• तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड एशेज श्रृंखला के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए हैं तैयार

ब्रॉड सिर्फ एक प्रारूप (टेस्ट) में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। टीम के नियमित कप्तान जो रूट अगर इस दौरे से हटने का फैसला करते है तो इस बात की भी संभावना है कि ब्रॉड टीम का नेतृत्व करें।

लंदन। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा वह एशेज श्रृंखला के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए तैयार है लेकिन उनकी टीम के दूसरे खिलाड़ियों को वहां लागू होने वाले प्रतिबंधों की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। इस बात की संभावना है कि टूर्नामेंट से जुड़ी आखिरी प्रोटोकॉल के जारी होने के बाद इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ी इस दौरे से हट जाऐंगे। ब्रॉड सिर्फ एक प्रारूप (टेस्ट) में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। टीम के नियमित कप्तान जो रूट अगर इस दौरे से हटने का फैसला करते है तो इस बात की भी संभावना है कि ब्रॉड टीम का नेतृत्व करें।  भारत के खिलाफ श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच के दौरान पिंडली में चोट लगने के बाद वह बाकी बचे टेस्ट मैचों से बाहर हो गये थे। ब्रॉड ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ को ‘संडे कॉलम’ के लिए भेजे मेल में लिखा, ‘‘ अगर आप मुझसे पूछें कि क्या मुझे नवंबर में ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए विमान में चढ़ने की खुशी होगी, तो मेरा जवाब हां होगा।’’ इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘ मैं फिटनेस हासिल करने के लिए पूरी कोशिश कर रहा हूं और यह स्पष्ट है कि इंग्लैंड की एक टीम किसी न किसी रूप में दौरे पर जाएगी।’’

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ब्रॉड ने कहा, ‘‘टीम का चयन होने में अब बस कुछ ही सप्ताह बचे हैं, लेकिन खिलाड़ी तब तक उम्मीद नहीं छोड़ सकते जब तक सब कुछ साफ नहीं हो।’’ विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स में कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए दौरे पर पृथकवास के नियमों को लेकर ईसीबी (इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के बीच बातचीत जारी है।  हालांकि उम्मीद है कि नवंबर तक प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। इंग्लैंड के खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में कड़े पृथकवास और प्रतिबंधों के खिलाफ है। सीए हालांकि ऑस्ट्रेलिया और वहां की प्रांतीय सरकारों से बातचीत कर मामले का हल निकालने की कोशिश कर रहा है। ब्रॉड ने कहा, ‘‘ ईसीबी  सीए से मिली जानकारियों को हमसे साझा कर रहा है। इसे लेकर हालांकि बहुत कम जानकारी मिली है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी दिल से कह सकता है कि हम वहां जैव-सुरक्षित माहौल (बायो-बबल)में नहीं रहेंगे और यह बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।