कोरोना क्राइसिस के दौरान शुरू कर सकते हैं 'यह काम'

कोरोना क्राइसिस के दौरान शुरू कर सकते हैं 'यह काम'

कल्पना कीजिए कि पहले आप किसी स्कूल में टीचर रहे हों, या आप कोई वकील रहे हों, या किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब कर रहे हों, कोई अकाउंटेंट या फिर कुछ और! निश्चित तौर पर आपके पास एक विशाल अनुभव मौजूद है, जो आपने अपनी पिछली यात्राओं से सीखा है।

कोरोना क्राइसिस ने समूचे विश्व में त्राहि-त्राहि मचा दी है। जिनके व्यापार चल रहे थे, वह व्यापार ठप्प पड़ गए हैं, स्लो हो गए हैं, तो नए व्यापार शुरू करने वालों की संख्या काफी कम हो गई है।

परंतु जब तक जीना है, तब तक आपको संघर्ष करना ही है।

ऐसी स्थिति में आज हम आपको बताएंगे कि अगर किसी कारण वश कोरोना के दौरान आपकी नौकरी छूट गई है, या फिर आपका चलता हुआ बिजनेस ठप्प पड़ गया है, और आपके सामने कोई रास्ता नहीं दिख रहा है, तो आप क्या कर सकते हैं!

इसे भी पढ़ें: जानिये प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और इसकी पात्रता

बेसिकली, यह 5 रास्ते हैं, जो हर हाल में आपकी उम्मीदों को न केवल जिंदा रखेंगे, बल्कि उसे तेज रफ़्तार से आगे भी ले जायेंगे। तो आइये शुरू करते हैं इन्हें जानना ...

अपने अनुभव पर ब्लॉग लिखें / वीडियो बनाएं 

यह सबसे आसान, और बगैर किसी ख़ास इन्वेस्टमेंट के किया जा सकने वाला सेल्फ एम्प्लॉयमेंट माना जा सकता है।

कल्पना कीजिए कि पहले आप किसी स्कूल में टीचर रहे हों, या आप कोई वकील रहे हों, या किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब कर रहे हों, कोई अकाउंटेंट या फिर कुछ और! निश्चित तौर पर आपके पास एक विशाल अनुभव मौजूद है, जो आपने अपनी पिछली यात्राओं से सीखा है। यह जान लें कि इंटरनेट की दुनिया में ओरिजिनल, अलग, वास्तविक अनुभवों की बड़ी कदर है। 

चूंकि अभी आपकी जॉब छूट गयी है, या बिजनेस ठप हो गया है, लेकिन बहुत मुमकिन है कि आप अपने फील्ड में वापसी करना चाहते हों!

तो ऐसी स्थिति में आप अपने अनुभव का रिव्यू करें। आप अलग-अलग टॉपिक बनाकर अपने अनुभवों को कलम बद्ध करें और उसका फ्री ब्लॉग बना सकते हैं, या अपनी वेबसाइट बनाकर उस पर टॉपिक वाइज अपना वास्तविक अनुभव लिख सकते हैं।

यकीन मानिए! यह इंटरनेट की दुनिया पर मौजूद तमाम बेहतर कंटेंट की लिस्ट में शामिल हो सकता है, और एक बार अगर यह हिट हो गया, चल गया, जिसकी काफी संभावना होती है, तो ना केवल आपका ब्लॉग, बल्कि आपका यूट्यूब चैनल भी आगे बढ़ने लगेगा, और उससे कमाई के स्रोत खुलने लगेंगे।

बहुत मुमकिन है कि आपको अपनी फील्ड का रिव्यू करने से आपकी पुरानी इंडस्ट्री की जॉब, और भी बेहतर रूम में आपको मिल जाए, या आपको अपने बिजनेस में ही वापसी करने का रास्ता दिख जाए। साथियों, अपनी फील्ड से जुड़ी कंसल्टेंसी भी आप लोगों को दे सकते हैं।

बहुत सारे लोगों के लिए फ्रीलांस काम कर सकने का अवसर उत्पन्न हो सकता है, लेकिन उसके लिए जरूरी है कि आपके अनुभव कलम बद्ध हों हो। साथ ही आपकी वीडियो यूट्यूब पर हो, तो सोने पर सुहागा। निश्चित तौर पर वह आपके लिए बेहतरीन मार्केटिंग टूल का काम करेंगे, जो आपको एक कंसल्टेंट के तौर पर स्थापित कर सकते हैं।

ध्यान रखें, ब्लॉग - वेबसाइट बनाने और यूट्यूब चैनल बनाने-चलाने का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि आप एडसेंस और ऑनलाइन कमाई पर ही फोकस करें, बल्कि इसको ब्रांडिंग के तौर पर लेना आपके लिए कहीं अधिक फायदेमंद साबित होगा। वास्तव में कई लोग सिर्फ डायरेक्ट फायदा देखते हैं, जबकि देखने का नजरिया चेंज करने से कहीं बड़ा फायदा हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: अटल पेंशन योजना- एपीवाई योजना पात्रता और लाभ

