क्या अभी भी आईपीएल के असली किंग महेंद्र सिंह धोनी हैं ?

By दीपक कुमार मिश्रा | Publish Date: May 14 2019 10:37AM
क्या अभी भी आईपीएल के असली किंग महेंद्र सिंह धोनी हैं ?
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मैच के बाद धोनी ने हार पर कहा कि ‘यह ऐसा मुकाबला था जिसमें बेहतर करने की गुंजाइश थी। यह काफी मजेदार गेम था। दोनों ही टीमें एक दूसरे को ट्रॉफी पास कर रही थीं। दोनों टीमों ने गलतियां कीं और आखिर में वह टीम जीती जिसने कम गलतियां की। धोनी की यह बात काफी हद तक सही भी है।

आईपीएल को अपना नया चैंपियन मिल गया है। आईपीएल के 12वें सीजन में मुंबई इंडियंस ने सांसे थाम देने वाले रोमांचक मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स को मात देकर खिताब अपने नाम कर लिया। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस आईपीएल में अब चार बार चैंपियन बनने वाली पहली टीम बन गई है। मुंबई ने 2013, 2015, 2017 और उसके बाद 2019 में खिताब अपने नाम किया है। मैच भले ही मुंबई ने जीता हो लेकिन चेन्नई भी आसानी से हार मानने के मूड में नहीं था। दोनों टीम के बीच फाइनल मैच किसी थ्रिलर मूवी से कम नहीं दिखाई दे रहा था। जहां एक्शन, ड्रॉमा तो था ही लेकिन उसके साथ था जरूरी वक्त पर हीरो बनने का मौका भी था। इस मौके पर मुंबई ने बाजी मारी और चेन्नई खिताब जीतने से एक कदम दूर रह गया। लेकिन इस हार के बावजूद भी यह कहना गलत नहीं होगा कि क्या अभी भी धोनी ही असली सूरमा हैं। क्या किस्मत की मार से चेन्नई के हाथ से आईपीएल फिसल गया है। क्या माही का एक दांव गलत नहीं जाता तो आज चेन्नई चैंपियन होता। 
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दरअसल आईपीएल फाइनल और चेन्नई सुपर किंग्स का रिश्ता काफी मजबूत है। आईपीएल के 10 सीजन में 8 बार फाइनल खेलने वाली चेन्नई टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे मजबूत टीम दिखाई पड़ती है। 2018 में खिताब जीतने के बाद चेन्नई 2019 के फाइनल में भी पहुंची तो लगा कि इस बार माही का जादू फिर से चलेगा और आईपीएल की ट्रॉफी चेन्नई एक्सप्रेस में ही जाएगी। लेकिन इस बार किस्मत और दांव दोनों मुंबई के पाले में था और हिटमैन की सेना चैंपियन बन गई। धड़कने बढ़ाने वाली जंग में मुंबई बीस साबित हुआ और खिताब का चौका लगा बैठा। मुंबई के हाथों सीजन में तीन हार झेलने के बाद भी चेन्नई के फैंस को विश्वास था कि फाइनल मुकाबले में माही टीम की नैया पार लगा देंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और मैच में किस्मत धोनी को दगा दे गई। विकेटों के बीच सबसे तेज दौड़ लगाने में माहिर धोनी को क्या पता था कि वो फाइनल मुकाबले में रन आउट हो जाएंगे। यहां से मैच का रूख पलटा और मुकाबला मुंबई के तरफ झुकने लगा। लेकिन मैच में रोमांच अभी बाकी था। शेन वॉटसन का बल्ला गरज रहा था और इसके साथ ही चेन्नई के फैंस की उम्मीदें भी बढ़ रही थी कि शायद उनकी टीम खिताब का चौका लगा देगी। लेकिन एक बार फिर किस्मत सीएसको को दगा देकर मुंबई के तरफ झुक गई और वॉटसन रन आउट हो गए। आखिर गेंद पर शार्दुल ठाकुर मलिंगा के सामने फेल हो गए और मुंबई 12वें आईपीएल का बॉस बन गया। 
मैच के बाद धोनी ने हार पर कहा कि ‘यह ऐसा मुकाबला था जिसमें बेहतर करने की गुंजाइश थी। यह काफी मजेदार गेम था। दोनों ही टीमें एक दूसरे को ट्रॉफी पास कर रही थीं। दोनों टीमों ने गलतियां कीं और आखिर में वह टीम जीती जिसने कम गलतियां की। धोनी की यह बात काफी हद तक सही भी है। आखिरकार फाइनल मुकाबले में जितनी गलतियां दोनों टीम की तरफ से हुई यह कम ही देखने को मिलता है। महत्तवपूर्ण मौके पर गलत फैसले लिए गए। फील्डिरों ने कई कैच टपकाएं जिसकी वजह से नतीजा किसी भी तरफ झुक सकता था। आखिर में जिस टीम के किस्मत ने साथ दिया वह मुंबई थी। इसकी वजह से मुंबई के सर पर चैंपियन का ताज सज गया। 


 
जाहिर है चेन्नई के हार में कई कमियां उभरकर आई। पूरे सीजन में फेल होने वाला टीम का मिडिल आर्डर फाइनल में फिर से फ्लाप हुआ। टीम ने कई मौकों पर सही फैसले नहीं लिए। केदार जाधव जैसे खिलाड़ी का जाना भी इस टीम को काफी परेशान कर रहा होगा। अगर फाइनल मुकाबले में केदार जाधव होते तो शायद फैसला कुछ और होता। खैर यह सब कयास तो वक्त के पिटारे में बंद हो गया होगा। वहीं साथ ही चेन्नई के फैंस इस हार को भी जल्द ही भूल जाना चाहेगा। लेकिन सोचने वाली चीज यह है कि क्या महेंद्र सिंह धोनी इस हार को इतनी जल्दी भूलेंगे या फिर अगले सीजन में टीम में कुछ महत्तवपूर्ण बदलाव किए जाएंगे जो इस चेन्नई को और ज्यादा मजबूत बना सकें। जाहिर है चेन्नई एक बार फाइनल फिर हार गया लेकिन कप्तान धोनी ने बता दिया कि अगले सीजन वो जबरदस्त खेल दिखाएंगे। क्योंकि अगर आईपीएल में अब तक किसी का बिगुल बजा है तो वो चेन्नई सुपर किंग्स ही है। 10 सीजन में 8 बार फाइनल खेलने वाली चेन्नई फिर से वापसी करेगी और अगली बार अहम मौको पर गलतियां करने की बजाय चैंपियन बनकर ही दम लेगी। 
 
दीपक कुमार मिश्रा


 

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