अस्पताल में प्राइवेट वार्ड लेने पर देना होता है जीएसटी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Sep 5 2017 1:43PM
अस्पताल में प्राइवेट वार्ड लेने पर देना होता है जीएसटी

प्रभासाक्षी के लोकप्रिय कॉलम ''आर्थिक विशेषज्ञ की सलाह'' में इस सप्ताह जानिये जीएसटी, डिजिटल भुगतान, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड संबंधी पाठकों के प्रश्नों के उत्तर।

पाठकों के प्रश्नों का उत्तर दे रहे हैं द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक व कंपनी सचिव श्री बी.जे. माहेश्वरी जी। श्री माहेश्वरी पिछले 33 वर्षों से कंपनी कानून मामलों, कर (प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष) आदि मामलों को देखते रहे हैं। यदि आपके मन में भी आर्थिक विषयों से जुड़े प्रश्न हों तो उन्हें edit@prabhasakshi.com पर भेज सकते हैं। प्रभासाक्षी के लोकप्रिय कॉलम 'आर्थिक विशेषज्ञ की सलाह' में इस सप्ताह जानिये जीएसटी, डिजिटल भुगतान, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड संबंधी पाठकों के प्रश्नों के उत्तर।

प्रश्न-1. हाल ही में एक होटल ने कमरे में अतिरिक्त बिस्तर पर अलग से जीएसटी लगाया क्या यह सही है?
 
उत्तर- हां, होटल के कमरे में अतिरिक्त बिस्तर पर अलग से जीएसटी लगाया जाना सही है।
 


प्रश्न-2. मनोरंजन कार्यक्रमों के प्रवेश टिकट पर जीएसटी की दर अलग-अलग क्यों रखी गयी है?
 
उत्तर- रुपये 100/- तक के सिनेमा टिकट के प्रवेश पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लागू होता है और अन्य उच्च दर वाले टिकट पर 28 प्रतिशत का जीएसटी लागू होता है।
 
प्रश्न-3. क्या वकील से कानूनी सलाह लेना भी जीएसटी के दायरे में आ गया है?
 


उत्तर- हां, वकील से कानूनी सलाह लेना भी (GST) जीएसटी के दायरे में आ गया है। रिवर्स चार्ज के अंतर्गत इसका भुगतान किया जाता है। यह भुगतान सेवा के प्राप्तकर्ता को करना पड़ता है जब वह कानूनी सेवा हासिल करते हैं।
 
प्रश्न-4. क्या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में प्राइवेट वार्ड लेने पर जीएसटी लगाने की खबर सही है?
 
उत्तर- अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में रुपये 1000/- प्रतिदिन तक के प्राइवेट वार्ड लेने पर कोई जीएसटी लागू नहीं होता, पर जोन वार्ड (कमरे) का किराया रुपये 1000/- प्रतिदिन से रुपये 2500/- प्रतिदिन है उस वार्ड पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है, और रुपये 2500/- से रुपये 7500/- प्रतिदिन किराया पर 18 प्रतिशत जीएसटी, और इससे ज्यादा किराया के वार्ड पर 28 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है।



प्रश्न-5. यदि कोई सेवा प्रदाता जिसने जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं करा रखा है उससे सेवा लेनी हो तो कैसे ली जाए क्योंकि वह जीएसटी वाला बिल देने में असमर्थ है?
 
उत्तर- यदि आप पंजीकृत डीलर हैं और रुपये 5000/- से अधिक का सामान या सेवा ले रहे हैं किसी अपंजीकृत व्यापारी से तो आप रिवर्स चार्ज के अंतर्गत जीएसटी का भुगतान कर सकते हैं।
 
प्रश्न-6. क्या सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए 2000 रुपए से ज्यादा के मासिक क्रेडिट कार्ड बिल वालों को जीएसटी पर छूट देने जा रही है?
 
उत्तर- हां, यह खबर सुनने में आ रही है कि सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए 2000 रुपये से ज्यादा के मासिक क्रेडिट कार्ड बिल वालों को जीएसटी पर छूट देने जा रही है। परन्तु अभी तक इसकी कोई औपचारिक अधिसूचना नहीं मिली है।
 
प्रश्न-7. क्या व्यापारिक कार्यों में दस हजार रुपए या उससे ज्यादा की रकम नकद में देना या लेना प्रतिबंधित कर दिया गया है?
 
उत्तर- हां, व्यापारिक कार्यों में दस हजार रुपए या उससे ज्यादा की रकम नकदम में देना या लेना प्रतिबंधित कर दिया गया है, यह संशोधन पिछले बजट 2017 में लागू किया गया है।
 
प्रश्न-8. क्या क्रेडिट कार्ड के प्वाइंट्स का उपयोग कैश निकालने में भी किया जा सकता है?
 
उत्तर- नहीं, क्रेडिट कार्ड के प्वाइंट्स का उपयोग कैश निकालने में नहीं किया जा सकता।
 
प्रश्न-9. मैं चीन या बैंकॉक से लाइटिंग प्रॉडक्ट्स लाकर यहां बेचना चाहता हूँ। क्या इसके लिए मुझे किसी तरह के पंजीकरण की आवश्यकता है?
 
उत्तर- हाँ, आपको जीएसटी के अंतर्गत खुद को आयातक के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
 
प्रश्न-10. सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है लेकिन स्कूल फीस के लिए क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। क्या यह सही है?
 
उत्तर- मेरा मानना है कि क्रेडिट कार्ड को उपयोग करने पर अतिरिक्त शुल्क इसलिए वसूला जाता होगा, क्योंकि इस राशि की प्रतिपूर्ति स्कूल द्वारा नहीं की जाती होगी।
 
नोटः कर से जुड़े हर मामले चूँकि भिन्न प्रकार के होते हैं इसलिए संभव है यहाँ दी गयी जानकारी आपके मामले में सटीक नहीं हो इसलिए अपने विशेषज्ञ की सलाह भी ले लें।

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