री रचनाकारों में ग्रामीण भारतीय सबसे आगे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 31, 2020   18:27
Trel पर सामग्री रचनाकारों में ग्रामीण भारतीय सबसे आगे

ट्रेल क्रिएटर्स एकेडमी के ओपिनियन लीडर के रूप में उभरने के लिएज्यादा से ज्यादा सामग्री रचनाकारों को प्रशिक्षित करनेऔर तैयार करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा रहे हैं।यह प्लेटफार्म रचनाकारों को सभी लाइफस्टाइल श्रेणियों में समान सोचऔर रुचि रखने वाले दर्शकों की बड़ी आबादी तक पहुंचने और उसके जरिये अपनी सामग्री से पैसे कमाने की की अनुमति देता है।

नई दिल्ली। भारत की अग्रणी और तेजी से बढ़ते लाइफस्टाइल-कंटेंट-कॉमर्स ऐप में से एक ट्रेल ने अपने प्लेटफॉर्म पर देखे गए एंगेजमेंट मैट्रिक्स की घोषणा की है। आंकड़ों से पता चला कि ट्रेल पर सामग्री रचनाकारों में ग्रामीण भारतीयों ने 78 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ महानगरों के रचनाकारों को पीछे छोड़ दिया है। ट्रेल के कुल रचनाकारों में महिलाओं की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है जो स्पष्ट तौर पर इस लैंगिक लड़ाई में महिलाओं के वर्चस्व को साबित करती है।  

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डिजिटल वीडियो ऐप्स ने लिप-सिंक और चुटकुलों के माध्यम से मनोरंजन और "कैंडी सामग्री" पर ध्यान केंद्रित किया था, ट्रेल ने अपनी सेवाएं लॉन्च कर ट्रेंड ही बदल दिया। सार्थक और प्रासंगिक सामग्री के साथ उभरते भारत को सेवाएं देने के दृढ़ संकल्प के साथ ट्रेल लोगों की बढ़ती उम्मीदों पर खरा उतरता है और यूजर्स को अपने जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करता है।

ट्रेल क्रिएटर्स एकेडमी के जरिये प्रमुख ओपिनियन लीडर के रूप में उभरने के लिए ज्यादा से ज्यादा सामग्री रचनाकारों को प्रशिक्षित करने और तैयार करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा रहे हैं। यह प्लेटफार्म सामग्री रचनाकारों को सभी लाइफस्टाइल श्रेणियों में समान सोच और रुचि रखने वाले दर्शकों की बड़ी आबादी तक पहुंचने और उसके जरिये अपनी सामग्री से पैसे कमाने की की अनुमति देता है।

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इस पहल को मिलने वाला प्रतिसाद जबरदस्त है और प्लेटफॉर्म पर 4 लाख से अधिक मासिक सक्रिय रचनाकार हैं। हाल में सामने आए आंकड़ों से पता चला है कि ट्रेल पर लगभग 78% सामग्री रचनाकार गैर-मेट्रो टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं, जिसमें 60% सामग्री रचनाकार महिलाएं हैं। ट्रेल पर 75% से अधिक यूजीसी सामग्री हिंदी, तमिल और तेलुगु में बनती है। सामग्री रचनाकार के रूप में उभरने और संपन्न समुदाय से जुड़ने के लिए युवा पीढ़ी की बढ़ती रुचि को प्रदर्शित करते हुए ट्रेल ने खुलासा किया कि 85% क्षेत्रीय रचनाकार 18 से 34 वर्ष के बीच आयु वर्ग के हैं।

इन आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए ट्रेल के सह-संस्थापक पुल्कित अग्रवाल ने कहा, “भारत में डिजिटल कॉरिडोर का स्वागत करने वाले नए यूजर टियर-2 और टियर-3 शहरों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। ये यूजर शहरी और मंझे हुए इंटरनेट यूजर्स से अलग हैं। आम तौर पर बहुत सामान्य पृष्ठभूमि वाले गैर-अंग्रेजी बोलने वाले दर्शकों को एक अलग एंगेजमेंट की आवश्यकता है, जिसे राष्ट्र की विविधता को समझकर प्रकट किया जा सकता है। ट्रेल में हम सार्थक सामग्री वाले यूजर्स के अपने संपन्न समुदाय की सेवा करते हुए शहरी व गैर-शहरी विभाजन को पाटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

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सामग्री रचनाकार हमारे विकास का एक मजबूत स्तंभ रहे हैं, जो कि प्रमुख ओपिनियन लीडर्स के रूप में उभरने के लिए बेहतरीन बदलावों से गुजर रहे हैं और नए इंटरनेट यूजर्स को हमारे आसपास की बदलती दुनिया को बेहतर तरीके से समझने और उसमें भाग लेने के लिए तैयार करते हैं। सामग्री रचनाकार और उपभोक्ताओं के साथ हम एक संपन्न समुदाय की कल्पना करते हैं जो आसानी से एक-दूसरे से जुड़े और हर समुदाय के सदस्य को अपने सपने पूरे करने में मदद करने के लिए समर्थन और प्रेरणा प्रदान करता है।

10 मिलियन से अधिक डाउनलोड और 4 मिलियन से अधिक मासिक सक्रिय यूजर्स को बढ़ावा देने के साथ ट्रेल ने सामग्री रचनाकारों व ग्राहकों के बीच अंतर को कम किया है। ट्रेल अपने समुदाय की सेवा करता है जो खूबसूरती, सौंदर्य प्रसाधन, स्वास्थ्य, पुरुषों के सौंदर्य, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, मनोरंजन, यात्रा, खाना पकाने, और अन्य कई विभिन्न महत्वपूर्ण जीवनशैली पहलुओं पर विचारों के साथ 30% मासिक वृद्धि दर के साथ तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर कम प्रचारित स्थानों के प्रचार से लेकर बिंज वॉच की नई क्षेत्रीय सीरीज तक ट्रेल के पास हर अनोखी मांग को पूरा करने के लिए एक सार्थक समाधान है।

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ट्रेल के बारे में 

यूजर-जनरेटेड ओरिजिनल सामग्री से संचालित ट्रेल को भारत का अपना वीडियो पिंटरेस्ट भी कहा जाता है, जो विभिन्न भारतीय भाषाओं की सार्थक सामग्री के जरिये लाइफस्टाइल से जुड़े बदलावों को अपनाने में मदद करने वाला एक कम्युनिटी-आधारित प्लेटफार्म है। 12 मिलियन से अधिक यूजर्स की मेजबानी करने वाले प्लेटफ़ॉर्म के रूप में ट्रेल यूजर्स के बीच लाइफस्टाइल प्रेरणा से जुड़ी सामग्री को तलाशने और वीडियो व फोटो के जरिये अपने रुचियों व लाइफस्टाइल कहानियों की रचना करने के इच्छुक सामग्री रचनाकारों या आकांक्षी वैचारिक नेताओं के बीच के अंतर को पाटता है। अपने संपन्न और भावुक समुदाय पर सवार ट्रेल का लक्ष्य 2020 तक भारत के सबसे बड़े लाइफस्टाइल कम्युनिटी-कंटेंट-कॉमर्स प्लेटफार्म बनना है।  





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