निमोनिया होने पर नजर आते हैं यह लक्षण, ऐसे करें बचाव

निमोनिया होने पर नजर आते हैं यह लक्षण, ऐसे करें बचाव

श्वसन संक्रमण से खुद को बचाने के लिए आप अपने हाथों को नियमित रूप से धोएं या फिर अल्कोहल−आधारित हैंड सेनिटाइज़र का उपयोग करें। धूम्रपान से परहेज करें। धूम्रपान आपके फेफड़ों के श्वसन संक्रमण के खिलाफ प्राकृतिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाता है।

निमोनिया को लोग आमतौर पर साधारण स्वास्थ्य समस्या मानते हैं, लेकिन यह समस्या इतनी भी साधारण नहीं है। अगर इसका समय रहते सही तरह से इलाज ना किया जाए तो व्यक्ति की जान पर भी बन आती है। निमोनिया होने पर हमारे फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं और इससे श्वसन प्रणाली प्रभावित होते हैं। इस संक्रमण में एक या दोनों फेफड़ों के वायु के थैलों में द्रव या मवाद भर जाता है और सूजन आ जाती है, जिससे बलगम या मवाद वाली खांसी, बुखार, ठंड लगने और सांस लेने में तकलीफ होने जैसी समस्या हो सकती है। निमोनिया होने पर व्यक्ति को कई तरह के लक्षण नजर आते हैं और आप कुछ आसान उपायों के जरिए इससे खुद का बचाव कर सकते हैं। तो चलिए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में−

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लक्षण

निमोनिया के लक्षण हल्के से गंभीर तक हो सकते हैं, जो संक्रमण के कारण, रोगाणु के प्रकार, आपकी उम्र व स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। सामान्य लक्षण अक्सर सर्दी या फ्लू के समान होते हैं, लेकिन वे लंबे समय तक रहते हैं। अन्य लक्षण हैं−

- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द

- 65 वर्ष व उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में मानसिक भ्रम की स्थिति 

- खांसी, जो कफ पैदा कर सकती है

- थकान

- बुखार, पसीना और कंपकंपी ठंड लगना

- सामान्य शरीर के तापमान से कम (65 वर्ष से अधिक आयु के वयस्कों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में)

- मतली, उल्टी या दस्त

- सांस लेने में परेशानी


रिस्क फैक्टर

निमोनिया यूं तो भी किसी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। लेकिन दो साल व उससे कम उम्र के बच्चों तथा 65 वर्ष व उससे अधिक उम्र के लोगों में इसका रिस्क फैक्टर सबसे ज्यादा होता है।

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बचाव

अगर आप चाहते हैं कि आपको निमोनिया प्रभावित ना करे तो इसके लिए आप कुछ उपाय अपना सकते हैं। जैसे−

निमोनिया और फ्लू से बचाव के लिए टीके उपलब्ध हैं। आप डॉक्टर की सलाह पर यह टीके लगवा सकते हैं।

हाईजीन का ख्याल रखकर भी संक्रमण से बचा जा सकता है। श्वसन संक्रमण से खुद को बचाने के लिए आप अपने हाथों को नियमित रूप से धोएं या फिर अल्कोहल−आधारित हैंड सेनिटाइज़र का उपयोग करें।

धूम्रपान से परहेज करें। धूम्रपान आपके फेफड़ों के श्वसन संक्रमण के खिलाफ प्राकृतिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाता है।

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अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखें। पर्याप्त नींद लें, नियमित व्यायाम करें और स्वस्थ आहार लें। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली किसी भी तरह के संक्रमण को आपके शरीर को प्रभावित होने से रोकता है।

मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।