फेफड़ों को नेचुरली साफ करने के लिए अपनाएं यह आसान उपाय

  •  मिताली जैन
  •  नवंबर 21, 2020   12:52
  • Like
फेफड़ों को नेचुरली साफ करने के लिए अपनाएं यह आसान उपाय
Image Source: Google

वायु प्रदूषण, सिगरेट के धुएं और अन्य विषाक्त पदार्थों में साँस लेने से फेफड़ों को नुकसान हो सकता है और यहां तक कि कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए, शरीर के बाकी हिस्सों को स्वस्थ रखने के लिए फेफड़ों का स्वास्थ्य बनाए रखना आवश्यक है।

हमारे फेफड़े हमारे लिए बहुत कुछ करते हैं। भले ही हम में से अधिकांश लोग अपने शरीर के इस अंग के बारे में नहीं सोचते, लेकिन हमें वास्तव में इसका ख्याल रखना चाहिए। दरअसल, वायु प्रदूषण, सिगरेट के धुएं और अन्य विषाक्त पदार्थों में साँस लेने से फेफड़ों को नुकसान हो सकता है और यहां तक कि कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए, शरीर के बाकी हिस्सों को स्वस्थ रखने के लिए फेफड़ों का स्वास्थ्य बनाए रखना आवश्यक है। वैसे तो फेफडे़ सेल्फ क्लीनिंग करते हैं, लेकिन फिर भी हम कुछ ऐसा कर सकते हैं, जिससे उन्हें बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सके। ऐसे कई तरीके हैं, जिनकी मदद से आप फेफड़ों को नेचुरली साफ कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इन तरीकों के बारे में−

इसे भी पढ़ें: स्मॉग से बचना चाहते हैं तो इन बातों का रखें खास ख्याल

स्टीम थेरेपी

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, फेफड़ों को नेचुरली क्लीन करने में स्टीम थेरेपी बेहद ही प्रभावशाली तरीके से काम करती है। यह आपके वायुमार्ग को खोलने और फेफड़ों के बलगम को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे आपके फेफड़ों की सफाई होती है।

एयर प्यूरिफायर का करें इस्तेमाल

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर आप अपने फेफड़ों की सफाई करना चाहते हैं तो इसके लिए आप सबसे पहले अपने घर की एयर क्वालिटी पर ध्यान दें। आप अपने घर में हवा की गुणवत्ता में सुधार करके अपने फेफड़ों को साफ करने की शुरूआत कर सकते हैं। इसके लिए आप एयर प्यूरिफायर खरीदें और उसे अपने घर में रखें।

ब्रीदिंग एक्सरसाइज का लें सहारा

यह भी फेफड़ों की क्लीनिंग का एक अच्छा तरीका है। आप कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज के जरिए अपने फेफड़ों के कार्य में सुधार कर सकते हैं। खासकर अगर आप धूम्रपान करते हैं या फिर आपको फेफड़ों से संबंधित कोई बीमारी है। तो यह ब्रीदिंग एक्सरसाइज यकीनन आपके फेफड़ों की क्लीनिंग करके उसकी कार्यक्षमता में सुधार करेंगी।

इसे भी पढ़ें: यदि रखना है फेफड़ों को स्वस्थ, तो इन चीज़ों का ज़रूर करें सेवन

ग्रीन टी का करें सेवन

आपको शायद पता ना हो लेकिन ग्रीन टी आपके फेफड़ों के लिए बेहद लाभदायक है। दरअसल, ग्रीन टी में कई एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो फेफड़ों में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इन यौगिकों से फेफड़े के ऊतकों को धुएं के संक्रमण के हानिकारक प्रभावों से भी बचाया जा सकता है।

मिताली जैन







यदि रखना है फेफड़ों को स्वस्थ, तो इन चीज़ों का ज़रूर करें सेवन

  •  शैव्या शुक्ला
  •  नवंबर 5, 2020   17:43
  • Like
यदि रखना है फेफड़ों को स्वस्थ, तो इन चीज़ों का ज़रूर करें सेवन
Image Source: Google

बदलते मौसम में भी सेहत का विशेष खयाल रखना पड़ता है। क्योंकि ज़रा सी भी लापरवाही नुकसानदेह हो सकती है। पर्यावरण प्रदूषण, धुम्रपान, पराली जलाने का धुंआ जैसी चीज़ें फेफड़ों की गतिविधियों पर नकारात्मक असर डालती हैं, जिससे फेफड़ों से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं।

