शीत ऋतु में रहें सजग, अन्यथा बन सकते हैं स्ट्रोक का सहज शिकार

शीत ऋतु में रहें सजग, अन्यथा बन सकते हैं स्ट्रोक का सहज शिकार

न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के सक्रिय सदस्य डॉ मनीष कुमार ने न्यूरो सम्बन्धी बीमारियों की प्रवृत्ति को स्पष्ट करते हुए कहा कि लगभग 50 फीसदी मामले तो विभिन्न तरह की दुर्घटनाओं से उत्पन्न होते हैं, जिनके आकस्मिक उपचार की व्यवस्था तत्क्षण करनी होती है।

कहा जाता है स्वास्थ्य ही धन है। लेकिन स्वस्थ रहने के लिए कुछ जानकारियां बेहद जरूरी हैं। मानव शरीर की रचना में नस की महत्वपूर्ण भूमिका है। इससे जुड़े रोगों के कारण और निवारण के बारे में जनस्वास्थ्य की दृष्टि से जरूरी है।इस सम्बंध में शकाई न्यूरो केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के संस्थापक न्यूरो सर्जन डॉ मनीष कुमार ने कहा कि शीत ऋतु में आमलोगों को सजग रहना चाहिए, अन्यथा ब्रेन स्ट्रोक उन्हें अपनी चपेट में ले सकता है। उन्होंने कहा कि वैसे तो सालोंभर इसकी संभावना बनी रहती है और किसी को भी हो सकता है, लेकिन विंटर सीजन में खासकर सुबह-सुबह यह लोगों को अपनी चपेट में अधिक लेता है। डॉ कुमार अपने हॉस्पिटल में न्यूरो से जुड़ी मौसमी एवं अन्य बीमारियों से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक होने पर कुछ लोग तो जागते ही नहीं हैं, जबकि कुछ लोग बेहोश रहते हैं। उन्होंने आगाह किया कि यदि किसी को हाथ या पांव में तकलीफ होती है तो उन्हें अविलम्ब किसी न्यूरो सर्जन या न्यूरो फिजिशियन से सम्पर्क करना चाहिए।

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न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के सक्रिय सदस्य डॉ मनीष कुमार ने न्यूरो सम्बन्धी बीमारियों की प्रवृत्ति को स्पष्ट करते हुए कहा कि लगभग 50 फीसदी मामले तो विभिन्न तरह की दुर्घटनाओं से उत्पन्न होते हैं, जिनके आकस्मिक उपचार की व्यवस्था तत्क्षण करनी होती है। इसके लिए वृहत चिकित्सा उपकरणों की जरूरत होती है जो सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ही उपलब्ध होती हैं। वैसे मैंने भी सभी उपकरण द्वारिका सेक्टर 9 पॉकेट 1 स्थित एसएफएस फ्लैट्स के फ्लैट नम्बर 465 में लगाए हुए हैं। 

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# न्यूरो सम्बन्धी बीमारियों की है लम्बी सूची और पनपने के ट्रेंड

संक्रमण सम्बन्धी सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि हमारी खराब आदतें, भीड़ के चलते, गर्म वातावरण से उपजी मुश्किलें और टीवी या अन्य वायरस के संक्रमण के चलते भी न्यूरो सम्बन्धी परेशानी पैदा होती हैं, जिसके सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पूरी बीमारियों में 20-25 प्रतिशत मामले ऐसे ही होते हैं। उन्होंने कहा कि माइग्रेन, स्ट्रोक, एपिलेप्सी, स्पाइन, ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन हैमरेज, पीडियाट्रिक न्यूरो सर्जरी, न्यूरो-साइकियाट्रिक डिसऑर्डर इस क्षेत्र की प्रमुख बीमारियां हैं, जिसके बारे में आमलोगों को जागरूक किये जाने की जरूरत है। उन्होंने आगे बताया कि ब्रेन ट्यूमर या दूसरी बीमारियां जो प्राकृतिक प्रक्रिया से उतपन्न होती हैं, वह कभी भी और किसी को भी हो सकती हैं।

# न्यूरो सम्बन्धी बीमारियों से बचने के लिए सुधारें अपनी आदतें

इससे बचाव सम्बन्धी सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम और योगाभ्यास के माध्यम से ऐसी बीमारियों से समय रहते ही बचा जा सकता है। उन्होंने खानपान सम्बन्धी सजगता की बात करते हुए कहा कि अत्यधिक तेल या अल्कोहल का सेवन भी न्यूरो सम्बन्धी परेशानी पैदा होने का कारण बन रहा है, जिससे बचने की जरूरत है। बता दें कि पूरे देश में न्यूरो सर्जरी व न्यूरो फिजिशियन के 2200 विशेषज्ञ चिकित्सक हैं, जो आमलोगों की सेवा को राउंड द क्लॉक ततपर रहते हैं। 

# गांव की मिट्टी से फलफूलकर महानगरों की सेवा में जुटे हैं डॉ मनीष कुमार

बता दें कि बिहार स्थित समस्तीपुर जिला के वारिसनगर प्रखंड अंतर्गत छोटी गोही ग्राम निवासी डॉ मनीष कुमार तमिलनाडु स्थित चेन्नई अपोलो हॉस्पिटल से डीएनबी (न्यूरो सर्जरी) की डिग्री वर्ष 2014 में हासिल की है, जबकि वर्ष 1997 में ही उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री मदुरै चिकित्सा महाविद्यालय से हासिल की है। 1 जनवरी 1973 को जन्म लेने वाले डॉ कुमार ने वर्ष 1987 में मैट्रिकुलेशन किया है। विशुद्ध रूप से किसान और शिक्षक परिवार की पृष्ठभूमि से निकले डॉ मनीष कुमार ने बताया कि उनके चाचा आयुर्वेद प्रैक्टिशनर थे, जिनके जनसेवा के जुनून को देखते हुए उन्होंने चिकित्सक बनने का फैसला किया। वर्तमान में वे इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, सरिता विहार, दिल्ली और महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल, पंजाबी बाग, दिल्ली में कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन भी हैं। उनसे निम्न नम्बरों पर सम्पर्क किया जा सकता है:- 8882348324, 9711025181, 011-25071890.

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार







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