नाइट शिफ्ट में करते हैं काम, तो सेहत को नहीं करें नजरअंदाज

By मिताली जैन | Publish Date: Dec 12 2018 5:49PM
नाइट शिफ्ट में करते हैं काम, तो सेहत को नहीं करें नजरअंदाज
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यह देखा जाता है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोग खान−पान को लेकर बेहद लापरवाह होते हैं, जो उनकी स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ है। ऐसे लोगों को अपनी शिफ्ट शुरू होने से करीबन एक घंटा पहले ही डिनर कर लेना चाहिए।

वर्तमान समय में युवा अपने कॅरियर को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहता। ऐसी बहुत-सी इंडस्ट्री हैं जो कॅरियर के नए रास्ते तो खोलती हैं, लेकिन बदले में काम भी उतना ही करना पड़ता है। फिर चाहे दिन हो या रात, घड़ी मायने ही नहीं रखती। रात में काम करना उतना भी आसान नहीं होता, जितना वास्तव में दिखता है। इस समय काम करने वाले लोगों को अपनी सेहत के प्रति अतिरिक्त जागरूक होता पड़ता है। तो चलिए जानते हैं रात मे काम करने वाले लोग किस तरह रहें हेल्दी−
 
समय पर करें डिनर
यह देखा जाता है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोग खान−पान को लेकर बेहद लापरवाह होते हैं, जो उनकी स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ है। ऐसे लोगों को अपनी शिफ्ट शुरू होने से करीबन एक घंटा पहले ही डिनर कर लेना चाहिए। इसके अलावा ब्रंच टाइम अर्थात रात्रि में 12 से 1 के बीच जब हल्की भूख का अहसास हो तो चाय या कॉफी न पीएं। बल्कि कुछ हेल्दी फूड का चयन करें। मसलन, इस समय पॉपकार्न, नट्स या डाई नमकीन जैसे चिवड़ा लें। यह आपकी भूख भी मिटाएगा और ऊर्जा भी देगा। 
 



स्किप न हो सुबह का नाश्ता
नाइट शिफ्ट करने वाले लोगों के रूटीन में एक जो बड़ी गड़बड़ देखने को मिलती है, वह है सुबह का नाश्ता स्किप करना। दरअसल, रातभर काम करने और थकावट के कारण लोग सुबह नाश्ता छोड़कर सो जाते हैं। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं करना चाहिए। जो लोग ऐसा करते हैं, उन्हें मेटाबॉलिक डिसआर्डर की समस्या का सामना करना पड़ता है। मेटाबॉलिक डिसआर्डर अन्य कई बीमारियों जैसे शुगर व बीपी आदि को जन्म देता है।
 


पानी पर दें ध्यान
रात के समय में मौसम में काफी हद तक बदलाव आ जाता है। खासतौर से, सर्दी के मौसम में तो वैसे भी पानी की प्यास कम लगती है। जिसके कारण व्यक्ति पानी कम पीता है, लेकिन रात के समय काम करते समय वाटर इनटेक पर काम करना चाहिए। अगर काम के दौरान वाटर इनटेक पर ध्यान न दिया जाए तो इससे निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। इसलिए काम की व्यस्तता के बीच भी रात्रि में पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं।
 
 


बॉडी पॉश्चर न हो गलत
चूंकि रात के समय में व्यक्ति को स्वाभाविक तौर पर नींद आती है ही, साथ ही इस समय ऑफिस का माहौल भी काफी हद तक बदल जाता है। जिसके कारण व्यक्ति उतना अलर्ट नहीं होता, जितना दोपहर के समय होता है। इतना ही नहीं, रात को काम के समय जब व्यक्ति को नींद आती है, तो उसका बॉडी पॉश्चर भी बदल जाता है। यह गलत बॉडी पॉश्चर बैक पैन, गर्दन दर्द व अन्य कई तरह की समस्याओं की वजह बनता है। इसलिए बॉडी पॉश्चर पर भी उतना ही ध्यान दें, जितना आप अपने काम पर देते हैं।
 
-मिताली जैन

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