वाटर बर्थ प्लॉन करने से पहले जान लें यह जरूरी बातें

वाटर बर्थ प्लॉन करने से पहले जान लें यह जरूरी बातें

वाटर बर्थ प्रसव का एक नेचुरल तरीका है, जिसमें महिला को लेबर पेन शुरू होने के बाद एक बड़े पानी से भरे टब में बिठा दिया जाता है। टब में गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि महिला को दर्द कम हो और वह खुद को अधिक रिलैक्स महसूस कर सके।

एक स्त्री के लिए शिशु को जन्म देना वास्तव में स्वयं उसका दूसरा जन्म होता है। इस दौरान महिला को काफी दर्द व पीड़ा से गुजरना पड़ता है। कुछ महिलाएं तो डिलीवरी का समय नजदीक आने पर काफी घबराने भी लगती हैं। वहीं कुछ महिलाएं प्रसव के लिए सी−सेक्शन का सहारा लेती हैं। लेकिन अगर आप कम दर्द में नेचुरल डिलीवरी करना चाहती हैं तो ऐसे में वाटर बर्थ प्लॉन कर सकती हैं। वाटर बर्थ के दौरान महिला को ना सिर्फ दर्द काफी कम होता है, बल्कि इससे डिलीवरी में समय भी कम लगता है। हालांकि वाटर बर्थ से पहले आपको कुछ बातों के बारे में जानना चाहिए−

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क्या है वाटर बर्थ

वाटर बर्थ प्रसव का एक नेचुरल तरीका है, जिसमें महिला को लेबर पेन शुरू होने के बाद एक बड़े पानी से भरे टब में बिठा दिया जाता है। टब में गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि महिला को दर्द कम हो और वह खुद को अधिक रिलैक्स महसूस कर सके। इस अवस्था में महिला के शरीर का ऊपरी हिस्सा पानी से ऊपर होता है। इस नेचुरल तरीके महिला को दर्द काफी कम होता है।

ध्यान रखें यह बातें

वाटर बर्थ को बेहद प्रभावी माना गया है, हालांकि इस दौरान कुछ बातों का खास ख्याल रखना होता है, ताकि महिला को किसी तरह की समस्या ना हो और नवजात का जन्म भी सही तरह से हो सके। सबसे पहले तो कभी भी खुद से वाटर बर्थ तकनीक को ना अपनाएं। इसके लिए पहले से ही डॉक्टर से बात कर लें और उसकी सलाह पर ही इस प्रक्रिया को अपनाएं। साथ ही डिलीवरी के समय आपके साथ एक्सपर्ट का होना बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त वाटर बर्थ के लिए पूल का साइज व उसमें पानी की मात्रा सही होनी चाहिए। इतना ही नहीं, पूल में गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। पानी ना तो बहुत अधिक गर्म हो और ना ही बहुत अधिक ठंडा। इसके अतिरिक्त इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि पानी का तापमान प्रसव के दौरान एकसमान ही रहे।

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यह करें परहेज

वैसे तो वाटर बर्थ प्रोसेस को काफी सेफ व आरामदायक माना गया है। लेकिन हर महिला इस विधि को अपनाकर बच्चे को जन्म नहीं दे सकती। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और कॉम्पलीकेटिड केसेस में यह प्रक्रिया समस्या उत्पन्न कर सकती है। इसके अलावा अगर आप जुड़वा या उससे अधिक बच्चों को जन्म देने वाली हों तो भी वाटर बर्थ थेरेपी को ना अपनाएं। इसके लिए पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें और जरूरी सभी सावधानियां बरतें।

मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।