स्टार्टअप कंपनी मिशनक्या ने की ExpertRight.com नाम से रीब्रांडिंग

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 9, 2019   17:52
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स्टार्टअप कंपनी मिशनक्या ने की ExpertRight.com नाम से रीब्रांडिंग

अपनी पहल का नाम बदलकर एक्सपर्टराइट रखने की वजह के बारे में पूछे जाने पर आयुष ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में हमने ट्रैवल, टेक, हेल्थ-टेक, एडु-टेक, एआई आदि विविधतापूर्व क्षेत्रों में कैटेगरी लीडर्स के साथ काम को आउटसोर्स किया है।

दिल्ली। स्टार्टअप के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम, जिसे पहले मिशनक्या (MissionKya) ब्रांड नाम से जाना जाता था, ने अब अपनी कंपनी के नाम की रीब्रांडिंग करते हुए एक्सपर्टराइट.कॉम (ExpertRight.com) नाम रख लिया है। 2016 में स्थापित एक्सपर्टराइट एक क्राउड सोर्स फ्रीलांस मार्केटप्लेस है जो सभी तरह के क्लाइंट्स को भरोसेमंद और क्यूरेटेड फ्रीलांस पेशेवरों और एजेंसियों से जोड़ने में  मदद करता है। 

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एक्सपर्टराइट के संस्थापक और सीईओ आयुष गोयल एक युवा और सदैव सक्रिय रहने वाले उद्यमी हैं, जिन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी से बी.टेक की डिग्री की पढ़ाई के दौरान ही एक्सपर्टराइट की नींव रखी। आयुष ने जब फ्रीलांसर्स और आउटसोर्सिंग संगठनों के बीच पुल बनाने पर काम शुरू किया तो उनके पास स्टार्टअप बनाने को लेकर कई विचार थे। इन विचारों को ही रास्ता दिखाने के लिए उन्होंने एक ब्रांड नाम दिया- ‘मिशनक्या’ (MissionKya)।

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अपनी पहल का नाम बदलकर एक्सपर्टराइट रखने की वजह के बारे में पूछे जाने पर आयुष ने कहा, “बीते कुछ वर्षों में हमने ट्रैवल, टेक, हेल्थ-टेक, एडु-टेक, एआई आदि विविधतापूर्व क्षेत्रों में कैटेगरी लीडर्स के साथ काम को आउटसोर्स किया है। लेकिन मेरा विजन हमेशा कंपनी को ग्लोबल प्लेटफार्म पर ले जाने का रहा है और मेरे शुभचिंतक और सीनियर अभिनव सिंह (सीईओ @ टेकयूगो) से बातचीत के दौरान मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि यह नाम ग्लोबल क्लाइंट्स के लिए बहुत देसी है। ऐसे में ब्रांड को दुनियाभर के क्लाइंट्स के बीच यूनिवर्सल पहचान देने के लिए  हमने इसका नाम बदलकर एक्सपर्टराइट.कॉम (ExpertRight.com) (हायर द राइट एक्सपर्ट या सही विशेषज्ञ को काम सौंपें) रखा।” 

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एक्सपर्टराइट सभी आकारों के क्लाइंट्स के साथ काम करता है- व्यक्तिगत स्तर के कामों और स्टार्टअप से लेकर फिनटेक, ट्रैवल, एड-टेक और मीडिया दिग्गजों के साथ भी। कोई भी अपनी आवश्यकता पोस्ट कर सकता है और सावधानीपूर्व तुलना करने के बाद पेशेवर फ्रीलांसर्स से प्रस्ताव प्राप्त कर सकता है। इसी वजह से एक्सपर्टराइट ब्रांड की प्रक्रिया और उसके अर्थ से भली-भांति जुड़ता है। 

रीब्रांडिंग प्रक्रिया से गुजरते समय किन चुनौतियों का सामना किया, इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “बहुत से लोगों ने मुझे समझाने की कोशिश की कि नाम में कुछ नहीं है। आपके विजन और आप जो काम कर रहे हैं, उसमें ही सब होता है। लेकिन, मैं इस सिद्धांत से खुद को जोड़ नहीं सका और दृढ़ता से महसूस करता हूं कि हम एक व्यावहारिक दुनिया में रहते हैं और नाम बहुत मायने रखता है। इस कंपनी को वैश्विक स्तर पर ले जाने के विजन और आइडिया कंपनी की वृद्धि के लिए जरूरी है और इसी वजह से इसे फिर से लोगों के सामने लेकर जाना एक विकल्प नहीं बल्कि एक आवश्यकता थी।”

