'हैप्पी हॉर्मोन' बढ़ाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 न्यूट्रिएंट्स, नहीं होगी स्ट्रेस और डिप्रेशन की बीमारी

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प्रिया मिश्रा । May 23, 2022 11:29AM
जब शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है तो तनाव और चिंता जैसी समस्याएं होती हैं। ठीक इसी तरह खुश और अच्छा महसूस करने के लिए भी हमारा शरीर सेरोटोनिन नामक हैप्पी हार्मोन रिलीज करता है। ऐसे कई न्यूट्रिएंट्स हैं जिन्हें खाने से सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है और एंक्साइटी डिप्रेशन की समस्या से बचाव होता है।

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों में तनाव का स्तर काफी अधिक बढ़ गया है। आज के समय में बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर कोई तनाव और चिंता का शिकार है। हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में तनाव या चिंता हो ना तो आम है लेकिन कभी-कभी यह चिंता इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि एंजाइटी और  डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों में बदल जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार सेहतमंद रहने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए। हमारे शरीर में हार्मोंस एक अहम भूमिका निभाते हैं। जब शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है तो तनाव और चिंता जैसी समस्याएं होती हैं। ठीक इसी तरह खुश और अच्छा महसूस करने के लिए भी हमारा शरीर सेरोटोनिन नामक हैप्पी हार्मोन रिलीज करता है। ऐसे कई न्यूट्रिएंट्स हैं जिन्हें खाने से सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है और एंक्साइटी डिप्रेशन की समस्या से बचाव होता है। आज के इस लेख में हम आपको ऐसे 5 न्यूट्रिएंट्स के बारे में बताने जा रहे हैं -

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आयरन 

स्ट्रेस को दूर रखने और हैप्पी रहने के लिए अपनी डाइट में आयरन को शामिल करें।यह शरीर में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। यह ट्रिप्टोफैन को 5HTP और 5HTP को सेरोटोनिन में बदलने में मदद करता है। इसके लिए अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, चना, कद्दू के बीज, काजू आदि चीज़ों को शामिल करें। 

ओमेगा 3 

तनाव और डिप्रेशन दूर करने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन करना फायदेमंद रहता है। रिसर्च में पाया गया है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त आहार से दिमाग पर एंटी-इंफाल्मेटरी प्रभाव होता है और ब्रेन सेल्स मजबूत बनते हैं। इससे ना सिर्फ एंग्जायटी और डिप्रेशन की शिकायत दूर होती है बल्कि नींद भी अच्छी आती है। अगर आप तनाव और डिप्रेशन से परेशान हैं तो अपनी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करें जिनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता हो। मछली, अखरोट, अलसी के बीज, ऑलिव ऑयल और हरी पत्तेदार सब्जियों आदि में ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है।  

फाइबर 

यह तो शायद आप जानते होंगे के कि वजन कम करने के लिए फाइबर युक्त खाना खाने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि फाइबर से डायजेशन में मदद मिलती है और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फाइबर युक्त भोजन करने से डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी मानसिक समस्याओं में भी फायदा होता है। रिसर्च में पाया गया है कि हाई फाइबर डाइट खाने से दिमाग में सूजन कम होती है जिससे एंग्जायटी और डिप्रेशन की शिकायत कम होती है। अपने खाने में हरी सब्जियाँ, चावल, ओट्स, दालें, बींस, और फल जैसे सेब, केला आदि शामिल करें।

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प्रोबायोटिक 

एक रिसर्च के मुताबिक हमारी गट हेल्थ का असर हमारे दिमाग पर भी होता है। रिसर्च में पाया गया है कि पेट में मौजूद बैक्टीरिया डिप्रेशन और चिंता बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक प्रोबायोटिक या खमीर से बने खाद्य पदार्थ तनाव और डिप्रेशन को दूर करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप अपने खाने में दही, इडली या एप्पल साइडर विनेगर (सेब का सिरका) शामिल कर सकते हैं। 

विटामिन डी 

विटामिन डी हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। शरीर में विटामिन डी की कमी होने से मस्तिष्क को सही पोषण नहीं मिल पता है  जिसकी वजह से व्यक्ति को डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर्स के अनुसार विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की किरणें हैं इसलिए रोजाना कुछ देर धूप में वक्त बिताना चाहिए। इसके अलावा दूध, अंडा और मशरूम में भी विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है।

- प्रिया मिश्रा 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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