पूरे भारत में लॉकडाउन जैसे-जैसे खुलने लगा है, वैसे ही प्रदूषण का स्तर भी वापस से बढ़ने लगा है। ऐसे में सेहतमंद रहने के लिए लंग्स का स्वस्थ रहना बेहद ज़रूरी हो गया है। लोग कोरोना संक्रमण के दौर में लंग्स का ज्यादा ख्याल रखने लगे हैं। बदलते मौसम में भी सेहत का विशेष खयाल रखना पड़ता है। क्योंकि ज़रा सी भी लापरवाही नुकसानदेह हो सकती है। पर्यावरण प्रदूषण, धूम्रपान, पराली जलाने का धुंआ जैसी चीज़ें फेफड़ों की गतिविधियों पर नकारात्मक असर डालती हैं, जिससे फेफड़ों से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए ज़रूरी है कि आप अपने फेफड़ों की उचित देखभाल के लिए डाइट में कुछ चीजों को शामिल करें। जिससे आप अपने फेफड़ों को हेल्दी रख सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: इन 8 शाकाहारी चीजों से नहीं होगी शरीर में प्रोटीन की कमी, बनेगी अच्छी फिटनेस!

तो चलिए जान लेते हैं कौन-कौन सी ऐसी चीज़ें हैं जो आपको अपने डाइट में ज़रूर शामिल करनी चाहिए-

हल्दी- 

वैसे तो हर एक भारतीय व्यंजन में हल्दी का इस्तेमाल होता ही है लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद भी है। क्योंकि इसमें कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हमें संक्रमण से दूर रखते हैं। सीने में जकड़न, भारीपन, सांस लेने में दिक्कत, जैसी समस्या में हल्दी का सेवन फायदेमंद होता है। 

पेपरमिंट टी- 

यदि हमें लंग्स को स्वस्थ रखना है तो डाइट में पेपरमिंट टी को ज़रूर शामिल करना चाहिए। पेपरमिंट टी का सेवन लंग्स की सफाई करने का काम करता है, जिससे लंग्स हेल्दी रहते हैं। आप दिन में एक से दो बार पेपरमिंट टी का सेवन कर सकते हैं क्योंकिल यह लंग्स को इंफेक्शन से लड़ने के लिए मज़बूत बनाता है।  

शहद- 

शहद में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो लंग्स को मज़बूत बनाए रखने में सहायक होते हैं। आप फेफड़ों का डिटॉक्सिफिकेशन करने के लिए सुबह एक गिलास नींबू पानी में शहद का सेवन कर सकते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है और फेफड़ों की कई समस्याओं को दूर रखता है।  

टमाटर- 

टमाटर में लाइकोपीन नामक तत्व होता है, जो कि एक कैरोटीनॉयड एंटीऑक्सिडेंट है। यह फेफड़ों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करता है। टमाटर को अपनी डाइट में शामिल करने से लंग्स की तकलीफ को कम किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: शतावरी नहीं है किसी चमत्कारी बूटी से कम, इसके फायदे जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

ब्रोकली- 

ब्रोकली एक बड़ी ही फायदेमंद सब्जी है, जिसे अलग-अलग तरीके जैसे सब्जी बनाकर, सलाद या फिर स्नैक्स में खा सकते हैं। ब्रोकली में एंटी-ऑक्सीडेंट्स के अलावा कई ऐसे गुण होते हैं जो सांस से जुड़ी परेशानियों से राहत दिलाने में कारगर है। यदि फेफड़ों को मज़बूत बनाना है, तो अपनी डाइट में ब्रोकली को ज़रूर शामिल करें।

सेब व अनार- 

यह दोनों ही फल लंग्स की क्लीनिंग में बड़ा रोल प्ले करता है। सेब में विटमिन ई और सी दोनों पाए जाते हैं। लंग्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचने के लिए आपको अपनी डेली डायट में एक अनार और एक सेब ज़रूर शामिल करना चाहिए। आप चाहें तो इनका जूस भी पी सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि जूस ताज़े फलों से बना हुआ हो, ना कि आपको पैक्ड जूस लेना है।

- शैव्या शुक्ला







फेफड़ों को हेल्दी बनाए रखने के लिए खाएं यह चीजें

  •  मिताली जैन
  •  मार्च 13, 2020   15:09
  • Like
फेफड़ों को हेल्दी बनाए रखने के लिए खाएं यह चीजें
Image Source: Google

