इन कारणों से हो सकता है हर्निया, बचें आज ही इनसे

  •  मिताली जैन
  •  दिसंबर 18, 2019   16:31
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इन कारणों से हो सकता है हर्निया, बचें आज ही इनसे

उम्र बढ़ने के साथ−साथ व्यक्ति को कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। वैसे साठ साल या इससे अधिक उम्र होने पर हर्निया होने की संभावना भी बढ़ जाती है। दरअसल, इस उम्र में व्यक्ति की मांसपेशियां काफी कमजोर हो जाती हैं, जिससे उसे हर्निया हो सकता है।

हर्निया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर का कोई अंग सामान्य से अधिक विकसित होने लगता है। वैसे तो आमतौर पर हर्निया पेट में ही ज्यादातर देखा जाता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों जैसे जांघ के उपरी हिस्से, नाभि या कमर के आसपास भी हो सकता है। हर्निया का ऑपरेशन के जरिए इलाज संभव है, लेकिन कहते हैं ना कि रोकथाम इलाज से बेहतर है। तो क्यों ना आप भी उन कारणों को जानकर उनसे बचने का प्रयास करें, जिसके कारण आपको हर्निया हो सकता है। चलिए जानते हैं उन वजहों के बारे में−

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लंबे समय तक खांसी

अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी रहती है तो उसे हर्निया होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। लगातार खांसी आपके पेट पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इसलिए अगर आपको लगातार खांसी बनी हुई है तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर परामर्श लें और अपना इलाज शुरू करें।


अधिक वजन होना

आपको शायद पता ना हो लेकिन अधिक वजन भी कई बार हर्निया का कारण बनता है। दरअसल, जब व्यक्ति का मोटापा बढ़ने लगता है, तो मसल्स के बीच में फैट जमा हो जाता है, जिससे मसल्स पर प्रेशर पड़ता है।

बढ़ती उम्र

उम्र बढ़ने के साथ−साथ व्यक्ति को कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। वैसे साठ साल या इससे अधिक उम्र होने पर हर्निया होने की संभावना भी बढ़ जाती है। दरअसल, इस उम्र में व्यक्ति की मांसपेशियां काफी कमजोर हो जाती हैं, जिससे उसे हर्निया हो सकता है। आप समय का चक्र तो पीछे नहीं कर सकते, लेकिन अपने खानपान व व्यायाम से बढ़ती उम्र में भी अपनी मसल्स को फिट रखने की कोशिश करें।

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कब्ज होना

यह सच है कि डाइजेशन में समस्या होने पर व्यक्ति को कब्ज होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि कब्ज के कारण आपको हर्निया हो सकता है। जिन लोगों को लगातार कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें हर्निया हो सकता है। दरअसल, कब्ज से पीडि़त व्यक्ति को मल त्याग करने में दिक्कत होती है और वह अतिरिक्त जोर लगाता है, जिससे उसके पेट की मसल्स पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है। अगर आपकी पेट की मसल्स कमजोर होती हैं तो आपको हर्निया हो सकता है।

अन्य बीमारी

अगर आपको किसी अन्य तरह की बीमारी है, जैसे कि किडनी या लीवर में कोई परेशानी तो इससे भी हर्निया होने के चांसेज काफी बढ़ जाते हैं।

भारी सामान उठाना

अगर आपका काम ऐसा है कि आपको जरूरत से ज्यादा वजन उठाना पड़ता है तो भी आपको यह समस्या हो सकती है।

मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


गोद में रखकर लैपटॉप से काम करने की ना करें भूल, संतान सुख से हो जाएंगे वंचित

  •  मिताली जैन
  •  मार्च 6, 2021   17:54
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गोद में रखकर लैपटॉप से काम करने की ना करें भूल, संतान सुख से हो जाएंगे वंचित

वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ गया है और लोग घंटो−घंटो लगातार लैपटॉप पर काम करते हैं तो ऐसे में अगर लंबे समय तक लैपटॉप को गोद में रखकर काम किया जाए तो इससे निकलने वाली हीट के कारण ना सिर्फ स्पर्म काउंट कम होता है, बल्कि इससे पैरों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।

