तो ये हैं सफलता के मूल मंत्र, इनके इस्तेमाल से जीवन होता है सफल

  •  वरूण क्वात्रा
  •  सितंबर 17, 2018   17:11
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तो ये हैं सफलता के मूल मंत्र, इनके इस्तेमाल से जीवन होता है सफल
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बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो अथक प्रयासों के बावजूद भी जीवन में असफलता और हार का मुंह देखते हैं। ऐसे लोग यही सोचते हैं कि सफलता उनके भाग्य में ही नहीं है। लेकिन व्यक्ति को कभी भी हार से घबराना नहीं चाहिए।

बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो अथक प्रयासों के बावजूद भी जीवन में असफलता और हार का मुंह देखते हैं। ऐसे लोग यही सोचते हैं कि सफलता उनके भाग्य में ही नहीं है। लेकिन व्यक्ति को कभी भी हार से घबराना नहीं चाहिए। डेल कार्नेगी ने भी कहा था कि असफलता से सफलता का सृजन कीजिए। निराशा और असफलता, सफलता के दो निश्चित आधार स्तंभ हैं। बस जरूरत है तो खुद में कुछ बदलाव करने की। तो चलिए आज हम आपको ऐसी कुछ बातों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें छोड़ने के बाद जीवन में सफलता बेहद आसानी से पाई जा सकती हैं−

सुने अपने दिल की

हर व्यक्ति के जीवन का फलसफा अलग होता है। किसी के लिए सफलता का मतलब बहुत नाम व पैसा कमाना होता है तो कोई अपने काम में खुशी ढूंढकर सफलता का अहसास करता है। इसलिए सफलता हासिल करने के लिए आप सबसे पहले दूसरों की बातों को सुनना बंद करें और खुद से यह सवाल करें कि आप अपने जीवन से क्या चाहते हैं। जब आपको जवाब मिल जाए तो उसे पूरा करने में जुट जाएं। स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करो और सभी दूसरे विचार को अपने दिमाग से निकाल दो। यही सफलता की पूंजी है।

सीखें निर्णय लेना

जीवन में वही व्यक्ति आगे बढ़ता है, जो अपने जीवन में कुछ कठोर निर्णय लेता है। कुछ लोगों के निर्णय उन्हें नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं तो कभी−कभी गलत निर्णय के कारण आपको सबकुछ शुरू से शुरू करना पड़ता है। लेकिन इसका तात्पर्य यह नहीं है कि हार के डर से व्यक्ति निर्णय लेना ही छोड़ दें। असमंजस की स्थिति में व्यक्ति किसी निर्णय पर नहीं पहुंचता और कुछ अच्छे अवसर उसके हाथ से छूट जाते हैं। इसलिए बाद में पछताने से अच्छा है कि आप खुद पर भरोसा करें और हिम्मत करके कुछ जटिल निर्णय लेना भी सीखें।

स्वीकारें कमियां

यह एक विश्वव्यापी सत्य है कि जीवन में कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नहीं होता। हर किसी में कुछ न कुछ कमियां अवश्य होती हैं। लेकिन अगर व्यक्ति न सिर्फ उन कमियों को पहचानें, बल्कि उन्हें स्वीकार करके अपनी कमियों को ही अपनी खूबी बना लेता है तो कोई भी उन्हें सफल होने से नहीं रोक सकता। वहीं कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो भूतकाल में हुई अपनी गलतियों का रोना रोते रहते हैं और खुद पर विश्वास करना ही छोड़ देते हैं। ऐसे व्यक्ति जीवन में कभी भी सफलता का स्वाद नहीं चख पाते। मेल्कम फोर्ब्स के शब्दों में, असफलता सफलता है, यदि हम उससे सीख लें तो।

- वरूण क्वात्रा







ड्राइविंग के क्षेत्र में भी कर सकते हैं अच्छी कमाई, जानिए कैसे

  •  वरूण क्वात्रा
  •  दिसंबर 2, 2020   16:42
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ड्राइविंग के क्षेत्र में भी कर सकते हैं अच्छी कमाई, जानिए कैसे
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ड्राइविंग के क्षेत्र में दो तरह से कॅरियर बनाया जा सकता है। मसलन, आप स्वयं के व्यवसाय के स्वामी और चालक हो सकते हैं। इसके लिए आप ओला और उबर के तहत पंजीकृत कुछ टैक्सी प्राप्त करें और इस उद्योग के माध्यम से भी अच्छी कमाई करें।