फेफड़ों को हेल्दी बनाए रखने के लिए विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा कैरोटिन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। यह सभी पोषक तत्व सेब में पाए जाते हैं। इसके अलावा सेब में एंटी−ऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं जो आपके फेफड़ों को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं।

फेफड़े हमारे शरीर को अच्छी तरह काम करने में मदद करते हैं। हालांकि हमारे फेफड़े सिर्फ हवा ही नहीं, प्रदूषण व स्मोकिंग की खतरनाक हवा का भी भीतर लेते हैं। ये प्रदूषक सांस की स्वास्थ्य समस्याओं जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सिस्टिक फाइब्रोसिस और अन्य लोगों में निमोनिया के खतरे को बढ़ाते हैं। हालांकि फेफड़ों को स्वस्थ रखने का एक आसान तरीका है कि आप नियमित रूप से व्यायाम करें और हेल्दी फूड खाएं। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे आहार के बारे में बता रहे हैं, जो आपके फेफड़ों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है−

सेब

रिसर्च बताती हैं कि फेफड़ों को हेल्दी बनाए रखने के लिए विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा कैरोटिन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। यह सभी पोषक तत्व सेब में पाए जाते हैं। इसके अलावा सेब में एंटी−ऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं जो आपके फेफड़ों को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं।

इसे भी पढ़ें: हड्डियों को मजबूत बनाने से लेकर कलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करती है सेम

अखरोट

अखरोट ओमेगा−3 फैटी एसिड का एक मुख्य स्रोत है। सिर्फ मुट्ठी भर अखरोट खाने से अस्थमा और अन्य सांस संबंधी बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। अखरोट आपके फेफड़ों को हेल्दी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


ब्रोकली

ब्रोकोली में विटामिन सी कंटेट, कैरोटीनॉयड, फोलेट और फाइटोकेमिकल्स आदि पाया जाता है जो फेफड़ों में हानिकारक तत्वों से लड़ते हैं। इसलिए हेल्दी फेफड़ों के लिए ब्रोकली का सेवन जरूर करना चाहिए।

अदरक

अदरक में ना सिर्फ एंटी−इंफलेमेटरी प्रॉपर्टीज पाई जाती है, बल्कि यह शरीर को डिटॉक्सीफाई करने और फेफड़ों से प्रदूषक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा अदरक कंजेशन से आराम दिलाने और फेफड़ों के परिसंचरण में सुधार करता है। जिससे आपके फेफड़े हेल्दी बनते हैं।

अलसी के बीज

एक अध्ययन के अनुसार, अलसी के बीज लंग टिश्यू को प्रोटेक्ट करने में मदद करते हैं। ऐसे में फेफड़ों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अलसी केे बीज का सेवन करना एक अच्छा विचार है।

इसे भी पढ़ें: सही मात्रा में कैलोरी ना लेने से शुरू हो जाती हैं यह समस्याएं

लहसुन

लहसुन में फ्लेवोनॉयड्स होते हैं जो ग्लूटाथियोन के उत्पादन को उत्तेजित करते हैं और विषाक्त पदार्थों व कार्सिनोजेन्स के उन्मूलन को बढ़ाने में मदद करता है। जिसके कारण आपके फेफड़ों को बेहतर कार्य करने में मदद मिलती है। 

पानी

शरीर के लिए पानी से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। पानी आपके बॉडी प्रोसेस को डिटॉक्सीफाई करने का एक बेहतर तरीका है। इसके अलावा, सूखे फेफड़ों में जलन और सूजन बढ़ने की संभावना होती है। इसलिए, अपने आप को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखने के लिए आपको छह से आठ गिलास पानी पीना चाहिए। 

मिताली जैन







छाती में दर्द के हो सकते हैं कई कारण, इस तरह कर सकते हैं बचाव

  •  मिताली जैन
  •  जनवरी 21, 2019   17:04
  • Like
छाती में दर्द के हो सकते हैं कई कारण, इस तरह कर सकते हैं बचाव
Image Source: Google

पसलियों में चोट जैसे खरोंच आना, टूटना या फिर फ्रैक्चर होने पर भी व्यक्ति छाती में दर्द का अनुभव करता है। जब व्यक्ति की पसली चोटिल होती है तो उसके कारण व्यक्ति को असहनीय दर्द व पीड़ा का अनुभव होता है और कभी−कभी इससे छाती में भी दर्द होता है।

