दिल्ली में ऑनलाइन मिलेगा लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस, चीटिंग किया तो तुरंत पकड़े जाओगे!

दिल्ली में ऑनलाइन मिलेगा लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस, चीटिंग किया तो तुरंत पकड़े जाओगे!

जानकारी के मुताबिक, ई-लाइसेंस देश में एक फेसलेस सेवा का हिस्सा है जिसको फरवरी में शुरू किया जा चुका है। इसका मुख्य सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा तैयार किया गया है। इसमें अब एक और सॉफ्टवेयर ऐड किया गया है और वो है फेस डिटेक्टर।

दिल्लीवासियों के लिए एक अच्छी खबर हैं कि अब उन्हें लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आरटीओ ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आपको बता दें कि लर्नर लाइसेंस के लिए आपको एक ऑनलाइन टेस्ट देना होगा जिसको पास करने के बाद आपको बड़ी आसानी के साथ ई-लाइसेंस उपलब्ध हो जाएगा। लेकिन अगर आपको यह लग रहा है कि यह टेस्ट आसान होगा तो आप गलत है, बता दें कि नए सुविधाओं और तकनीक के साथ ही अब कोई चिटिंग न कर सके इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।   

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जानकारी के मुताबिक, ई-लाइसेंस देश में एक फेसलेस सेवा का हिस्सा है जिसको फरवरी में शुरू किया जा चुका है। इसका मुख्य सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा तैयार किया गया है। इसमें अब एक और सॉफ्टवेयर ऐड किया गया है और वो है फेस डिटेक्टर। जी हां, इस फेस डिटेक्टर के जरिए आप अपनी जगह किसी और को टेस्ट देने के लिए बिठा नहीं सकते है। इस फेस डिटेक्टर के जरिए आपको तुरंत पकड़ लिया जाएगा कि टेस्ट देने वाला व्यक्ति वही है या उसकी जगह कोई और टेस्ट तो नहीं दे रहा है। 

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दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने अग्रेंजी अखबार टीओआई को बताया कि, एनआईसी सॉफ्टवेयर पहले लॉन्च किया जा रहा था, लेकिन इसमें फेस-रिकग्निशन कंपोनेंट भी इंस्टॉल को भी शामिल किया जाना जरूरी था। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वास्तविक आवेदक ही टेस्ट के लिए बैठा है न कि उसकी जगह कोई और। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि हम इसे सुनिश्चित करना चाहते हैं क्योंकि पूरी कवायद सड़क सुरक्षा से जुड़ी है। हम यह भी चाहते थे कि केंडिडेट को पता चले कि उसको टेस्ट देते वक्त कोई देख रहा है।टीओआई के मुताबिक, परिवहन मंत्री ने बताया कि,इसे एक और सप्ताह के समय में लॉन्च किया जा सकता है।