इतना नीचे क्यों गिर रहा है सेंसेक्स? लाल निशान पर बंद हुआ मार्केट

Sensex
सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक नुकसान में एल एंड टी रही। इसमें करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आयी। जिन अन्य प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी, उनमें टाइटन, ओएनजीसी, एक्सिस बैंक, एचयूएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचडीएफसी शामिल हैं। लाभ में रहने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स, अल्ट्रा टेक सीमेंट, एचसीएल टेक, कोटक बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।

मुंबई। स्थानीय शेयर बाजारों में मासिक डेरिवेटिव्स अनुबंधों की समाप्ति के बीचबृहस्पतिवार को उतार-चढ़ाव रहा और बीएसई सेंसेक्स 173 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। सूचकांक में अच्छी हिस्सेदारी रखने वाली एचडीएफसी लि., एचडीएफसी बैंक, एल एंड टी और एचयूएल में गिरावट दर्ज की गयी। कारोबारियों के अनुसार वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख का भी निवेशकों पर असर हुआ। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 172.61 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 39,749.85 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 58.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत टूटकर 11,670.80 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक नुकसान में एल एंड टी रही। इसमें करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आयी। जिन अन्य प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी, उनमें टाइटन, ओएनजीसी, एक्सिस बैंक, एचयूएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचडीएफसी शामिल हैं। लाभ में रहने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स, अल्ट्रा टेक सीमेंट, एचसीएल टेक, कोटक बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: RBI ने इस बैंक पर लगाया 22 लाख रुपये का जुर्माना, मार्केटिंग नियमों को तोड़ने का लगा आरोप

कारोबारियों के अनुसार अक्टूबर महीने के वायदा एवं विकल्प खंड में अनुबंधों की समाप्ति के साथ बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। आनंद राठी शेयरर्स एंड स्टॉक ब्रोकरर्स के इक्विटी शोध (फंडामेंटल) प्रमुख नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि भारतीय बाजार में शुरूआत नरम रही। इसका प्रमुख कारण यूरोप में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के साथ वैश्विक स्तर पर मिला-जुला रुख का होना था। कई देश महामारी फैलने से रोकने के लिये फिर से ‘लॉकडाउन’ लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोपहर कारोबार में बाजार में गिरावट का रुख बना रहा। धातु, वाहन, रीयल्टी और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखी गयी। एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग, सोल और तोक्यो बाजारों में गिरावट रही जबकि शंघाई बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी का रुख रहा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38.39 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था विदेशी विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे टूटकर 74.10 पर बंद हुआ।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़