खुद को फिट रखने के लिए शिल्पा शेट्टी की तरह करें वीरभद्रासन

खुद को फिट रखने के लिए शिल्पा शेट्टी की तरह करें वीरभद्रासन

शिल्पा के अनुसार, यह उनके लिए सकारात्मक, केंद्रित और संतुलित रहने का सबसे अच्छा उपाय है। सबसे शांत लेकिन स्फूर्तिदायक दिनचर्या में से एक है 'वीरभद्रासन, मलासन, और गतिशील हिप ओपनिंग। इन योग आसनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के असंख्य लाभ हैं।

शिल्पा शेट्टी अपनी पर्सनल लाइफ में इन दिनों एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। पति राज कुन्द्रा के जेल जाने के बाद शिल्पा को लेकर हर दिन नई−नई तरह की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि, इस बुरे दौर में भी शिल्पा ने अपने मन को शांत रखने के लिए योग का सहारा लिया है। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीरभद्रासन करते हुए एक वीडियो शेयर की है। साथ ही उन्होंने इस वीडियो के साथ वीरभ्रदासन करने के फायदों के बारे में भी बताया है। तो चलिए जानते हैं वीरभद्रासन करना आपके लिए किस तरह होगा लाभदायक−

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योग है बेहद महत्वपूर्ण

इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने अपने जीवन में योग का महत्व बताया है। शिल्पा के अनुसार, यह उनके लिए सकारात्मक, केंद्रित और संतुलित रहने का सबसे अच्छा उपाय है। सबसे शांत लेकिन स्फूर्तिदायक दिनचर्या में से एक है 'वीरभद्रासन, मलासन, और गतिशील हिप ओपनिंग। इन योग आसनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के असंख्य लाभ हैं।

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शिल्पा ने बताए वीरभद्रासन के फायदे

वहीं अगर वीरभद्रासन के फायदों की बात हो तो उसके बारे में भी शिल्पा ने इस पोस्ट में बताया है। शिल्पा ने लिखा है कि वीरभद्रासन जांघों, पिंडलियों, टखनों, बाहों, कंधे और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और खिंचाव में मदद करता है। यह बॉडी पॉश्चर, फोकस, संतुलन, स्थिरता में भी सुधार करता है, और परिसंचरण और श्वसन के लिए बहुत अच्छा है।

 

ऐसे करें वीरभद्रासन

वीरभद्रासन करना बेहद ही आसान है। इसे करने के लिए आपको कुछ स्टेप्स को फॉलो करना होगा। 

- सबसे पहले मैट बिछाकर उसके ऊपर एकदम सीधे खड़े हो जाएं।

- अब दोनों पैरों को थोड़ा ओपन करें।

- अब अपने एक साइड पर अपने पैरों को टि्वस्ट करें। इस दौरान आप आगे वाले पैर के घुटने को 90 डिग्री के एंगल पर मोड़ें।

- अब आप अपने दोनों हाथों को सिर के उपर ले जाते हुए नमस्कार मुद्रा बनाएं।

- अब अपनी कमर को मोड़ते हुए जितना संभव हो सके, पीछे की ओर झुकें और कुछ देर के लिए इसी पॉश्चर में रूकें।

- उसके बाद आप सामान्य अवस्था में लौट आएं।

- अब दूसरी साइड से भी यही प्रोसेस दोहराएं।

- आप बारी−बारी से दोनों पैरों से इस आसन का अभ्यास करें। आप अपनी क्षमतानुसार इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं।

- मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।