ठंड का मौसम हृदय रोगियों के लिए घातक माना जाता है। इस मौसम में अकसर हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं और कई लोगों की ठंड बढ़ने पर छाती में दर्द की समस्या भी हो सकती है। जब कभी छाती में दर्द की समस्या बढ़ती है तो इसे हार्ट अटैक समझ लिया जाता है, परंतु वास्तव में अन्य कई कारणों के चलते भी सीने में दर्द की समस्या होती है। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में−

इसे भी पढ़ेंः मसाला ही नहीं सेहत का खजाना भी है काली मिर्च

मांसपेशियों में खिंचाव

हर बार छाती में दर्द का संबंध हृदय से नहीं जुड़ा होता। कई बार मांसपेशियों में सूजन व पसलियों के आसपास टेंडन्स के कारण भी सीने में दर्द की समस्या हो सकती है। वहीं अगर यह दर्द काफी हद तक बढ़ जाए तो यह मांसपेशियों में खिंचाव का भी लक्षण हो सकता है।

पसली का चोटिल होना

पसलियों में चोट जैसे खरोंच आना, टूटना या फिर फ्रैक्चर होने पर भी व्यक्ति छाती में दर्द का अनुभव करता है। दरअसल, जब व्यक्ति की पसली चोटिल होती है तो उसके कारण व्यक्ति को असहनीय दर्द व पीड़ा का अनुभव होता है और कभी−कभी इससे छाती में भी दर्द होता है।


पेप्टिक अल्सर

आमतौर पर, पेट की परत में घाव को ही पेप्टिक अल्सर कहा जाता है। हालांकि इससे तीव्र दर्द नहीं होता लेकिन फिर भी यह छाती में दर्द पैदा कर सकते हैं। दरअसल, पेट में अल्सर और गैस्टिक जब ऊपर छाती की तरफ जाती है तो इससे छाती में दर्द होता है। इससे निजात पाने के लिए दवाइयों का सहारा लिया जा सकता है। 

इसे भी पढ़ेंः यह फायदे जानकर आज से ही मशरूम खाना शुरू कर देंगे आप!

अस्थमा

सर्दी का मौसम अस्थमा रोगियों के लिए तकलीफदेह माना जाता है क्योंकि इस मौसम में उनकी समस्या बढ़ जाती है। इतना ही नहीं, अस्थमा के चलते सीने में दर्द की शिकायत का भी व्यक्ति को सामना करना पड़ सकता है। अगर आपको सीने में दर्द के साथ−साथ सांस लेने में तकलीफ, खांसी, आवाज में घरघराहट हो तो यह अस्थमा के कारण हो सकता है।

फेफड़ों में परेशानी

जब फेफड़ों और पसलियों के बीच की जगह में हवा बनती है तो फेफड़ों में समस्या उत्पन्न होती है और जिससे सांस लेते समय अचानक सीने में दर्द होने लगता है। इतना ही नहीं, इस स्थिति में व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, थकान व हृदय गति के बढ़ने का भी अनुभव होगा।


इसे भी पढ़ेंः ठंड के मौसम में अवश्य खाएं मक्का की रोटी, मिलेंगे लाभ ही लाभ

एसोफैगल सकुंचन विकार

एसोफैगल संकुचन विकार वास्तव में भोजन नली में ऐंठन या सूजन को कहा जाता है। इन विकारों के चलते भी व्यक्ति को सीने में दर्द होता है। एसोफैगसे वह नली है जो गले से पेट तक जाती है। एसोफैगस जहां पेट से जुड़ती है, वहां पर इसकी परत की एक अलग प्रकार की कोशिकीय बनावट होती है और उसमें विभिन्न केमिकल्स का रिसाव करने वाली अन्य कई तरह की संरचनाएं होती हैं। कभी−कभी जब इनमें समस्या होती है तो व्यक्ति को छाती में दर्द का अनुभव होता है।

निमोनिया

निमोनिया जैसे फेफड़ों के संक्रमण से सीने में तेज दर्द होता है। निमोनिया होने पर व्यक्ति को सीने में दर्द तो होता है ही, साथ ही बुखार, ठंड लगना और बलगम वाली खांसी की शिकायत भी होती है।

-मिताली जैन