नहीं थम रही शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 435 अंक टूटा

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सेंसेक्स 434.93 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,889.76 अंक पर बंद हुआ। बैंक और वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दबाव से सेंसेक्स नीचे आया। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 137.20 अंक यानी 0.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,981.75 अंक पर बंद हुआ।

मुंबई। शेयर बाजारों में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स बिकवाली दबाव में 435 अंक लुढ़क कर 51,000 अंक के नीचे बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 15,000 अंक के नीचे आ गया। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 434.93 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,889.76 अंक पर बंद हुआ। बैंक और वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दबाव से सेंसेक्स नीचे आया। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 137.20 अंक यानी 0.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,981.75 अंक पर बंद हुआ।

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सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक नुकसान में ओएनजीसी रही। इसमें 5.06 प्रतिशत की गिरावट आयी। एक दिन पहले, इसमें सर्वाधिक तेजी दर्ज की गयी थी। जिन अन्य शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी, उनमें एसबीआई, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज ऑटो, मारुति और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल हैं। इनमें 3.77 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। दूसरी तरफ, इंडसइंड बैंक, एचयूएल, डा. रेड्डीज, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फिनसर्व में तेजी रही। इनमें 1.97 प्रतिशत तक की तेजी आयी। सप्ताह केदौरान, सेंसेक्स 654.54 अंक यानी 1.26 प्रतिशत नीचे आया जबकि निफ्टी में 181.55 अंक यानी 1.19 प्रतिशत की गिरावट आयी। कोटक सिक्योरिटीज के कार्यकारी उपाध्यक्ष और बुनियादी शोध मामलों के प्रमुख आर ओझा ने कहा, ‘‘निफ्टी-50 और बीएसई सेंसेक्स में इस सप्ताह 1.2 प्रतिशत की गिरावट आयी। इसका कारण वैश्विक और स्थानीय तौर पर बांड पर रिटर्न बढ़ने से बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।

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एनएसई मिडकैप 100 सूचकांक और बीएसई स्मॉल कैप सूचकांक इस सप्ताह लाभ में रहे। अमेरिका में 10 साल के बांड पर रिटर्न एक प्रतिशत से बढ़कर 1.29 प्रतिशत पहुंच गया है...।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत में भी 10 साल के बांड पर रिटर्न 5.76 प्रतिशत से बढ़कर 6.13 प्रतिशत पहुंच गया है। यह उच्च राजकोषीय घाटे के अनुमान से जुड़ा हो सकता है...।’’ अमेरिका और यूरोप के कमजोर वृहत आर्थिक आंकड़ों के कारण वैश्विक स्तर पर मिला-जुला रुख रहा। इससे तीव्र गति से आर्थिक पुनरूद्धार को लेकर संदेह उभरा है। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की नुकसान में जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लाभ में रहे। भारतीय समय के अनुसार दोपहर बाद खुले यूरोप के प्रमुख बाजारोंमें भी तेजी रही। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के मौके पर घरेलू मुद्रा बाजार बंद रहा।

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