जानें दालचीनी के फायदे, उपयोग और इसके इस्तेमाल का तरीका

जानें दालचीनी के फायदे, उपयोग और इसके इस्तेमाल का तरीका

चाय लेकर सब्ज़ी तक में दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है, यहां तक की कोई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है। ब्यूटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिंपल्स वाली जगह पर दालचीनी लगाने से पिंपल्स की समस्या से छुटकारा मिलता है।

गरम मसालों का महत्वपूर्ण हिस्सा है दालचीनी जो आमतौर पर हर किचन में पाई जाती है। दालचीनी न सिर्फ भोजन का स्वाद और महक बढ़ाती है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी होते हैं जिसकी वजह से आर्युवेद में सदियों से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। दालचीनी सौंदर्य और सेहत दोनों के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

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चाय लेकर सब्ज़ी तक में दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है, यहां तक की कोई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है। ब्यूटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिंपल्स वाली जगह पर दालचीनी लगाने से पिंपल्स की समस्या से छुटकारा मिलता है। 

दालचीनी के फायदे

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दालचीनी डायबिटीज से लेकर कोलेस्ट्रॉल तक कम करने में कारगर है।

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है- दालचीनी में एंटी डायबिटिक गुण होते हैं। साथ ही इससे जुड़े एक शोध में पाया गया है कि दालचीनी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स सीरम ग्लूकोज और इंसुलिन को कम करने में कारगर है। दालचीनी को डायट में शामिल करने पर डायबिटीज के मरीज़ों का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।

मानसिक सेहत दुरुस्त रखने में मददगार- विशेषज्ञों के मुताबिक, दालचीनी की महक दिमाग को सक्रिय रखती है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में दालचीनी के सेवन से न सिर्फ याददाशत बढ़ती है, बल्कि दिमाग सुचारू रूप से अपना काम कर पाता है और यह नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियों जैसे पार्किसन व अल्जाइमर रोग को रोकने में मददगार है। दालचीनी में एंटीऑक्सिडेंट की भरपूर मात्रा होती है। एंग्ज़ाइटी और घबराहट होने पर दालचीनी वाली चाय पीना फायदेमंद होता है।

दिल को स्वस्थ रखे- दालचीनी में एंटी इंफ्लामेट्री गुण होते हैं जो शरीर के अंदर के टिशू में सूजन को कम करता है और हार्ट अटैक की संभावना को घटाता है। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के लेवल को संतुलित रखता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।

ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है- दालचीनी में कौमारिन नामक तत्व होता है, जो पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखने में मदद करता है। यह कुदरती तरीके से खून को पतला भी करता है।

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पेट संबंधी बीमारी से बचाता है- दालचीनी में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र और पेट में इंफेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है, जिससे पेट संबंधी बीमारियों से बचाव होता है।

वज़न कम करने में सहायक- हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जो लोग वज़न कम करना चाहते हैं, उनके लिए दालचीनी बहुत फायदेमंद है, तो आप भी इसे अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें।

कैसे करें दालचीनी का इस्तेमाल?

विशेषज्ञों के मुताबिक, आप निम्न तरीके से दालचीनी का सेवन कर सकते हैं।

- मसाले के रूप में दालचीनी का इस्तेमाल, इसे आप साबूत तड़के में डाल सकते हैं या सब्ज़ी की ग्रेवी में दालचीनी पाउडर का इस्तेमला किया जा सकता है।

- चुटकीभर दालचीनी पाउडर को दूध में उबालकर पी सकते हैं।

- गुनगुने पानी में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर पी सकते हैं।

- दालचीनी को शहद के मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। इससे पिंपल्स की समस्या से छुटकारा मिलता है।

- काढ़ा बनाने में भी दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है।

कितना करें सेवन?

दालचीनी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन इसके अधिक सेवन से लिवर को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में दालचीनी का ज़रूरत से अधिक सेवन करने से बचें। एक रिसर्च के अनुसार एक दिन में 0.1 mg/kg से अधिक दालचीनी का सेवन नहीं करना चाहिए।

- कंचन सिंह





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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