दर्शकों के सब्र का इम्तिहान लेती है फिल्म 'कुलदीप पटवाल'

By प्रीटी | Publish Date: Feb 5 2018 12:52PM
दर्शकों के सब्र का इम्तिहान लेती है फिल्म 'कुलदीप पटवाल'
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इस सप्ताह प्रदर्शित फिल्म ''कुलदीप पटवाल'' शुरू से ही ट्रैक से ऐसी उतरी है कि अंत तक निर्देशक उसे पटरी पर लाने में विफल रहे। युवा निर्देशक रेमी कोहली ने विषय तो सही चुना लेकिन उन्हें पटकथा पर और मेहनत करनी चाहिए थी।

इस सप्ताह प्रदर्शित फिल्म 'कुलदीप पटवाल' शुरू से ही ट्रैक से ऐसी उतरी है कि अंत तक निर्देशक उसे पटरी पर लाने में विफल रहे। युवा निर्देशक रेमी कोहली ने विषय तो सही चुना लेकिन उन्हें पटकथा पर और मेहनत करनी चाहिए थी। फिल्म देखकर आपको भी महसूस होगा कि कहानी के मुख्य किरदार को और दमदार बनाया जा सकता था। इस फिल्म को कुछ ही स्क्रीन्स मिली हैं क्योंकि अधिकतर पर पद्मावत काबिज है और अगले सप्ताह आने वाली पैडमैन के चलते काफी स्क्रीन्स पहले ही बुक हैं। ऐसे में यह फिल्म अपनी लागत भी निकाल जाये तो बड़ी बात हो जायेगी।

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फिल्म की कहानी कुलदीप पटवाल (दीपक डोबरियाल) के इर्दगिर्द घूमती है। वह एक छोटे से गांव भारतपुर में रहता है। कुलदीप ने सरकारी नौकरी के लिए काफी हाथ पैर मारे लेकिन उसे निराशा ही हाथ लगती है। थक हार कर वह सब्जी की रेहड़ी लगाता है जब यहां भी ज्यादा कमाई नहीं होती तो एक छोटी सी परचून की दुकान खोल लेता है। उसके पिता ऑटो रिक्शा चलाते हैं और इसी के साथ उनके परिवार की गुजर बसर हो रही है। अचानक एक दिन राज्य के मुख्यमंत्री को एक रैली के दौरान गोली मार दी जाती है। उस रैली में कुलदीप भी होता है। पुलिस जब जांच शुरू करती है तो उसका शक कुलदीप पर भी जाता है। अब कुलदीप को बचाने के लिए वकील प्रदुमन शाहपुरी (गुलशन देवैया) सामने आते हैं तो दूसरी और मुख्यमंत्री की पत्नी सिमरत चड्डा (रायमा सेन) अपने पति का केस लड़ने का फैसला करती हैं। आगे क्या होता है यह बताना सस्पेंस खत्म कर देना होगा।
 
अभिनय के मामले में दीपक डोबरियाल सब पर हावी रहे। वह बिलकुल नेचुरल एक्टिंग करते हैं और उनके चेहरे के हाव-भाव काफी कुछ कह देते हैं। गुलशन देवैया ने भी काफी प्रभावित किया वह जब जब पर्दे पर आये छा गये। रायमा सेन और जमील खान ठीकठाक हैं। फिल्म में कोई गाना नहीं है। निर्देशक की सबसे बड़ी खामी यह रही कि फिल्म की आगे बढ़ने की गति काफी धीमी है। यदि कोई काम नहीं हो तो एक बार यह फिल्म देख सकते हैं लेकिन यह आपके सब्र का इम्तिहान जरूर लेगी।


 
कलाकार- दीपक डोबरियाल, रायमा सेन, परवीन डबास, जमील खान, अनुराग अरोड़ा, गुलशन देवैया और निर्देशक रेमी कोहली।
 
- प्रीटी

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