वास्तव में यह सबसे आसान और रिस्क फ्री आईडिया है, जिसे आप आजमा सकते हैं। मतलब ब्लॉग, यूट्यूब चैनल, वह भी अपने अनुभव के आधार पर, जो आपने आज तक सीखा है, ना कि इधर उधर की चीजें देख सुनकर, लगभग ना के बराबर इन्वेस्टमेंट, और ना के बराबर ही रिस्क लेकर शुरू किया गया यह आइडिया आपका बेहतर बिजनेस बिल्ड कर सकता है, इस बात में तनिक भी संदेह नहीं!

सर्विस प्रोवाइडर

अगर आप अपनी पुरानी फील्ड से ऊब ही चुके हैं, और उसकी बजाय कोई नया काम करना चाहते हैं, तो आपको सर्विस प्रोवाइड करने पर ध्यान देना चाहिए।

ध्यान दीजिए, फिजिकल गुड की सेलिंग बिल्कुल अलग चीज है, जबकि सर्विस बिल्कुल अलग चीज है। सर्विस में कहीं ना कहीं आप 1 मीडिएटर की तरह काम करते हैं। जैसे कुछ बड़े स्टार्टअप्स की आईडिया लें तो आप स्विगी को ले सकते हैं, जोमैटो को ले सकते हैं, जो एक जगह से एक रेस्टोरेंट से सामान उठाते हैं, और अन्य जगह पर यूजर को दे देते हैं।

मतलब ना तो उन्होंने समान बनाया, और ना ही वह इसके कंज्यूमर हैं, बस मीडिएटर हैं। एक जगह से दूसरी जगह सर्विस भर देते हैं। वास्तव में इसमें उनकी बहुत इन्वेस्टमेंट भी नहीं लगती है, और काम हो जाता है।

ऐसे ही आप अपने लेवल पर, सर्विस की पॉसिबिलिटी ढूंढ सकते हैं।

इस समय में बहुत सारे बुजुर्गों को दवा की जरूरत है, और कोरोना के कारण वह बाहर नहीं निकलना चाहते हैं, तो क्या आप सेफ्टी से, जिस भी स्थान पर हैं, उसी स्थान पर दवा उपलब्ध कराने का कार्य कर सकते हैं क्या?

या फिर अपने दायरे में, एक जगह से दूसरी जगह फूड पहुंचा सकते हैं क्या?

कोई होटल, कोई टिफिन सर्विस जिसमें आपको अपना कुछ बहुत ज्यादा इन्वेस्ट ना करना पड़े, और आप बेहतर सर्विस के बल पर धीरे-धीरे इस इंडस्ट्री में घुस सकते हैं।

फ्रेंचाइजी बिजनेस 

इस हाल में हर तरह का फ्रेंचाइजी बिजनेस नहीं चल सकता है, किंतु अगर आप थोड़ा रिसर्च करें तो कई फ्रैंचाइज़ी बिजनेस आज भी फल फूल सकते हैं। 

जैसे ऑनलाइन टीचिंग का कोई सलूशन सफल हो सकता है। इस समय बच्चों की पढ़ाई के लिए बहुत सारे सॉफ्टवेयर, बहुत सारे टूल्स मार्केट में हैं, तो क्यों ना आप उनमें से किसी एक की फ्रेंचाइजी लेकर मार्किट में अपनी पकड़ बनाएं!

ऐसे में क्या होता है कि आपको प्रोडक्ट मेकिंग पर खर्च नहीं करना पड़ता है, जबकि उसका सेलिंग का मॉडल भी पहले से फिक्स होता है।

ऐसी स्थिति में छोटे अमाउंट लगाकर आप आगे बढ़ सकते हैं। इसमें सॉफ्टवेयर के अलावा कोरोना क्राइसिस में यूज होने वाले सामान जैसे कि सैनिटाइजर, मास्क, आयुर्वेदिक इम्यूनिटी बिल्डर की दवाइयां इत्यादि शामिल हैं। इनकी भी फ्रेंचाइजी ले सकते हैं आप, परंतु निश्चित तौर पर आपको इस फील्ड में और ज्यादा रिसर्च करने की आवश्यकता है, और तभी आप इसमें सफलता की ओर बढ़ सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना क्या है? जानिए, यह किसे और कैसे मिलता है?