ड्राइविंग एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कॅरियर बनाने के बारे में शायद ही कोई युवा सोचता हो। यकीनन यह कोई फुल टाइम प्रोफेशन नहीं है लेकिन फिर भी अगर आप इसे एक कॅरियर या व्यवसाय के रूप में देखते हैं तो इसमें भी आपके विकास की अपार संभावनाएं मौजूद है। यह उन लोगों के लिए एक अच्छा कॅरियर ऑप्शन साबित हो सकता है, जो बहुत अधिक पढ़े−लिखे नहीं है, लेकिन फिर भी अच्छी आमदनी करके एक बेहतर जिन्दगी जीना चाहते हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ड्राइविंग के क्षेत्र में कॅरियर बनाकर आप किस तरह अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं−

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ऐसे बनाएं कॅरियर

कॅरियर एक्सपर्ट बताते हैं कि ड्राइविंग के क्षेत्र में दो तरह से कॅरियर बनाया जा सकता है। मसलन, आप स्वयं के व्यवसाय के स्वामी और चालक हो सकते हैं। इसके लिए आप ओला और उबर के तहत पंजीकृत कुछ टैक्सी प्राप्त करें और इस उद्योग के माध्यम से भी अच्छी कमाई करें। इसके अलावा अगर आपके पास पर्याप्त पैसा नहीं है तो इस स्थिति में आप कुछ ओला व उबर आदि में बतौर कार चालक अपने कॅरियर की शुरूआत कर सकते हैं।

योग्यता

यह एक ऐसा क्षेत्र नहीं है, जिसके लिए किसी खास प्रोफेशनल डिग्री की आवश्यकता हो। आपको बस एक वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता है और फिर कई ड्राइविंग स्कूल हैं जो आपको अपने आसपास के क्षेत्र में मिलेंगे। आप वहां से ड्राइविंग का प्रशिक्षण ले सकते हैं। 

जरूरी स्किल्स

अगर आप सच में अपने कॅरियर को ग्रोथ देना चाहते हैं तो इसके लिए आपमें कुछ स्किल्स का होना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले तो आपको बेहद अच्छी तरह से कार ड्राइव करनी आनी चाहिए। यह आपके कॅरियर के लिए सबसे पहली और जरूरी शर्त है। इसके अलावा आप जिस शहर में हैं, वहां की सड़कों की आपको अच्छी जानकारी होनी चाहिए। वैसे इन दिनों जीपीएस के जरिए भी रास्तों के बारे में पता लगाया जा सकता है। वहीं आपमें बेहतर कम्युनिकेशन स्किल होना भी बेहद आवश्यक है। सारा दिन आपकी गाड़ी में कई कस्टमर आएंगे, आपका उनके प्रति व्यवहार कैसा होगा, इस पर काफी कुछ निर्भर करता है।

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संभावनाएं

इस क्षेत्र में कॅरियर ग्रोथ काफी अच्छी है। सबसे पहले तो आप ओला व उबर के अलावा कई ड्राइविंग कंपनियों में बतौर ड्राइवर काम कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप चाहें तो ड्राइविंग इंस्टीट्यूट में बतौर टेनर भी काम कर सकते हैं और दूसरे लोगों को कार चलाना सिखा सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों को पर्सनल कार ड्राइवर की जरूरत होती है, आप उनके लिए भी काम कर सकते हैं। वहीं खुद भी कार या टैक्सी लेकर उसे ड्राइव कर सकते हैं। इस तरह आप खुद ही मालिक बन सकते हैं।