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एक्सपर्टराइट मुख्य रूप से टियर-1 और टियर-2 शहरों के स्टार्टअप्स और व्यवसायों के साथ काम करता है, जिन्हें फुलटाइम प्रोफेशनल्स को काम पर रखने के बजाय अपने कामों को आउटसोर्स करने की आवश्यकता होती है। फर्म एक फ्रीलांस मार्केटप्लेस में विकसित होने पर फोकस कर रहा है, जहां कारोबारी फ्रीलांसर्स से काम करवा सकते हैं और स्टार्टअप्स के लिए इन-हाउस लॉन्चपैड प्लेटफॉर्म की मदद से अपने व्यापार को बढ़ा सकते हैं। साथ ही अपने ज्ञान और विशेषज्ञता को यूजर्स के साथ शेयर कर सकते हैं। इस तरह विशेषज्ञता और इनोवेशन को क्राउडसोर्सिंग की अवधारणा में ला सकते हैं।  





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खुशखबरी! भारत की 4 टॉप IT कंपनी 91,000 फ्रेशर्स को करेंगी HIRE!

  •  निधि अविनाश
  •  जनवरी 19, 2021   17:41
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खुशखबरी! भारत की 4 टॉप IT कंपनी 91,000 फ्रेशर्स को करेंगी HIRE!

टीसीएस के कार्यकारी वीपी और वैश्विक मानव संसाधन प्रमुख मिलिंद लक्कड़ ने हाल के मीडिया इंटरैक्शन में कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि अगले साल के लिए फ्रेशर्स की संख्या 40,000 ही होगी, जितनी इस साल की थी।

कोरोना लॉकडाउन चढ़ाव के बाद मांग में तेज उछाल के साथ, भारतीय आईटी फर्मों ने 2021-22 के लिए लोगों को नौकरी देने की योजना बनाई है। भारत की चार टॉप आईटी फर्मों - टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो ने 91,000 लोगों को काम पर रखने की योजना बनाई है। बता दें कि यह आकंड़े पिछले साल के आकंड़ों की तुलना थोड़ा अधिक है। टीसीएस के कार्यकारी वीपी और वैश्विक मानव संसाधन प्रमुख मिलिंद लक्कड़ ने हाल के मीडिया इंटरैक्शन में कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि अगले साल के लिए फ्रेशर्स की संख्या  40,000 ही होगी, जितनी इस साल की थी। वहीं इन्फोसिस ने कहा कि वह अगले वित्त वर्ष में भारत में 24,000 कॉलेज ग्रेजुएट को नियुक्त करेगी, जो कि 15,000 से ऊपर है। 

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गौरतलब है कि आईटी कंपनी HCL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि आगामी दो तिमाहियों में 20 हजार लोगों को काम पर रखेगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सी विजयकुमार ने कहा कि सौदों पर हस्ताक्षर तथा डिजिटल सेवाओं को अपनाये जाने में मजबूत वृद्धि के चलते मांग में तेजी आने वाली है। इसी के मद्देनजर कंपनी की ये नियुक्तियां करने की योजना है। कंपनी के साथ 31 दिसंबर 2020 तक 1,59,682 कर्मचारी कार्यरत थे। दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने 12,422 लोगों को नौकरियां दी। हालांकि इस दौरान कुछ लोग बाहर भी हुए, जिसके चलते दिसंबर तिमाही में कर्मचारियों की कुल संख्या में वृद्धि 6,597 लोगों की रही। विजयकुमार ने कहा कि जैसी मांग हमें दिख रही है, उसके आधार पर हम अगले चार से छह महीने में 20 हजार लोगों को काम पर रखेंगे। इनमें नये और अनुभवी दोनों तरह के लोग होंगे।







सरकार व्हाट्सऐप की गोपनीयता नीति में बदलावों पर विचार कर रही है: रविशंकर प्रसाद

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   17:21
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सरकार व्हाट्सऐप की गोपनीयता नीति में बदलावों पर विचार कर रही है: रविशंकर प्रसाद

व्हाट्सऐप ने कहा है कि उसके मंच पर भेजे गए संदेश पूरी तरह गोपनीय हैं और व्हाट्सऐप या फेसबुक उसके मंच से भेजे गए निजी संदेशों को नहीं देख सकते हैं।

