• स्टार्टअप को सफल करने के लिए अपनाएं 'यह गुण'

बिजनेस करना, स्टार्ट अप करना भी ऐसे ही समग्र रूप से कर्म करने का नाम है। वास्तव में आज के समय में हर एक का सपना होता है कि वह बिजनेस करे, अपना ऑफिस हो उसका और वह लगातार तरक्की करें।

सकल पदारथ एही जग माही,

कर्म हीन नर पावत नाहीं।

रामचरितमानस की यह चौपाई अपने आप में इस संसार का सार है। 

यह साफ कहती है कि जो मनुष्य पुरुषार्थ करता है, जो व्यक्ति कर्म करता है, उसको हर सुख प्राप्त हो सकता है, जो कुछ भी इस धरती पर उपलब्ध है, वह सब उसे प्राप्त हो सकता है। परंतु कर्म करने की व्याख्या बहुत विशाल है। कर्म करने का मतलब सिर्फ इतना भर नहीं है कि सिर्फ शारीरिक प्रयत्न करके संतुष्ट हो लिया जाए, बल्कि तन से, मन से और हर उस प्रयास से आपको कर्म करने की जरूरत पड़ती है। साथ ही आपको अपने विचारों में एक समग्रता लानी पड़ती है।

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बिजनेस करना, स्टार्ट अप करना भी ऐसे ही समग्र रूप से कर्म करने का नाम है। वास्तव में आज के समय में हर एक का सपना होता है कि वह बिजनेस करे, अपना ऑफिस हो उसका और वह लगातार तरक्की करें। हर कोई चाहता तो है कि स्टार्टअप करके वह सफलता के कदम चूमे, लेकिन तमाम स्टार्टअप करने वाले लोगों में से बहुत कम लोग इस मैदान में टिक पाते हैं, यह भी एक कड़वी सच्चाई है। बहुत कम लोग इस रेस में सफल हो पाते हैं। प्रश्न उठता है कि सफल और असफल लोगों में किन गुणों की भिन्नता होती है? आइए जानते हैं क्योंकि नए ज़माने में स्टार्टअप में सफल बने रहने में यह गुण आपकी अच्छी खासी मदद कर सकते हैं।

नये प्रयोग करना जरूरी

क्योंकि आप अभी शुरू कर रहे हैं, इसलिए नए प्रयोगों से हिचकिचाएं नहीं! कई बार ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति के दिमाग में कोई एक आईडिया होती है और वह उस आईडिया के साथ चिपके रहता है। वह आईडिया अच्छी हो सकती है, बुरी हो सकती है, लेकिन आपको समय के अनुसार बदलना, आईडिया को संशोधित करना आवश्यक है। ठीक किसी सॉफ्टवेयर के नए अपडेट की तरह।

निश्चित रूप से आपको नए प्रयोग करना जरूरी है। कार्य करने के नए तरीके सीखना आवश्यक है और इससे आपको बिल्कुल भी इंकार नहीं करना चाहिए। यकीन मानिए, ऐसे में आपके सफल होने के चांसेस बढ़ जाएंगे।

हालांकि, उद्देश्य आपका एक रहना चाहिए, आपको उसको करने के लिए बेहतर से बेहतर तरीके ढूंढते रहने की जरूरत है। कोई भी प्रयोग शुरुआत में सम्पूर्ण नहीं होता है, किन्तु नए और लगातार सुधारों से वह अपने परफेक्ट रूप में आ ही जाता है। 

ज़ाहिर तौर पर इसके लिए अगर आपको नई चीजें सीखनी पड़ेंगी। कोई नया कोर्स भी करना पड़ सकता है, कुछ नए लोगों से सलाह लेनी पड़ सकती है। पर यह तमाम चीजें आप अवश्य कीजिए और यही वह चीज है जो आपको लगातार प्रेरित करेगी आपको इनोवेटिव बनाकर अंततः सफलता की मंजिल की ओर अग्रसर करेगी।