वरूण क्वात्रा







आसान और लाभकारी बिजनेस है मत्स्य पालन, कॅरियर के हैं भरपूर अवसर

  •  मिथिलेश कुमार सिंह
  •  नवंबर 27, 2020   13:03
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आसान और लाभकारी बिजनेस है मत्स्य पालन, कॅरियर के हैं भरपूर अवसर
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2 से 3 मिनट के बाद मछली के बच्चों को तालाब में डाल देना चाहिए। ध्यान रखने वाली बात यह है कि मछलियों की मात्रा तालाब में ना तो बहुत ज्यादा होना चाहिए और बहुत कम भी नहीं होनी चाहिए। आप तालाब में सही अनुपात में मछलियों का बीज डालें।

भारत भर में मत्स्य पालन एक जाना पहचाना व्यवसाय रहा है। कृषि से इसको जोड़कर ज़रूर देखा जाता रहा है, किंतु हकीकत में यह काफी उन्नत और लाभकारी व्यवसाय है।

वर्तमान में कोरोनावायरस के कारण बड़ी संख्या में गांवों की ओर लोगों का पलायन हुआ है। कई लोगों को रोजगार की समस्या भी उत्पन्न हुई है, क्योंकि जमे जमाए व्यवसाय या फिर शहर में करने वाली नौकरी छूटने के बाद लोग गांव की ओर लौटे हैं। गांव में चूँकि अधिकतर लोगों के पास कम-अधिक जमीन होती ही है और ऐसी स्थिति में मत्स्य पालन उन सबके लिए एक लाभकारी व्यवसाय हो सकता है।

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आइए जानते हैं इसकी बेसिक बातें...

तालाब को ठीक से करें तैयार 

अक्सर लोग किसी तालाब की खुदाई के बाद तुरंत ही मछली के बीज डाल देते हैं, लेकिन यह ठीक मेथड नहीं है। सबसे पहले तालाब की सफाई करने के बाद उसमें 200 किलो प्रति हेक्टेयर के हिसाब से चूने का छिड़काव जरूरी है। इसके अलावा महुए की खली और ब्लीचिंग पाउडर डालने से भी मछली पालन के लिए तालाब बेहतर कंडीशन में तैयार हो जाता है। यह सारा कार्य आप ठंड के मौसम में ही कर लें, ताकि ठंड का मौसम बीतते-बीतते मछली का बच्चा डालने योग्य आप का तालाब तैयार हो जाए। 

साथ ही तालाब में ढैंचा नामक घास भी बोया जाता है, ताकि बाद में वह खाद बन जाए और मछली पालन के लिए उपयुक्त रहे। यह तकरीबन 40 किलो प्रति हेक्टेयर के हिसाब से तालाब में बोया जाता है। साथ ही गोबर की खाद डालने से भी वनस्पति जल्दी उग जाती है। अगर समय पर तालाब में अच्छी घास नहीं होती है तो गोबर के साथ सुपर फास्फेट और यूरिया का घोल तालाब में डालना लाभकारी हो सकता है।

हालांकि मछली का बीज डालने से काफी पहले ही यह कार्य करना चाहिए। मछली का बीज डालने के बाद खाद डालना खतरनाक हो सकता है।

उपरोक्त कार्य करने के कम से कम 1 महीने बाद ही तालाब में पानी भरकर, ठंड का मौसम बीतने के बाद मछली का बीज डालें। साथ ही तालाब के पानी की गुणवत्ता और उस में ऑक्सीजन की ठीक मात्रा हो, इसके प्रति अतिरिक्त सजगता आवश्यक है।

मछलियों की ब्रीड पर खास ध्यान दें

अगर आपका तालाब ठीक ढंग से तैयार हो गया है, किंतु मछलियों के बीज आप सही ढंग से नहीं डालते हैं, तो आपके लिए यह लाभकारी नहीं रहेगा।

मुख्य रूप से देशी और विदेशी ब्रीड की मछलियां लोग डालते हैं। इसमें देसी में रोहू, कतला, मृगल इत्यादि प्रचलित प्रजातियां हैं, तो विदेशियों में सिल्वर कॉर्प, ग्रास कार्प इत्यादि प्रमुख हैं। कई लोग जब बाहर से मछली लेकर आते हैं तो उसे एक दो परसेंट नमक के घोल में कुछ देरी के लिए रखते हैं, ताकि अगर मछली के बीज में कोई बीमारी है तो उसका असर कम हो जाए।