नयी दिल्ली। व्हाट्सऐप की नई गोपनीयता नीति को लेकर उपयोगकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रिया के बीच भारत सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप द्वारा किए गए बदलावों पर विचार कर रही है, और साथ ही उन्होंने कहा कि निजी संचार की शुचिता बनाए रखने की जरूरत है। संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 15वें भारत डिजिटल शिखर सम्मेलन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ संपर्क के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया जाएगा। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के मुद्दे पर हाल में भारत सहित दुनिया भर में व्हाट्सऐप की भारी आलोचना हुई है। हालांकि, व्हाट्सऐप ने कहा है कि उसके मंच पर भेजे गए संदेश पूरी तरह गोपनीय हैं और व्हाट्सऐप या फेसबुक उसके मंच से भेजे गए निजी संदेशों को नहीं देख सकते हैं।

प्रसाद ने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर मेरा विभाग काम कर रहा है, और निर्णायक प्राधिकारी होने के नाते मेरे लिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। लेकिन, एक बात को बहुत स्पष्ट रूप से कहना चाहूंगा। चाहें व्हाट्सऐप हो, फेसबुक हो, या कोई भी डिजिटल मंच... आप भारत में व्यापार करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन यहां काम कर रहे भारतीयों के अधिकारों का अतिक्रमण किए बिना ऐसा कीजिए।’’ उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत संचार की शुचिता को बनाए रखने की जरूरत है। प्रसाद ने कहा, ‘‘यह देखते हुए कि मेरा विभाग इस पर काम कर रहा है, मैंने केवल बुनियादी सिद्धांतों पर बात की है। मुझे इसका इंतजार करना होगा।’’ भारत में अपने उत्पादों को पेश करने के लिए चीनी कंपनियों की भागीदारी के बारे में पूछने पर प्रसाद ने कहा कि सामान्य नीतिगत पहल का जिक्र करने के अलावा किसी भी देश का नाम लेना उनके लिए उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमने ऐप पर प्रतिबंध लगा दिए, क्योंकि यह मुद्दा डेटा गोपनीयता था, मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा था, मुद्दा राष्ट्रीय संप्रभुता था। इसलिए किसी भी कंपनियों को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से भी विचार किया जाएगा, चाहें वह निजी हो या सरकारी।’’ 

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उन्होंने कहा कि डेटा को सहमति से प्राप्त करना चाहिए, इसका इस्तेमाल उसी काम के लिए करना चाहिए, जिसके लिए इसे जमा किया गया है, और डेटा की उचित सुरक्षा तथा शुचिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में 1.3 अरब लोगों की आबादी के साथ अरबों का डेटा है और हम अपनी डिजिटल संप्रभुता पर कभी समझौता नहीं करेंगे। प्रसाद ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि भविष्य में भारत डेटा अर्थव्यवस्था का एक बड़ा केंद्र बन जाए। जब ​​मैं डेटा अर्थव्यवस्था के बारे में बात करता हूं, तो मेरा मतलब डेटा के प्रसंस्करण और डेटा नवाचार से है। भारत में डेटा रिफाइनरी बनने की बहुत बड़ी संभावना है... इसलिए, डाटा अर्थव्यवस्था के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करके भारत को समृद्ध बनाना चाहिए।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘दुनिया हमारे डेटा कानून की ओर देख रही है, जिसे हम बहुत जल्द लाने जा रहे हैं।





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दिल्ली में पेट्रोल पहली बार 85 रु के पार, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   17:16
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दिल्ली में पेट्रोल पहली बार 85 रु के पार, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

दिल्ली में पहली बार पेट्रोल की कीमत 85 रुपये के पार हो गई है। ताजा बदलावों के बाद डीजल की कीमत दिल्ली में 75.38 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 82.13 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल और डीजल की कीमत में सोमवार को भी 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।

नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने लगातार दूसरे दिन कीमतों में बढ़ोतरी की। इससे राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को पेट्रोल की कीमत पहली बार 85 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई, जबकि डीजल रिकॉर्ड ऊंचाई के नजदीक पहुंच गया। तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 25 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 85.20 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 91.80 रुपये प्रति लीटर हो गई। ताजा बदलावों के बाद डीजल की कीमत दिल्ली में 75.38 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 82.13 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल और डीजल की कीमत में सोमवार को भी 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।

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मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, जबकि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत पहली बार 85 रुपये प्रति लीटर के पार हुई है। दिल्ली में डीजल चार अक्टूबर 2018 को 75.45 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर था। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने छह जनवरी को लगभग एक महीने बाद कीमतों की दैनिक समीक्षा शुरू की थी। तब से पेट्रोल के दाम में 1.49 रुपये और डीजल में 1.51 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।





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