अपना प्रोडक्ट बनाएं

अगर आपके पास पर्याप्त अनुभव है, और आपको लगता है कि मार्केट में यह सही अवसर है, अपना कोई प्रोडक्ट लांच करने का, तो उसे आजमा सकते हैं।

वह चाहे कोई वेबसाइट हो सकती है, कोई ऐप हो सकता है, या कोई फिजिकली प्रोडक्ट मेकिंग भी हो सकता है। वह कोई टिफिन सर्विस हो सकती है, वह कोई जिम टिप्स, योगा टिप्स सेंटर हो सकता है, और ऐसी स्थिति में अपना प्रोडक्ट बनाकर उनको ऑनलाइन सेल कर सकते हैं। अधिकांश प्रोडक्ट ई-कॉमर्स साइट्स पर आप पने अकाउंट बना कर न केवल बेच सकते हैं, बल्कि उसे बेचकर अच्छा खासा मुनाफा भी कमा सकते हैं। 

ध्यान रखिए, अपने प्रोडक्ट को बनाने के लिए आपको बेहतरीन स्पेशियलिटी की जरूरत पड़ती है, और अगर आपके अंदर स्पेशियलिटी नहीं है, तो कहीं ना कहीं आपके प्रोडक्ट में दिक्कत आ जाएगी, इसीलिए बहुत ध्यान से यह निर्णय लें।

जिसमें आपके पास पहले से एक्सपर्ट लेवल का अनुभव न हो, उसका कोर्स करना, उसके बारे में लगातार ऑनलाइन रिसर्च करना, ऑफलाइन ग्राउंड पर उसके लिए सर्वे करना, सम्बंधित लोगों से मिलना बेहद ज़रूरी है।

अपना स्टार्टअप करें 

जी हां! ऊपर आपको प्रोडक्ट बनाने की बात कही गई है, और यहां आपको स्टार्टअप करने की बात कही जा रही है। स्टार्टअप और सामान्य बिजनेस में 'स्पीड और गहराई' का बहुत ज्यादा फर्क होता है।

वास्तव में स्टार्टअप एक ऐसी आइडिया होती है, जिसको आप एक जगह बीटा वर्जन पर टेस्ट करते हो, फिर उसे आप 10 जगह - 50 जगह, हजार जगह फैला सकते हैं। वहीं सामान्य बिजनेस जो होता है, वह अमूमन एक जगह ही चलता है, साथ ही सामान्य व्यापार में टाइम फ्रेम का कुछ ख़ास महत्त्व नहीं होता है, जबकि स्टार्टअप प्रेसर लेकर कार्य करते हैं, ताकि जल्द से जल्द मंजिल तक पहुंचे। 

जैसे कि आप अगर कोई रेस्टोरेंट, किसी खास लोकेशन पर खोल रहे हैं, तो वह रेस्टोरेंट आपका एक सामान्य बिजनेस होगा, किंतु अगर आप, रेस्टोरेंट इस मॉडल और सोच के साथ खोल रहे हैं कि उसकी कई सारी फ्रेंचाइजी बन सकती हैं, तो वह आपका स्टार्टअप हो सकता है, और इसका बेहद तेज स्पीड में सफल होना आवश्यक है। नॉर्मल बिजनेस जहाँ धीरे-धीरे सामान्य स्पीड से आगे बढ़ाया जा सकता है, जबकि स्टार्टअप में स्पीड बहुत ज्यादा मैटर करती है, और बिजनेस में गहराई कितनी है, यह भी काफी मायने रखता है!

मतलब जिस आइडिया पर आपने स्टार्टअप किया है, वह कितनी दूर तक जा सकता है, यह बड़ा मैटर करता है!

तो अगर आपके पास अपनी कोई आईडिया है, जिसको लेकर लगता है कि आप उससे आने वाले दिनों में करोड़ों अरबों खरबों रुपए बना सकते हैं। तात्पर्य यह कि आपको अगर उस बिजनेस में गहरा पोटेंशियल दिखता है, तो उसके बारे में थोड़ी और स्टडी करें।

अगर आपको इसके लिए सही टाइम यही लगता है, तो बहुत सारे स्टार्टअप आईडिया आपको इंटरनेट पर मिल जाएंगे, और अगर आप स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो बहुत मुमकिन है कि आपके पास खुद अपना रिसर्च हो।

इसे भी पढ़ें: प्रधानमंत्री स्‍वनिधि योजना क्‍या है? इसके तहत पीएम स्‍ट्रीट वेंडर्स आत्‍मनिर्भर निधि में कैसे आवेदन करें?

किंतु हां, आपके अपने प्लान में रिस्क मैनेजमेंट जरूर होना चाहिए, और कम से कम 2 क्वार्टर, यानी 6 महीने तक आप किस तरीके से सस्टेन करा करेंगे, अपने स्टाफ को कैसे प्रबंधित करेंगे, उनकी ज़रुरत कैसे पूरी कर सकेंगे, यह जरूर देखिए।

क्योंकि स्टार्टअप जितनी जल्दी शुरू होते हैं, कहीं ना कहीं उतनी ही जल्दी क्लोज भी होते हैं। तो ऐसी स्थिति में आपको बेहद सावधानी से कदम आगे बढ़ाना चाहिए।

- मिथिलेश कुमार सिंह