हालांकि यह बहुत देर तक नहीं होना चाहिए और 2 से 3 मिनट के बाद मछली के बच्चों को तालाब में डाल देना चाहिए। ध्यान रखने वाली बात यह है कि मछलियों की मात्रा तालाब में ना तो बहुत ज्यादा होना चाहिए और बहुत कम भी नहीं होनी चाहिए। आप तालाब में सही अनुपात में मछलियों का बीज डालें।

अगर एक या दो मछली आपके तालाब में मर जाती हैं, तो उसे तत्काल निकाल कर बाहर करें समय-समय पर बीज की वृद्धि और उसकी जांच करना आपको नुकसान से बचा सकता है।

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मछलियों के लिए यूं तो किसी विशिष्ट चारे की जरूरत नहीं होती है, खासकर तब जब आप का तालाब पुराना हो गया हो, किंतु चावल का आटा और मूंगफली की खली इत्यादि मछलियों को तेजी से बढ़ाती हैं। इसके अलावा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा युक्त चारे की मात्रा मछलियों के लिए पर्याप्त रूप से उपलब्ध हो, इसके प्रति भी सजग रहें। ध्यान दें मछली का बीज सही क्वालिटी का हो, तो सही मात्रा में भी अवश्य हो, अन्यथा बाद में मछलियां ठीक ढंग से बढ़ेंगी नहीं।

मार्केट को समझना जरूरी है 

अब जब आपके पास मछली के बीज तैयार हो जाते हैं तो आसपास की मार्केट का एक अध्ययन जरूर करें और देखें कि आपके आसपास किस तरह की मछलियों की खपत ज्यादा होती है। लोग आखिर क्या खरीदते हैं?

ऐसे में जब आप मछली मार्केट जाएंगे, तो एक ग्राहक बनकर मछलियों की ब्रीड से लेकर उसकी कीमत तक का पता कर सकते हैं। उसी अनुरूप आप अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी बनाएं। अगर बड़ी मछलियों की खपत अधिक है, तब आपके तलाब में कम मछलियों का बीज रहना चाहिए, जबकि अगर छोटी मछलियों की खपत है तो तालाब में बीज अगर अधिक भी डालेंगे तो आपको फायदा ही होगा।

कुल मिलाकर सही टाइम पर मछलियों को बेचना और सही व्यापारियों से संपर्क में रहना आपको लाभ दिला सकता है। कई बार मछली के व्यापारी आपके तालाब पर आकर खुद ही सारी मछलियां ले जाते हैं।

हालांकि रेट में अगर ज्यादा डिफरेंस है तो आप मछलियों को खुद भी मार्केट तक पहुंचा सकते हैं।

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इसके अलावा कुछ और बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे मछलियों की ग्रेडिंग करना आवश्यक है। मतलब अगर आपके तालाब में कुछ मछलियां बड़ी हो गई हैं और कुछ मछलियां छोटी हैं, तो बड़ी मछलियों को या तो निकाल कर दूसरे तालाब में डालें या उन्हें मार्केट में भेज दें, क्योंकि बड़ी मछलियों का आहार अधिक होगा और वह छोटी मछलियों का चारा भी खा जाएंगी। इसलिए मछलियों की ग्रेडिंग करना आवश्यक है ताकि मछलियों की ग्रोथ में एक निरंतरता रहे। साथ ही मछलियों में इंटरनल और एक्सटर्नल बीमारी के प्रति सजग रहें, अन्यथा आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आपकी पूँजी भारी नुक्सान में बदल गयी।

इसके अलावा नई नई जानकारियां आप भिन्न माध्यमों से लेते रहें और अलग-अलग मछली पालकों के संपर्क में रहें। ऐसे में नई चीजें आपको पता चलेंगी।