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साथ ही आप स्वयं भी क्रिएटिव बनें व अपनी टीम को भी क्रिएटिव बनाएं। किसी भी स्टार्टअप में कोई भी व्यक्ति अकेला नहीं होता है, बल्कि उसके साथ कई सहयोगी जुड़े होते हैं, उसके साथ कस्टमर जुड़े होते हैं और सभी को कंफर्टेबल फील होना उतना ही आवश्यक है। तो आप इस प्रकार के माहौल का निर्माण करें कि आप के साथी, कस्टमर और जो भी आप से जुड़े एसोसिएट हैं, उसमें कंफर्टेबल महसूस करें। सभी को अपनी उपस्थिति दिखाने का मौका मिले और यही वह चीज है जो आपको ग्रो करने में सहायता करेगी।

काम के घंटे बढ़ाने में हिचकें नहीं

इस पॉइंट को लेकर कई लोगों के अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन इस बात पर हर किसी को एक राय होना ही है कि किसी भी स्टार्टअप में बहुत सारे कार्य होते हैं। बहुत सारे प्रयोग फेल भी होते हैं और निश्चित रूप से ऐसे में आप को अधिक से अधिक समय चाहिए।

तो आप स्टार्टअप को किसी रूटीन जॉब की तरह लेने की बजाय अधिक से अधिक समय निकालें। अपने एसोसिएट को भी इस बात के प्रति प्रेरित करें कि वह अधिक से अधिक समय दें, ताकि स्टार्टअप की जरूरतों को पूरा किया जा सके और सही दिशा में पढ़ा जा सके। समय देने से एक एक करके आपकी तमाम समस्याएं हल होती जायेंगी, इस बात में दो राय नहीं!

प्रेशर से बचाव

स्टार्टअप में इसकी सबसे खास जरूरत होती है। कई बार आपको कोई चीज समझ में नहीं आती है और आप उस पर सर पटक रहे होते हैं।

कई तरफ से आपके ऊपर दबाव आता है और आप उसे अगर सरलता से हैंडल नहीं कर पाते हैं, तो बहुत जल्दी आप डिप्रेस हो जाएंगे। ऐसे में आपका स्टार्टअप आपके डिप्रेशन की भेंट चढ़ सकता है, इसलिए आवश्यक है कि प्रेशर में कार्य करने की स्किल्स को लगातार बेहतर करें। कभी भी  गिव अप ना करें और यही वह चीज है जो एक रास्ता खोलने में हमेशा ही सक्षम होती है।

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कार्य को प्यार करना आवश्यक 

यह बेहद महत्त्व का विषय है। अगर आप अपने कार्य को प्यार नहीं करते हैं तो आपके लिए आपका कार्य नीरस और कई बार तो बोझ तक लग सकता है। वहीं अगर अपने कार्य को आप प्यार करते हैं, अपने कार्य को किसी छोटे बच्चे की तरह पालते पहुंचते हैं, तो निश्चित रूप से यह सकारात्मक राह खोलेगा। ध्यान रहे कि आप अपने स्टार्टअप के मालिक हैं! आप अगर इसे एक बच्चे की तरह प्यार देते हैं तो आपको अपने स्टार्टअप ऑफिस में सफाई करने में भी संकोच नहीं होगा और उसके लिए बड़ी से बड़ी मीटिंग करने में भी आप खुद को स्किल कर पाएंगे, जो किसी भी स्टार्टअप में आवश्यक होती है।

इन क्वालिटीज के अलावा डिसिप्लिन भी उतना ही आवश्यक है। ध्यान रखें कि डिसिप्लिन का मतलब दूसरों पर हुक्म चलाना नहीं है, बल्कि खुद को अनुशासित करना है। आप आगे रहकर खुद को अनुशासित कर पाते हैं तो यकीन मानिए आपकी टीम भी इसे मन से स्वीकार करेगी। ऐसे में समय का प्रबंधन आपके लिए काफी आसान हो जाएगा। ज़ाहिर तौर पर आप अनुशासित होंगे, तो आप के ऑफिस के लोगों में बेहतर ट्यूनिंग नज़र आएगी, जो अंततः आपके लिए ही फायदेमंद होगी। 

- मिथिलेश कुमार सिंह