कुलदीप नायर

कुलदीप नैयर आजीवन प्रेस की आज़ादी और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। वह प्रख्यात पत्रकार, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता थे। कुछ लोग अपने जीवन में कभी रिटायर नहीं होते और कुलदीप नैयर उन लोगों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने आखिरी पल तक कलम नहीं छोड़ी। 95 वर्ष की उम्र में जब उनका निधन हुआ उससे ठीक पहले भी उन्होंने एक लेख लिखा था। नैयर ना सिर्फ भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकार में शामिल रहे, बल्कि शांति और प्रेस की स्वतंत्रता के प्रबल हिमायती के रूप में भी उनकी गिनती होती थी। नैयर उन लोगों में से थे, जिन्होंने आपातकाल का खुलकर विरोध किया और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (मीसा) के तहत जेल भी गए।

कुलदीप नायर के आलेख