जब एक वैवाहिक जोड़ा माता−पिता बनता है तो उसका परिवार पूरा हो जाता है। शादी के कुछ समय बाद ही हर कपल अपने घर में बच्चे की किलकारी गूंजते हुए देखना चाहते हैं। लेकिन कई बार कपल्स की यह इच्छा चाहकर भी पूरी नहीं होती और लोग इसे भगवान की मर्जी समझकर निराश हो जाते हैं। लेकिन कभी−कभी यह आपकी कुछ छोटी−छोटी गलतियों के कारण भी होता है। मसलन, अगर आप लैपटॉप पर काम करते हुए उसे अपनी गोद में रखते हैं तो इससे आपकी प्रजनन क्षमता पर विपरीत असर पड़ता है। तो चलिए जानते हैं कि आपकी यह आदत किस तरह तबाह कर सकती है आपका सपना−

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शुक्राणुओं की संख्या में होती है गिरावट

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि वैसे तो लैपटॉप को गोद में रखकर काम करने से महिला और पुरूष दोनों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। लेकिन पुरूष इससे अधिक प्रभावित होते हैं। कुछ स्टडीज में यह बात सामने आई है कि लैपटॉप को गोद में रखकर काम करने से पुरूषों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन प्रभावित होते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि जब आप लैपटॉप को अपनी गोद में रखकर काम करते हैं तो इससे एक रेडिएशन निकलती है, जो पुरूषों के स्पर्म काउंट को कम कर सकती हैं।

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लंबे समय तक ना करें काम

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर लैपटॉप पर आपका महज दस−पंद्रह मिनट का काम है तो भले ही आप उसे अपनी गोद में रखकर काम कर लें। लेकिन इन दिनों जब वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ गया है और लोग घंटो−घंटो लगातार लैपटॉप पर काम करते हैं तो ऐसे में अगर लंबे समय तक या फिर काफी देर तक लैपटॉप को गोद में रखकर काम किया जाए तो इससे निकलने वाली हीट के कारण ना सिर्फ स्पर्म काउंट कम होता है, बल्कि इससे पैरों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। साथ ही साथ गलत बॉडी पॉश्चर के कारण कई तरह के हेल्थ इश्यूज हो सकते हैं। इसलिए लंबे समय तक गोद में लैपटॉप रखकर काम करने से बचना चाहिए। 

क्या करें 

भले ही आप घर पर काम कर रहे हैं, लेकिन यह अवश्य सुनिश्चित करें कि आपके वर्क एरिया के लिए एक जगह अलग से सुनिश्चित हो। साथ ही आप लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय भी टेबल को जरूर यूज करें। यह आपके लैपटॉप को आई लेवल पर रखेगा, जिससे काम करना अधिक आसान व सुरक्षित होगा।

मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


कई बीमारियों से दूर रखती हैं अनार के छिलकों की चाय, जानिए इसके फायदे

  •  मिताली जैन
  •  मार्च 5, 2021   14:42
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कई बीमारियों से दूर रखती हैं अनार के छिलकों की चाय, जानिए इसके फायदे

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि आज के व्यस्त लाइफस्टाइल में लोग अपने खानपान से लेकर एक्सरसाइज आदि पर फोकस नहीं करते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल, वसा और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती है। जिसके कारण बॉडी को डिटॉक्सिफाई करना बेहद जरूरी हो जाता है।

भारतीय घरों में हर सुबह लोग चाय पीना पसंद करते हैं। आमतौर पर चायपत्ती की मदद से बनने वाली चाय में कैफीन होता है और इसका आवश्यकता से अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर चायपत्ती की जगह अनार के छिलकों की मदद से चाय बनाई जाए तो यह बेहद ही स्वास्थ्यवर्धक होती है। इससे आपकी सेहत को कई बेहतरीन लाभ प्राप्त होते हैं, जिसके बारे में आज हम आपको बता रहे हैं−

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बॉडी को करे डिटॉक्सिफाई

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि आज के व्यस्त लाइफस्टाइल में लोग अपने खानपान से लेकर एक्सरसाइज आदि पर फोकस नहीं करते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल, वसा और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती है। जिसके कारण बॉडी को डिटॉक्सिफाई करना बेहद जरूरी हो जाता है। इसके लिए आप अनार के छिलकों से बनी चाय का सेवन करें। अनार की चाय जो एंटीऑक्सिडेंट गुणों से भरी होती है, आपके शरीर में जमा सभी टॉक्सिन्स को बाहर निकाल देती है, जिससे आप अधिक हेल्दी बनते हैं। 

बेहतर पाचन तंत्र 

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, अनार के छिलके वाली चाय पाचन तंत्र के लिए भी बेहद लाभकारी है। यह जठरांत्र संबंधी मार्ग में रोगजनक कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए आवश्यक है, जिससे पाचन तंत्र के स्वस्थ कामकाज को बढ़ावा मिलता है। अनार की चाय पीने से कोलाइटिस, डायरिया, पित्त, साल्मोनेला और अल्सर का इलाज करने में मदद मिलती है।

