Yogi ने कहा कि निजी कंपनियां, सरकारें और धार्मिक संस्थाएं अयोध्या में निवेश को इच्छुक हैं

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राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक, आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय सांसद और विधायकों के साथ जारी विकास परियोजनाओं की पड़ताल की श्रंखला में आज अयोध्या, विंध्याचल और कानपुर मंडल की समीक्षा की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश दुनिया के लोग दिव्य, भव्य और नव्य अयोध्या के दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और अनेक निजी कंपनियां, राज्य सरकारें और धार्मिक संस्थाएं अयोध्या में निवेश को उत्सुक हैं। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक, आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय सांसद और विधायकों के साथ जारी विकास परियोजनाओं की पड़ताल की श्रंखला में आज अयोध्या, विंध्याचल और कानपुर मंडल की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सुल्तानपुर, बाराबंकी, अमेठी, अम्बेडकर नगर, मीरजापुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा फर्रुखाबाद और कन्नौज के सांसदों तथा विधायकों से उनके क्षेत्र की विकास योजनाओं की जानकारी ली और आवश्यकतानुसार दिशानिर्देश भी दिए। आदित्यनाथ ने कहा ‘‘प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आज देश सांस्कृतिक व आध्यात्मिक नवजागरण का साक्षी बन रहा है। देश-दुनिया के लोग दिव्य, भव्य, नव्य अयोध्या के दर्शन को आतुर हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश-विदेश की अनेक निजी कंपनियां, राज्य सरकारें और धार्मिक संस्थाएं अयोध्या में निवेश को उत्सुक हैं। इसका सीधा लाभ हमारे युवाओं को मिलेगा।’’ मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि 10 फरवरी से शुरू हो रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मुख्य समारोह से सभी जिलों को जोड़ा जाए। इससे प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन सभी को प्राप्त होगा। इस आयोजन में स्थानीय निवेशकों, उद्यमियों को भी आमंत्रित करें।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने स्वयं के लिए एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। आगामी 10-12 फरवरी को आयोजित ‘उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। व्यापक निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिसका सीधा लाभ हमारे युवाओं को मिलेगा।

आदित्यनाथ ने कहा कि कानपुर उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण बिंदु है। इससे यहां के कुटीर, लघु एवं मझोले उद्योगों के लिए नई संभावनाएं तैयार हुई हैं। यहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इटावा, कन्नौज, बाराबंकी, फर्रुखाबाद जिलों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। आलू, टमाटर की अच्छी पैदावार यहां होती है। राज्य सरकार ने नई खाद्य प्रसंस्करण नीति लागू की है।

सांसद/विधायक निवेशकों को इसके बारे में बताएं। भूमि सहित हर तरह के जरूरी संसाधन सरकार उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी और घरेलू निवेशक रोड शो से प्रेरणा लेते हुए विभिन्न जनपदों ने अपने प्रयासों से निवेशक सम्मेलन आयोजित किए। इन जिला स्तरीय निवेशक सम्मेलनों में हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं। अकेले बाराबंकी ने 800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं।

अयोध्या, विंध्याचल और कानपुर मंडल के सभी जिलों को ऐसे ही प्रयास करने चाहिए। यहां हर क्षेत्र के लिए अवसर हैं। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने नये विकास कार्यों के बारे क्षेत्रीय जनाकांक्षाओं से भी अवगत कराया और इस संबंध में अपने प्रस्ताव भी दिए। मुख्यमंत्री ने सांसदों और विधायकों के इन प्रस्तावों पर तत्काल कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को निर्देशित भी किया।

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