Tata Power ने Bihar में शुरू किया 'हर घर सोलर' अभियान, 5 लाख छतों पर लगेंगे प्लांट

Tata Power
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टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तीन साल के भीतर राज्य के पांच लाख घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना पेश की। इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत बिहार सरकार प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी प्रदान कर रही है। कंपनी के अनुसार राज्य में उपभोक्ताओं को जागरूक कर सौर ऊर्जा अपनाने की गति को तेज करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

बिहार में रूफटॉप सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने बृहस्पतिवार को ‘हर घर सोलर’ कार्यक्रम की शुरुआत की। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में राज्य के पांच लाख घरों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में सहयोग करने का लक्ष्य रखा है। पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) प्रवीर सिन्हा तथा टीपीआरईएल के सीईओ एवं एमडी संजय बांगा की उपस्थिति में इसकी शुरुआत की।

प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है।

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प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है।

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सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना शुरू होने के बावजूद बिहार अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है और ‘हर घर सोलर’ अभियान इस अंतर को दूर करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और उपभोक्ताओं के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी। टीपीआरईएल के प्रमुख संजय बांगा ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तुलना में बिहार सौर ऊर्जा अपनाने में पीछे है, जबकि यहां बिजली की दरें 7.5 से 8 रुपये प्रति यूनिट हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्य चुनौती वहनीयता नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी है।

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