गले की खराश से राहत 

अगर आप बदलते मौसम में गले की खराश के कारण परेशान हैं तो ऐसे में आप अनार के छिलके की चाय बनाकर पी सकते हैं या फिर अनार के छिलकों को नमक और गर्म पानी में मिलाकर गरारे करें। ऐसा करने से गले की खराश से तुरंत राहत मिलती है।

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गुड डेंटल हाइजीन

नमक के साथ गर्म अनार के छिलके वाली चाय को दांतों के दर्द से पीडि़त लोगों को गार्गल करना चाहिए। इससे उन्हें तुरंत राहत महसूस होती है। इतना ही नहीं, इससे आपको बैड ब्रेथ और मुंह की दुर्गंध से निपटने में भी मदद मिलती है।

मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


सिर्फ दांत ही नहीं, जीभ की सफाई पर भी दें उतना ही ध्यान, इन तरीकों से करें उसे साफ

  •  मिताली जैन
  •  मार्च 4, 2021   17:28
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सिर्फ दांत ही नहीं, जीभ की सफाई पर भी दें उतना ही ध्यान, इन तरीकों से करें उसे साफ

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, एलोवेरा में एंटी−इंफलेमेटरी व हीलिंग प्रॉपर्टीज होती हैं। यह जीभ और मसूड़ों पर कीटाणुओं को मारने में मददगार साबित हो सकता है। इसके इस्तेमाल के लिए एक बड़ा चम्मच एलोवेरा का रस मुंह में लें और इसे कुछ मिनटों के लिए घुमाएँ, और इसे थूक दें।

जब भी ओरल हेल्थ की बात होती है तो आमतौर पर लोग दिन में दो बार ब्रश करना ही पर्याप्त समझते हैं। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। आपके दांतों के साथ−साथ जीभ की सफाई करना भी उतना ही जरूरी है। हालांकि कई बार जीभ की क्लीनिंग को पूरी तरह से इग्नोर किया जाता है। जिसके कारण जीभ पर एक सफेद परत जम जाती है। जिसके कारण ना सिर्फ मुंह से बदबू आती है, बल्कि इसे बैक्टीरियल इंफेक्शन होने व अन्य कई समस्याएं होने का खतरा भी रहता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि आप अपनी जीभ की सफाई किस तरह से बेहद आसानी से कर सकते हैं−

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लहसुन

आमतौर पर जब लहसुन को भोजन में शामिल किया जाता है और आप उसका सेवन करते हैं तो इससे मुंह से स्मेल आती है। लेकिन क्या आपको पता है कि यह आपकी जीभ की सफाई में भी मददगार है। दरअसल, जब इसे कच्चा खाया जाता है तो यह बैक्टीरिया को खत्म करता है, जिससे जीभ जल्दी ही क्लीन हो जाती है।

एलोवेरा का करें इस्तेमाल

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, एलोवेरा में एंटी−इंफलेमेटरी व हीलिंग प्रॉपर्टीज होती हैं। यह जीभ और मसूड़ों पर कीटाणुओं को मारने में मददगार साबित हो सकता है। इसके इस्तेमाल के लिए एक बड़ा चम्मच एलोवेरा का रस मुंह में लें और इसे कुछ मिनटों के लिए घुमाएँ, और इसे थूक दें। फिर अपने मुंह को गर्म पानी से कुल्ला करें। आप इसे दिन में कई बार दोहरा सकते हैं।

नमक आएगा काम

जीभ साफ करने के लिए नमक सबसे अच्छा और सस्ता उपाय है। यह आपकी जीभ से गंदगी व डेड स्किन सेल्स को बेहद आसानी से हटाता है। इसके लिए आप जीभ पर कुछ नमक छिड़कें और एक मिनट के लिए टूथब्रश से हल्के से ब्रश करें। फिर अपने मुंह को पानी से कुल्ला। दिन में दो बार दोहराएं। आपको पहली बार में भी अंतर नजर आएगा।

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हल्दी

हल्दी किचन में इस्तेमाल किया जाने वाला महज एक मसाला नहीं है, बल्कि यह मुंह के लिए एंटीसेप्टिक दवाओं का एक उत्कृष्ट विकल्प है। इसके इस्तेमाल के लिए आप नींबू और हल्दी को मिलाकर एक पेस्ट बनाएं। अब 2 मिनट के लिए जीभ पर इस पेस्ट को रगड़ें। आखिरी में गर्म पानी से अच्छी तरह कुल्ला करें।

मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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