आलस्य को भगाना है दूर तो जरूर करें यह योगासन

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मिताली जैन । Feb 25, 2021 4:53PM
योगा एक्सपर्ट बताते हैं कि यह आसन सुस्ती या आलस्य को दूर भगाने के लिए बेहद ही लाभकारी साबित होता है। इसके लिए आप सबसे पहले एक आरामदायक मुद्रा में बैठें। अब अपनी आँखें बंद करो। अपने बाएं हाथ को अपने घुटने पर रखें।

आलस्य के कारण अक्सर लोग अपना काम कल पर टाल देते हैं। खासतौर से, सुबह के समय जब बिस्तर छोड़ने का समय होता है तो उस समय बहुत अधिक आलस्य आता है और मन करता है कि कुछ देर और सो लिया जाए। हो सकता है कि आपके साथ भी हर दिन कुछ ऐसा ही होता हो। ऐसे में आप कुछ बेहद आसान योगासनों का नियमित अभ्यास करके अपनी सुस्ती को दूर भगा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इन योगासनों के बारे में−

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सूर्य भेदी प्राणायाम

योगा एक्सपर्ट बताते हैं कि यह आसन सुस्ती या आलस्य को दूर भगाने के लिए बेहद ही लाभकारी साबित होता है। इसके लिए आप सबसे पहले एक आरामदायक मुद्रा में बैठें। अब अपनी आँखें बंद करो। अपने बाएं हाथ को अपने घुटने पर रखें। वहीं दाहिने हाथ की दो उंगलियों की मदद से दाहिने नथुने पर दबाव डालें। अब बाएं नथुने के माध्यम से श्वास लें, एक पल के लिए सांस को बनाए रखें, अपने दाहिने नथुने से अपना हाथ हटाएं, अपने बाएं नथुने को कवर करें और दाएं से श्वास छोड़ें। अब इसी प्रक्रिया को दोहराएं। बाएं नथुने के माध्यम से साँस लेना और दाईं ओर से साँस छोड़ना। ऐसा दो मिनट तक करें।

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वज्रासन

यह ध्यानात्मक आसन हैं। मन की चंचलता को दूर करता है। भोजन के बाद किया जानेवाला यह एक मात्र आसन हैं। इसकी मदद से ना सिर्फ भोजन का पाचन सही तरह से होता है, बल्कि इससे सुस्ती भी दूर होती है। वज्रासन करने के लिए आप अपने दोनों पैरों को पीछे की तरफ मोड़ते हुए घुटनों के बल बैठ जाएं। कमर, पीठ और कंधे सीधे रखें। गर्दन को सीधा रखते हुए मुंह सामने की तरफ रखें। दोनों हाथों को घुटनों के ऊपर या ध्यान मुद्रा में गोद में रखें। आंखें बंद कर मन को शांत करने का प्रयास करें और गहरी सांसे लें।

पश्चिमोत्तानासन

योगा एक्सपर्ट के साथ यह आसन ना सिर्फ आपकी सुस्ती दूर करता है, बल्कि यह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में भी लाभकारी है। साथ ही इस आसन के अभ्यास से पीठ व पेट के निचले अंगों का व्यायाम हो जाता है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए मैट पर बैठ जाएं और अपने पैरों को सामने की तरफ फैलाएं। अब अपनी बाहों को ऊपर की ओर उठाएं। इस समय आपकी पीठ एकदम सीधी होनी चाहिए। अब अपने निचले शरीर पर अपने ऊपरी शरीर को रखने के लिए सांस छोड़ते हुए कूल्हे को आगे की ओर झुकाएं। अपनी हाथ उंगलियों से अपने बड़े पैर की उंगलियों को पकड़ने की कोशिश करें। कुछ देर इसी अवस्था में रूकें। इसके बाद आप पुनः सामान्य स्थिति में लौट आएं।

मिताली जैन

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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