आईडीबीआई बैंक में LIC की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से कम होगी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 4, 2019   11:44
  • Like
आईडीबीआई बैंक में LIC की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से कम होगी

खुंटिया ने कहा, ‘‘हमें उन्हें हिस्सेदारी कम करने के लिये कहना होगा। इसी शर्त के तहत उन्हें मंजूरी दी गयी है। उन्हें धीरे-धीरे हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत से कम करना होगा।’’

हैदराबाद। भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से नीचे लाने हेतु एलआईसी के लिये समयसीमा तय करेगा। इरडा के चेयरमैन सुभाष खुंटिया ने यह जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलआईसी को आईडीबीआईबैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने की मंजूरी इस शर्त के साथ दी गयी है कि वह एक तय समय के भीतर इसे कम करके 15 प्रतिशत के दायरे में ले आएगी।

इसे भी पढ़ें- शीर्ष दस कंपनियों में से पांच का बाजार पूंजीकरण 65,426 करोड़ रुपये बढ़ा

खुंटिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमें उन्हें हिस्सेदारी कम करने के लिये कहना होगा। इसी शर्त के तहत उन्हें मंजूरी दी गयी है। उन्हें धीरे-धीरे हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत से कम करना होगा।’’अभी के समय में किसी भी बीमा कंपनी को किसी सूचीबद्ध कंपनी में अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने का ही प्रावधान है। हालांकि एलआईसी को विशेष परिस्थिति के तहत आईडीबीआई बैंक में इससे अधिक हिस्सेदारी की मंजूरी मिली है।


इसे भी पढ़ें- केंद्र ने राज्यों से छोटे किसानों की पहचान करने के लिये कहा: नीति आयोग

उन्होंने कहा, ‘‘इसे (समयसीमा को) तय करना होगा। इसे अभी तय किया जाना है। यही शर्त थी कि उन्हें धीरे-धीरे हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से नीचे लाना होगा। यह समय कितना होगा, हम उनकी कारोबारी योजना पर गौर करते हुए तय करेंगे।’’एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि चुनिंदा मामलों में इरडा अन्य बीमा कंपनियों को भी 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे सकता है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:11
  • Like
कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी

कोरोना वायरस के बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी।कोरोना वायरस महामारी के चलते फैक्टरी और दुकानों के बंद रहने से चीन की अर्थव्यवस्था में 2020 की पहली तिमाही के दौरान 6.8 प्रतिशत की गिरावट हुई थी।

बीजिंग। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि इस दौरान अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे देश महामारी से परेशान थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि इससे पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 4.9 प्रतिशत था। कोरोना वायरस महामारी के चलते फैक्टरी और दुकानों के बंद रहने से चीन की अर्थव्यवस्था में 2020 की पहली तिमाही के दौरान 6.8 प्रतिशत की गिरावट हुई थी।

इसे भी पढ़ें: परंपरागत भारतीय रंगोली के साथ होगी बाइडेन-हैरिस के शपथग्रहण समारोह की शुरुआत

इसके बाद अगली तिमाही में चीन ने 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। हालांकि, यह पिछले एक दशक में चीन द्वारा हासिल की गई सबसे कम वृद्धि है, लेकिन अमेरिका और दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले अधिक है। इन देशों ने अभी 2020 के लिए वृद्धि के आंकड़े घोषित नहीं किए हैं, लेकिन इस दौरान उनकी अर्थव्यवस्थाओं में संकुचन निश्चित है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, 200 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:39
  • Like
लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, 200 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स

सेंसेक्स सें सबसे अधिक तीन प्रतिशत की गिरावट इंडसइंड बैंक में हुई। इसके अलावा पावरग्रिड, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, एसबीआई, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में बढ़त देखने को मिली।

मुंबई। मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच इंफोसिस, एचडीएफसी और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों के टूटने से प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 200 अंकों से अधिक की गिरावट हुई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 203.52 या 0.42 प्रतिशत गिरकर 48,831.15 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह व्यापक एनएसई निफ्टी 70.60 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 14,363.10 था। सेंसेक्स सें सबसे अधिक तीन प्रतिशत की गिरावट इंडसइंड बैंक में हुई। इसके अलावा पावरग्रिड, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, एसबीआई, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में बढ़त देखने को मिली।

इसे भी पढ़ें: सेंसेक्स की टॉप10 में से 6 कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.13 लाख करोड़ बढ़ा

पिछले सत्र में सेंसेक्स 549.49 अंक या 1.11 प्रतिशत लुढ़ककर 49,034.67 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 161.90 अंक या 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,433.70 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शुक्रवार को सकल आधार पर 971.06 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एशियाई बाजारों में शंघाई और हांगकांग में तेजी थी, जबकि सियोल और टोक्यो लाल रंग में थे। इस बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54.59 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




एक सप्ताह में रिकार्ड 534 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का हुआ निर्माण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:10
  • Like
एक सप्ताह में रिकार्ड 534 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का हुआ निर्माण

सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2020 से 15 जनवरी 2021 की अवधि में उसने 7,597 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ठेका दिया जबकि 2019- 20 में इसी अवधि में 3,474 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का ठेका दिया गया था। इस प्रकार परियोजनाओं के निर्माण का ठेका देने की गति भी इस साल दोगुने से अधिक हो गई।

नयी दिल्ली। सड़क परिवहन मंत्रालय ने रविवार को कहा कि गत आठ जनवरी से शुरू हुये सप्ताह में रिकार्ड 534 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने पिछले आठ जनवरी से शुरू हुये सप्ताह में 534 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कर एक रिकार्ड कायम किया है। बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने अप्रैल 2020 से लेकर 15 जनवरी 2021 की अवधि में 8,169 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया।इस लिहाज से प्रतिदिन 28.16 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। वहीं पिछले साल इसी अवधि में 7,573 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया।तब प्रतिदिन 26.11 किलोमीटर सड़क निर्माण हुआ। मंत्रालय को उम्मीद है कि निर्माण की इस गति के साथ वह 31 मार्च 2021 तक 11 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण के लक्ष्य को पार कर लेगा। 

इसे भी पढ़ें: MSME के बकाया के मुद्दे पर सरकार नयी योजना, कानून पर कर रही है विचार:गडकरी 

सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2020 से 15 जनवरी 2021 की अवधि में उसने 7,597 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ठेका दिया जबकि 2019- 20 में इसी अवधि में 3,474 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का ठेका दिया गया था। इस प्रकार परियोजनाओं के निर्माण का ठेका देने की गति भी इस साल दोगुने से अधिक हो गई। मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2019- 20 में कुल मिलाकर 8,948 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं के निर्माण का ठेका दिया गया जबकि 10,237 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया। बयान में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो माह में कोरोना वायरस महामारी के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बावजूद सड़क निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय गति हासिल की गई है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept