• पाचन तंत्र को मजबूत बनाने से लेकर वजन कम करता है नौकासन

मिताली जैन May 14, 2020 16:54

नौकासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों को आपस में जोड़ लें। साथ ही अपने हाथों को भी शरीर से सटाकर रखें। अब गहरी सांस लें और फिर सांस छोड़ते हुए अपने सिर, पैर, छाती व हाथों को ऊपर की ओर उठाएं।

आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल जिस तरह का है, उसके कारण लोगों को कई तरह की पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, मोटापा आज हर घर की समस्या बन चुका है। ऐसे में अधिकतर लोग अपनी समस्या के समाधान के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो योगाभ्यास के जरिए भी मोटापे को कम करने के साथ−साथ पाचन संबंधी व अन्य कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। ऐसा ही एक प्रभावशाली योगासन है नौकासन। नौकासन का अभ्यास करते समय शरीर एक नौका की भांति हो जाता है। नौकासन का नियमित रूप से अभ्यास करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में−

इसे भी पढ़ें: हाई कोलेस्ट्रॉल से हैं परेशान तो इन घरेलू उपायों की मदद से करें इसे कम

करने का तरीका

नौकासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों को आपस में जोड़ लें। साथ ही अपने हाथों को भी शरीर से सटाकर रखें। अब गहरी सांस लें और फिर सांस छोड़ते हुए अपने सिर, पैर, छाती व हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। ध्यान रखें कि आपके पैर घुटने से मुड़े हुए नहीं होने चाहिए। इस दौरान आप अपने पेट में खिंचाव को महसूस करें और अपना पूरा वजन हिप्स के ऊपर बैलेंस करें। कुछ क्षण क्षमतानुसार इसी अवस्था में रहें। इसके बाद धीरे−धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं। इसके बाद दोबारा नौकासन का अभ्यास करें।

बरतें सावधानी

नौकासन वैसे तो हर व्यक्ति के लिए लाभकारी है। लेकिन कुछ व्यक्तियों को इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए। जैसे अगर आपका हाल ही में पेट से जुड़ा कोई ऑपरेशन हुआ हो या फिर आपको अस्थमा, दिल की बीमारी, कम ब्लड प्रेशर, रीढ़ की हड्डी में समस्या या फिर माइग्रेन हो। इसके अलावा महिलाओं को गर्भावस्था व मासिक धर्म के शुरूआती दिनों में भी ना करने की सलाह दी जाती है। 

इसे भी पढ़ें: सिर्फ कोरोना वायरस ही नहीं, हाथ धोकर इन बीमारियों से भी बचा जा सकता है

मिलते हैं यह लाभ

नौकासन व्यक्ति के लिए कई रूपों में लाभकारी है। इसके अभ्यास से व्यक्ति को पाचन संबंधी विकार जैसे अपच, पेट फूलना, बदहजमी, गैस, कब्ज आदि दूर हो जाते हैं।

इसका नियमित अभ्यास से व्यक्ति का बढ़ा हुआ पेट धीरे−धीरे कम होने लगता है।

इसे भी पढ़ें: बॉडी को टोन करने में मदद करता है उत्कटासन, अवश्य करें अभ्यास

हर्निया के रोगियों के लिए भी यह लाभदायी है। लेकिन ऐसे व्यक्ति को प्रशिक्षक की देखरेख में ही यह योगासन करना चाहिए।

अगर आपको बार−बार कमर में दर्द होता है तो इस आसन के अभ्यास से आपको लाभ मिलेगा। नौकासन आपके मेरूदंड को मजबूत बनाने में मददगार होता है।

मिताली जैन