• कोरोना के बाद शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए अपनाएं यह टिप्स

मिताली जैन Jun 09, 2021 14:31

अगर भोजन में पर्याप्त मात्रा में फाइबर युक्त आहार को शामिल किया जाए तो इससे आपको कई लाभ मिलते हैं। यह पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने के लिए मदद तो करता है ही, साथ ही इससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना भी काफी आसान हो जाता है।

पिछले कुछ समय से कोरोना वायरस से ठीक हो चुके कई लोगों में इसे आफ्टर इफेक्ट्स देखने को मिल रहे हैं और इन्हीं में से एक है शरीर में शुगर लेवल को मैनेज करना। दरअसल, जब हम बीमार होते हैं या वायरल संक्रमण होता है या यदि हमारा शरीर किसी गंभीर आघात या संक्रमण से गुजरता है, तो हमारे शरीर में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। इतना ही नहीं, इस दौरान स्टेरॉयड का सेवन इस समस्या को और भी अधिक बढ़ा देता है। आपको शायद पता ना हो लेकिन स्टेरॉयड हमारे शरीर को इंसुलिन प्रतिरोधी बनाते हैं। इसका मतलब है कि हमारा शरीर अभी भी इंसुलिन का उत्पादन करता है लेकिन यह इंसुलिन पहले की तरह प्रभावी ढंग से काम नहीं करता है, इसलिए हमारे रक्त शर्करा में वृद्धि होती है। इसलिए, स्टेरॉयड का उपयोग केवल कोविड के मध्यम से गंभीर मामलों में ही किया जाना चाहिए। हो सकता है कि आपने कोरोना को मात दे दी हो, लेकिन शरीर में बढ़ा हुआ शुगर लेवल आपके लिए समस्या बन जाए। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं जो शरीर में शुगर लेवल को कम करने में मददगार साबित होंगे− 

इसे भी पढ़ें: जानिए क्या होता है डी−डाइमर टेस्ट और कोरोना मरीज क्यों दे रहे हैं इस टेस्ट को प्राथमिकता

दालचीनी पाउडर का करें इस्तेमाल 

डायटीशियन के अनुसासर, दालचीनी में कुछ ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं, जो हमारे भोजन के ग्लाइसेमिक नियंत्रण में मदद करते है और इसके सेवन से रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने में मदद करती है। इसलिए आप कोशिश करें कि आप दिन में आधा से एक चम्मच दालचीनी पाउडर को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। आप इसे अपने दूध से लेकर सलाद व मेन मील आदि में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, दालचीनी का उपयोग करते समय, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कैसिया किस्म की दालचीनी का अधिक सेवन लीवर के लिए विषाक्त हो सकता है, इसलिए सीलोन दालचीनी का उपयोग करना पसंद करें। 

फाइबर पर जरूर करें फोकस

अगर भोजन में पर्याप्त मात्रा में फाइबर युक्त आहार को शामिल किया जाए तो इससे आपको कई लाभ मिलते हैं। यह पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने के लिए मदद तो करता है ही, साथ ही इससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना भी काफी आसान हो जाता है। अगर आप अपने आहार में फाइबर की मात्रा को बढ़ाना चाहते हैं तो सफेद को मल्टीग्रेन से बदलें। अधिकांश गेहूं के आटे को संसाधित किया जाता है और चोकर की पौष्टिक परत को हटा दिया जाता है। चोकर जोड़ने से शर्करा कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, छिलके वाली सब्जियों का सेवन करें और ताजे फल खाएं। याद रखें, बीज और छिलके वाले ताजे फल आपके शर्करा को नहीं बढ़ाते हैं, लेकिन एक प्रोसेस्ड या पैकेजिंग में मिलने वाले जूस से परहेज करें, क्योंकि इसे प्रिजर्व करने के लिए अतिरिक्त चीनी मिलाया जाता है। फाइबर, प्रोटीन जैसे दालें, अंडे, लीन चिकन, कम वसा वाला दूध, छाछ, दही, क्विनोआ, बाजरा, नट और बीज, ताजे फल और सब्जियां और ऑर्गेनिक कोल्ड प्रेस्ड ऑयल ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए सबसे अच्छे आहार हैं।

इसे भी पढ़ें: कोरोना काल में खान-पान पर इस तरह दें विशेष ध्यान, करें यह एक्साइज

सेब का सिरका आजमाएं

यह भी एक तरीका है, जिसकी मदद से ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है। दरअसल, सिरके में एसिटिक एसिड होता है जो शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसलिए, सोने से पहले 1−2 बड़े चम्मच एप्पल साइडर विनेगर का सेवन करने से सुबह फास्टिंग ग्लूकोज को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सिर्फ सिरके का सेवन न करें। हमेशा इसे पानी में घोलकर पीएं। वैसे अगर आप चाहें तो भोजन के बाद 1 चम्मच सेब का सिरका भी पानी के साथ ले सकते हैं। 

अपने डॉक्टर से करें बात

हेल्थ एक्सपर्ट यह सलाह देते हैं कि जो लोग खुद से अपने ब्लड में शुगर लेवल को मैनेज नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि वह अपने चिकित्स से परामर्श लें। अगर आपका शुगर हाई है तो घबराएं नहीं। आप अपने डॉक्टर की सलाह पर अस्थायी रूप से इंसुलिन या अन्य रक्त शर्करा कम करने वाली दवाओं जैसी कुछ दवाओं का सेवन करके स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं। 

मिताली जैन