टीसीएस का शेयर तीन प्रतिशत चढ़ा, 49500 के ऊपर बंद हुआ सेंसेक्स

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   16:27
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टीसीएस का शेयर तीन प्रतिशत चढ़ा, 49500 के ऊपर बंद हुआ सेंसेक्स

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 30.75 अंक या 0.21 प्रतिशत के लाभ से 14,595.60 अंक के नए रिकॉर्ड पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में टीसीएस का शेयर सबसे अधिक करीब तीन प्रतिशत चढ़ गया।

मुंबई। शेयर बाजारों का रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला बृहस्पतिवार को फिर शुरू हुआ। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलएंडटी जैसी कंपनियों के शेयरों में लाभ से सेंसेक्स 92 अंक चढ़कर अपने नए उच्चस्तर पर पहुंच गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती गिरावट से उबरकर 91.84 अंक या 0.19 प्रतिशत के लाभ से 49,584.16 अंक पर बंद हुआ। यह इसका नया सर्वकालिक उच्चस्तर है। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 30.75 अंक या 0.21 प्रतिशत के लाभ से 14,595.60 अंक के नए रिकॉर्ड पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में टीसीएस का शेयर सबसे अधिक करीब तीन प्रतिशत चढ़ गया।

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इंडसइंड बैंक, एलएंडटी, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा के शेयर भी लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर एचसीएल टेक, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और इन्फोसिस के शेयरों में गिरावट आई। रिलायंस सिक्योरिटीज के प्रमुख-रणनीति विनोद मोदी ने कहा कि एफएमसीजी और फार्मा शेयरों की अगुवाई में भारतीय शेयर बाजार दिन के निचले स्तर से उबरकर लाभ के साथ बंद हुए। अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग के हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और जापान के निक्की में लाभ दर्ज हुआ। चीन के शंघाई कम्पोजिट में गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार लाभ में थे। इस बीच, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 0.12 प्रतिशत के नुकसान से 55.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।





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महामारी के बीच भारत ने विदेशी पूंजी को किया आकर्षित, 2020 में एफडीआई बढ़ा 13 प्रतिशत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   16:29
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महामारी के बीच भारत ने विदेशी पूंजी को किया आकर्षित, 2020 में एफडीआई बढ़ा 13 प्रतिशत

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक साल 2020 में भारत में एफडीआई 13 प्रतिशत बढ़ा।संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के बीच भारत और चीन ने विदेशी पूंजी को आकर्षित किया।

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि डिजिटल क्षेत्र में दिलचस्पी के चलते भारत में 2020 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 13 प्रतिशत बढ़ा, हालांकि इस दौरान ब्रिटेन, अमेरिका और रूस जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में पूंजी का प्रवाह बहुत तेजी से घटा। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के बीच भारत और चीन ने विदेशी पूंजी को आकर्षित किया। व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (अंकटाड) द्वारा रविवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020 में वैश्विक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के 42 प्रतिशत घटकर 859 अरब अमेरिकी डॉलर रह जाने का अनुमान है, जो 2019 में 1500 अरब डॉलर था।

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पिछली बार इतना निचला स्तर 1990 के दशक में देखा गया था और यह गिरावट 2008-2009 के वैश्विक वित्तीय संकट के मुकाबले 30 प्रतिशत अधिक है। अंकटाड ने कहा कि एफडीआई में गिरावट खासतौर से विकसित देशों में देखने को मिली, जहां एक अनुमान के मुताबिक पूंजी प्रवाह 69% घटकर 229 अरब डॉलर रह गया। हालांकि दूसरी ओर डिजिटल क्षेत्र में निवेश से भारत में एफडीआई 13 प्रतिशत बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे अधिक एफडीआई चीन में आया और यहां पूंजी प्रवाह चार प्रतिशत बढ़कर 163 अरब डॉलर हो गया।





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रिलायंस को पीछे छोड़ एक बार फिर सबसे मूल्यवान घरेलू कंपनी बनी TCS

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   15:02
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रिलायंस को पीछे छोड़ एक बार फिर सबसे मूल्यवान घरेलू कंपनी बनी TCS

टीसीएस एक बार फिर सबसे मूल्यवान घरेलू कंपनी बनी।टीसीएस ने पिछले साल मार्च में सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा खो दिया था, जिसे उसने सोमवार को दोबारा हासिल कर लिया। शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण हर दिन बदलता रहता है।

नयी दिल्ली। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को पीछे छोड़ते हुए बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। दोपहर के कारोबार के दौरान टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 12,45,341.44 करोड़ रुपये था, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का बाजार पूंजीकरण घटकर 12,42,593.78 करोड़ रुपये रह गया।

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आरआईएल के तिमाही नतीजे निवेशकों को खुश नहीं कर सके, जिसके चलते उसके शेयर बीएसई में 4.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,950.30 पर कारोबार कर रहे थे। इसके विपरीत टीसीएस के शेयर 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ एक साल के उच्चतम स्तर 3,345.25 रुपये पर आ गये। टीसीएस ने पिछले साल मार्च में सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा खो दिया था, जिसे उसने सोमवार को दोबारा हासिल कर लिया। शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण हर दिन बदलता रहता है।





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यस बैंक: प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई में बिल्डर समूह के परिसरों पर छापेमारी की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   14:34
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यस बैंक: प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई में बिल्डर समूह के परिसरों पर छापेमारी की

प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को मुंबई में रियल एस्टेट से जुड़े एक समूह के कम से कम 10 परिसरों में छापेमारी की। एजेंसी ने यह छापेमारी यस बैंक में कथित धोखाधड़ी के मामले में अपनी धन शोधन संबंधी जांच के सिलसिले में की।

नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को मुंबई में रियल एस्टेट से जुड़े एक समूह के कम से कम 10 परिसरों में छापेमारी की। एजेंसी ने यह छापेमारी यस बैंक में कथित धोखाधड़ी के मामले में अपनी धन शोधन संबंधी जांच के सिलसिले में की। अधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के मुंबई स्थित सात आवासीय और तीन कार्यालय परिसरों में छापेमारी की। ‘पीटीआई-भाषा’ ने रियल एस्टेट समूह को जानकारी के लिए ईमेल भेजे थे, लेकिन उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

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उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही है और छापेमारी का लक्ष्य इस मामले में और सबूत जमा करना है। उन्होंने बताया कि ओमकार ग्रुप के अध्यक्ष कमल किशोर गुप्ता और प्रबंध निदेशक बाबूलाल वर्मा इस समूह के प्रवर्तक हैं। सूत्रों ने बताया कि समूह पर आरोप है कि इसने झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) के तहत हासिल की गई कई अनुमतियों का गलत इस्तेमाल किया।

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वहीं समूह पर यह भी आरोप है कि इसने यस बैंक से ऋण के तौर पर लिए करीब 450 करोड़ रुपये की राशि को ‘किसी और मद में’ खर्च किया। यस बैंक के सह-प्रवर्तक राणा कपूर और डीएचएफएल के प्रवर्तक कपिल वधावन और धीरज वधावन को पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में गिरफ्तार कर चुका है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।





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