भारत में लघु व्यवसायों के लिए शिपरॉकेट ने 'Early COD' की सुविधा शुरू की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jul 15 2019 5:20PM
भारत में लघु व्यवसायों के लिए शिपरॉकेट ने 'Early COD' की  सुविधा शुरू की
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नई सुविधा सभी शिपरॉकेट विक्रेताओं को दैनिक आधार पर सीओडी प्रेषण प्राप्त करने और सीओडी प्रेषण में अपनी लॉक-इन कैपिटल को अनलॉक करने में सक्षम बनाती है। भारत में यह पहली बार है कि विक्रेताओं को अंतिम ग्राहक से सीओडी की रसीद पाए बिना सीओडी प्रेषण प्राप्त होगा, यानि भले ही ग्राहक ने नकद भुगतान नहीं किया हो

नई दिल्ली। ईकॉमर्स सेगमेंट में छोटे कारोबारियों के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक को दूर करते हुए, वैश्विक और घरेलू शिपिंग देने वाले आधुनिक लॉजिस्टिक्स एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म, शिपरॉकेट ने अब भारत में अपना 'अर्ली सीओडी' फीचर लॉन्च किया है। यह सभी शिपरॉकेट विक्रेताओं को डिलीवरी की तारीख से 10-15 दिनों के बाद सीओडी प्रेषण पाने के उद्योग के मानदंडों की तुलना में, दैनिक आधार पर सीओडी प्रेषण प्राप्त करने में सक्षम करेगा।

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भले ही ज्यादा से ज्यादा ग्राहक लगातार डिजिटल विकल्पों को अपना रहे हैं, पर दिन-प्रतिदिन के उपभोक्ताओं की खर्च करने की आदतें - विशेष रूप से टियर 2 और टियर 3 शहरों में रहने वाले - किसी न किसी तरह वैसी ही बनी हुई हैं। रेडसिअर की एक रिपोर्ट बताती है कि सीओडी भुगतान के कम से कम 2020 तक 50% पर स्थिर होने की उम्मीद है। सीओडी प्रेषण, हालांकि, भूलभुलैया जैसी प्रक्रिया है जिसमें कैश संग्रह, रसीद कोलेशन, खातों के सामंजस्य आदि शामिल हैं, जिसमें सभी प्रक्रियाएं के लिए उनकी खुद की तकनीकी भी होती है, और इस प्रकार भुगतान में देरी होती है। सीओडी भुगतान में देरी होना छोटे विक्रेताओं के लिए बोझ बन जाता है, जिससे उन्हें पैकेज की डिलीवरी से लगभग 1 से 2 सप्ताह तक इंतजार करना पड़ता है। परिणामस्वरूप, ई-कॉमर्स विक्रेताओं को अक्सर इस लॉक-इन कैपिटल को अनलॉक करने के लिए औपचारिक और अनौपचारिक ऋण लेने पड़ते हैं।
सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, साहिल गोयल ने घोषणा पर बोलते हुए कहा, “अपनी स्थापना के बाद से, शिपरॉकेट समर्पित रूप से भारतीय विक्रेताओं द्वारा अनुभव की जाने वाली चुनौतियों का समाधान करने की दिशा में काम कर रहा है। इस संबंध में, सबसे बड़ी जटिलताओं में से एक सीओडी भुगतान है। यह उनके समग्र परिचालन व्यय में इजाफा करता है और इसका उनके वित्त पर काफी प्रभाव पड़ता है। पहले, शिपरॉकेट ने एक सप्ताह में तीन बार सीओडी प्रेषण जारी करके इस समस्या को काफी हद तक कम कर दिया था और अब हम ‘अर्ली सीओडी’ शुरू करके बेहद खुश हैं, जो सीओडी प्रेषण को एक दिन से कम समय में संभव बनाएगा। हम अपने सभी विक्रेताओं को अर्ली सीओडी के लॉन्च और उस भाव के लिए बधाई देना चाहते हैं, जो यह उनके लिए पैदा करेगा।”
भारत में ऐसा पहली बार है कि विक्रेताओं को अंतिम ग्राहक से सीओडी की रसीद मिलने पर ध्यान दिए बिना सीओडी प्रेषण प्राप्त होगा, अर्थात भले ही ग्राहक ने नकद भुगतान नहीं किया हो। शिपरॉकेट विक्रेताओं को विभिन्न योजनाओं के अनुसार वादा किए गए समय (डिलीवरी के बाद 2,3,4 दिन) के आधार पर गारंटीकृत प्रेषण प्राप्त होगा। अधिक जानकारी के लिए, www.shiprocket.in <http://www.shiprocket.in> पर लॉग ऑन करें।
 
शिपरॉकेट अपने विक्रेताओं के लिए शिपर के टर्नअराउंड समय (टीएटी) और लागत प्रभाविता के लिए बेहतर दृश्यता बनाने के लिए बिग डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाता है। इस लॉजिस्टिक्स एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म में वर्तमान में 1.5 लाख से अधिक विक्रेता हैं और लगभग 15 कूरियर कंपनियों के साथ सक्रिय चैनल भागीदारी है। प्लेटाफार्म वर्तमान में 220 से अधिक देशों के साथ-साथ भारत में 26,000 पिन कोड के लिए शिपिंग करता है और यह अपनी शुरुआत से ही 300% साल दर साल वृद्धि के साथ, अपनी लागत प्रभावी सेवाओं के लिए जाना जाता है।


शिपरॉकेट के बारे में- शिपरॉकेट एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म है जो ई-कॉमर्स सेक्टर में काम करने वाले एमएसएमई के लिए वैश्विक और घरेलू शिपिंग को संचालित करता है। शिपरॉकेट 15 कूरियर भागीदारों के साथ लगभग 220 देशों में और भारत में 26,000 पिन कोड में शिपिंग करता है। 2016 में शुरू किया गया, शिपरॉकेट के पास आज 1.5 लाख विक्रेता हैं और उसने अब तक $120 मिलियन से अधिक का जीएमवी पाया है।
प्लेटफ़ॉर्म के कुछ यूएसपी में इसके एआई-संचालित अनुशंसा इंजन, लागत-प्रभावशीलता (घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग दरों के साथ), समय-दक्षता, डेटा-चालित दृष्टिकोण और विक्रेताओं के लिए उपयोग में आसान एकीकृत इकोसिस्टम (शिपरॉकेट 360 और शिपरॉकेट सोशलसहित) व अन्य शामिल हैं। पूरे भारत में ई-कॉमर्स शिपिंग के लिए अगली पीढ़ी के लॉजिस्टिक एनबलर के रूप में उभरते हुए, इसने साल दर साल 300% की वृद्धि दर सुरक्षित करने के लिए प्लेटफार्म को सक्षम किया है और अपने परिचालन/लक्षित भौगोलिक या व्यापार की मात्रा के बावजूद ग्राहकों को ऑनबोर्ड किया है।    
 

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