जीएसटी की अलग अलग दरें रखना इसलिए जरूरी था

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jul 5 2017 4:58PM
जीएसटी की अलग अलग दरें रखना इसलिए जरूरी था

प्रभासाक्षी के लोकप्रिय कॉलम ''आर्थिक विशेषज्ञ की सलाह'' में इस सप्ताह जानिये जीएसटी से संबंधित पाठकों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर। प्रभासाक्षी का प्रयास जीएसटी संबंधी और प्रश्नों को आगामी अंकों में लेने का रहेगा।

पाठकों के प्रश्नों का उत्तर दे रहे हैं द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक व कंपनी सचिव श्री बी.जे. माहेश्वरी जी। श्री माहेश्वरी पिछले 33 वर्षों से कंपनी कानून मामलों, कर (प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष) आदि मामलों को देखते रहे हैं। यदि आपके मन में भी आर्थिक विषयों से जुड़े प्रश्न हों तो उन्हें edit@prabhasakshi.com पर भेज सकते हैं। प्रभासाक्षी के लोकप्रिय कॉलम 'आर्थिक विशेषज्ञ की सलाह' में इस सप्ताह जानिये जीएसटी से संबंधित पाठकों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर। प्रभासाक्षी का प्रयास जीएसटी संबंधी और प्रश्नों को आगामी अंकों में लेने का रहेगा।

प्रश्न-1. क्या सामान्य किराना दुकानदार भी जीएसटी के दायरे में हैं?
 
उत्तर− यदि आप 20 लाख का सालाना व्यापार कर रहे हैं तो आपको जीएसटी देना होगा।
 


प्रश्न-2. क्या वस्तुओं पर जीएसटी और एसजीएसटी दोनों देय होगा?
 
उत्तर- जीएसटी एक ही बार देना होगा, जिसका विभाजन दो भागों में किया गया हैः
एक भाग प्रदेश सरकार/केन्द्र शासित प्रदेश को जायेगा और दूसरा भाग केन्द्र सरकार को जाता है, जो भाग प्रदेश सरकार को जायेगा उसे एसजीएसटी या यूटीएसटी कहते हैं और जो केन्द्र सरकार को जायेगा उसे सीजीएसटी कहते हैं। यह विभाजन रेवेन्यू एपोरशनमेन्ट के लिये किया गया है जिससे दोनों सरकारों की वित्तीय व्यवस्था बनी रहे। 
 
प्रश्न-3. सरकारी तंत्र किसी भी वस्तु की बिक्री और उस पर उपभोक्ता द्वारा चुकाये गये कर को किस तरह ट्रैक करेगा?


 
उत्तर− प्रत्येक व्यापारी को जीएसटीआर−1 रिटर्न आऊटवार्ड सप्लाई के लिये फाईल करना होगा जिसमें वह महीने में हुई बिक्री का पूरा ब्यौरा देगा और कितना टैक्स वसूल किया उसका ब्यौरा भी देना होगा। उसी प्रकार जीएसटीआर−2 रिटर्न में सप्लायर से आये हुये माल पर लगा हुआ टैक्स का ब्यौरा मिलेगा और इन रिटर्न के माध्यम से सरकार टैक्स पर ट्रैक रख पायेगी।
 
प्रश्न-4. जीएसटी के तहत रिटर्न फाइल करने के लिए कौन-कौन से नये दस्तावेजों की जरूरत होगी?
 


उत्तर− आपने अनरजिस्टर्ड डीलर से कोई सर्विस ली है तो एक सेल्फ इनवायस बनाना होगा और अगर किसी पार्टी ने सेल्स के विरूद्ध एडवान्स लिया है तो उस पर एडवान्स रिसीप्ट निर्गत करनी होगी। ये सारे दस्तावेजों की जरूरत रिटर्न फाईल करने में होगी।
 
प्रश्न-5. सरकार ने कहा है कि जीएसटी की दरों पर फिर गौर किया जायेगा। मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या यह दरें वित्तीय वर्ष के दौरान फिक्स रहती हैं या फिर इन्हें बीच में कभी भी बढ़ाया या घटाया जा सकता है?
 
उत्तर− दरें बीच में बढ़ाई जा सकती हैं लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा। इसमें जीएसटी काऊन्सिल की मंजूरी आवश्यक होगी।
 
प्रश्न-6. अन्य देश जहां एक कर की व्यवस्था है वहां कर की दर एक ही है ऐसे में देश के सबसे बड़े कर सुधार कहे जा रहे जीएसटी की दर भारत में क्यों अलग-अलग हैं?
 
उत्तर− जीएसटी की दर अलग−अलग इसलिये है क्योंकि आदमी की जरूरत की चीजों पर टैक्स कम है और जो कम्फर्ट की चीजें हैं उसमें टैक्स ज्यादा है जो लक्सरी गुडस हैं उस पर सबसे ज्यादा टैक्स है। ऐसा करने से व्यवस्था भी बनी रहती है और सामान्य आदमी को इसका भार भी महसूस नहीं होता है और मुद्रास्फीति भी नियन्त्रण में रहती है। 
 
प्रश्न-7. क्या जीएसटी की गणना के लिए सरकार ने व्यापारियों के लिए कोई सॉफ्टवेयर भी उपलब्ध कराया है?
 
उत्तर− सरकार ने कोई साफ्टवेयर उपलब्ध नहीं कराया है परन्तु बाजार में कई प्रकार के साफ्टवेयर वेन्डर उपलब्ध हैं। 
 
प्रश्न-8. क्या जीएसटी दर बढ़ने से इंश्योरेंस के प्रीमियम भी बढ़ जाएंगे?
 
उत्तर− जीएसटी लगने से इन्श्योरेन्स में भी टैक्स 15 प्रतिशत से 18 प्रतिशत कर दिया गया है परन्तु यह सभी पॉलिसी पर समान नहीं है और इसका मिला−जुला असर रहेगा। 
 
प्रश्न-9. मेरा क्रॉकरी का बिजनेस है मैं यह जानना चाहता हूं कि अब जीएसटी तो लागू हो गया ऐसे में मैं अपने पुराने स्टॉक का क्या करूं?
 
उत्तर− आप पुराने स्टाक पर जो वैट पिछले 12 महीने में लगा उसका इन्पुट टैक्स क्रेडिट ले सकते हैं और जो भविष्य में बिक्री पर जीएसटी देना होगा उसमें एडजस्ट कर सकते हैं।
 
प्रश्न-10. क्या जीएसटी से रेल और हवाई यात्रा के टिकट भी महंगे हो जाएंगे?
 
उत्तर− जीएसटी आने से फर्स्ट क्लास ए.सी. ट्रेन का किराया थोड़ा बढ़ सकता है और फ्लाईट की इकोनामी क्लास का टिकट थोड़ा सस्ता हो सकता है लेकिन बिजनेस क्लास का टिकट महंगा हो सकता है।   
 
नोटः कर से जुड़े हर मामले चूँकि भिन्न प्रकार के होते हैं इसलिए संभव है यहाँ दी गयी जानकारी आपके मामले में सटीक नहीं हो इसलिए अपने विशेषज्ञ की सलाह भी ले लें।

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप



Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.