- मिथिलेश कुमार सिंह







बहुत क्रिएटिव कॅरियर है कार एसेसरीज डिजाइनिंग, जानिए इसके बारे में

  •  वरूण क्वात्रा
  •  नवंबर 24, 2020   19:27
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बहुत क्रिएटिव कॅरियर है कार एसेसरीज डिजाइनिंग, जानिए इसके बारे में
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एक कार एसेसरीज डिजाइनर बनने के लिए डिजाइन के प्रासंगिक विशेषज्ञता में कम से कम स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। आप बैचलर ऑफ डिजाइन, बीएससी इन डिजाइन, बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, बी डीएस इन ऑटोमोटिव डिजाइन करके इस क्षेत्र में कदम रख सकते हैं।

कार एसेसरीज डिजाइनिंग एक ऐसा कॅरियर क्षेत्र है, जिसके बारे में बेहद कम लोगों को ही जानकारी होती है। लेकिन यह एक ऐसा क्रिएटिव कॅरियर क्षेत्र है, जिसमें ग्रोथ की संभावना बहुत अधिक है। यह एक ऑटोमोबाइल डिजाइनर के काम का एक हिस्सा है, लेकिन यह केवल कारों और इसके सामान के लिए पूरा करता है। कार एक्सेसरी डिज़ाइनर ऐसे व्यक्ति हैं जो कार एक्सेसरीज़ और पाट्र्स के लिए नए डिज़ाइन बनाते हैं। वे न केवल देखभाल की संरचना में सुधार करते हैं, बल्कि इसकी कार्यक्षमता भी बढ़ाते हैं। ऐसा करते समय, एक कार एक्सेसरी डिज़ाइनर को वाहन की सुरक्षा को ध्यान में रखना चाहिए और दिए गए मापदंडों के तहत काम करना चाहिए। तो चलिए आज हम आपको इस कॅरियर क्षेत्र के बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं−

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क्या होता है काम

एक कार एसेसरीज डिज़ाइनर तीन क्षेत्रों में से एक में काम करते हैं− इंटीरियर डिज़ाइनिंग, एक्सटीरियर डिज़ाइनिंग या कलर और टि्रम डिज़ाइन। वे ड्राइंग, मॉडल और प्रोटोटाइप का उपयोग करके कार एक्सेसरी पाट्र्स, असेंबली और सिस्टम के ड्राफ्टिंग डिजाइन बनाते हैं। उनका मुख्य काम होता है कि वे कार को विजुअली अधिक अपीलींग बनाएं।

स्किल्स

कॅरियर एक्सपर्ट बताते हैं कि एक कार एसेसरीज डिजाइनर को हाइड्रोलिक, इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल सिस्टम के बारे में विस्तृत जानकारी होनी चाहिए जो वाहन में उपयोग होने जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें ग्राहक की पूरी आवश्यकता को समझना चाहिए और डिजाइन और इसके उत्पादन के उपयोग के बारे में बड़े पैमाने पर शोध करना चाहिए। उनके भीतर कुछ अलग व हटकर सोचने की क्षमता होनी चाहिए। साथ ही कंप्यूटर व कार का तकनीकी ज्ञान उनके काम को अधिक आसान बनाता है।

योग्यता

एक कार एसेसरीज डिजाइनर बनने के लिए डिजाइन के प्रासंगिक विशेषज्ञता में कम से कम स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। आप बैचलर ऑफ डिजाइन, बीएससी इन डिजाइन, बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, बी डीएस इन ऑटोमोटिव डिजाइन करके इस क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। जिस विश्वविद्यालय या कॉलेज से उम्मीदवार अपनी डिग्री हासिल करता है, उसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए। 

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आमदनी

कॅरियर एक्सपर्ट बताते हैं कि इस क्षेत्र में आमदनी आपके अनुभव व क्रिएटिविटी के आधार पर बढ़ती जाती है। हालांकि एक कार एसेसरीज डिजाइनर की एवरेज सालाना सैलरी सात से आठ लाख के बीच होती है।

प्रमुख संस्थान

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नवी मुंबई

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद

एरिना एनिमेशन, बैंगलोर

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, बैंगलोर

फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, नोएडा

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, चेन्नई

वीआईडीएम इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड मैनेजमेंट, नई दिल्ली

वाईएमसीए इंस्टीट्यूट फॉर ऑफिस मैनेजमेंट, नई दिल्ली

- वरूण क्वात्रा